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Lalitpur News: मरीजों की जान से खिलवाड़... बिना आग से बचाव के चल रहे नर्सिंग होम

Sun, 11 Feb 2024 01:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Feb 2024 01:40 AM IST
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Playing with patients' lives... Nursing homes running without fire protection
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जिला मुख्यालय पर चल रहे 11 नर्सिंग होमों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इन अस्पतालों के संचालकों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) तक नहीं ली है। स्वास्थ्य विभाग ने भी आग के बचाव का इंतजाम देखे बिना ही इनका पंजीयन कर दिया, ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
नर्सिंग होम के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग में आवेदन करना होता है। विभाग के अधिकारी नर्सिंग होम में मानकों की जांच करते हैं। आग से बचाव के इंतजाम भी जरूरी होते हैं। इसी आधार पर अग्नि शमन विभाग से एनओसी मिलती है। सभी मानक पूरे होने पर स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन किया जाता है। प्रति वर्ष नर्सिंग होम के पंजीयन का नवीनीकरण कराना होता है। लेकिन, यहां संचालित 11 नर्सिंग होम में किसी ने भी अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है। यानी, यहां मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। कोर्ट का सख्त आदेश है कि भवन के बेसमेंट में वाहन पार्किंग के अलावा कोई भी कार्य नहीं होगा, इसके बावजूद कई नर्सिंग होम के बेसमेंट में पैथोलॉजी, एनआईसीयू व एक्स-रे जांच तक हो रही है। मानक के अनुरूप अग्निशमन यंत्र व सुरक्षा संबंधी उपकरण भी उपलब्ध नहीं हैं।
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खर्च बचाने के लिए नहीं लेते एनओसी
नर्सिंग होम के निर्माण में संचालक करोड़ों लगा देते हैं, लेकिन मरीजों की सुरक्षा के लिए बचाव के इंतजाम करने में कंजूसी दिखाते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आग से बचाव के इंतजाम पूरे करने में पांच से सात लाख रुपये खर्च आता है। इस खर्च से बचने के लिए वे अग्निशमन विभाग से एनओसी ही नहीं लेते और अधिकारियों से साठगांठ कर पंजीयन करा लेते हैं।
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नर्सिंग होम में आग से बचाव के इंतजाम के ये हैं मानक
- अस्पताल में दो सीढ़ी होनी चाहिए, निकास द्वार के सामने किसी तरह का अवरोध न हो।
- नर्सिंग होम में दो दरवाजे हों, साथ ही पर्याप्त वेंटिलेशन होना चाहिए।
- अस्पताल में रैंप और सीढ़ियों की चौड़ाई 1.2 मीटर होनी चाहिए।
- अस्पताल तक पहुंचने के लिए चौड़ा रास्ता होना चाहिए।
- नर्सिंग होम में इमरजेंसी में बाहर निकलने के लिए भी एक गेट होना चाहिए।
- अस्पताल में स्प्रिंकलर, फायर अलार्म, पानी की पाइप लाइन होनी चाहिए।
- 50 हजार लीटर का टैंक जमीन के अंदर और 10 हजार लीटर का छत पर होना चाहिए।
- तीन मंजिल से ऊपर की इमारतों में फायर इस्टिंग्यूसर, वेटराइजर, होजरील सभी तल पर होना चाहिए।
- बेसमेंट में पैथोलॉजी, एक्स-रे, एनआईसीयू, ओपीडी, वार्ड, वेटिंग रूम आदि नहीं होना चाहिए।
- नर्सिंग होम में वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है।
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नगर में संचालित 11 पंजीकृत नर्सिंग होम में किसी ने भी अग्नि शमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं ली है। अब इन नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस भेजे गए हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मतलूब हुसैन, अग्नि शमन अधिकारी
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फोटो-31
नर्सिंग होमों द्वारा अग्निशमन विभाग ने एनओसी न लेने की जानकारी हुई है। इसकी जांच कराई जाएगी। बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के किसी का भी नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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