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समस्या बना प्लास्टिक कचरा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 16 Jul 2015 11:49 PM IST
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छब्बीस वार्डों वाले नगर की आबादी में तेजी से विस्तार होता जा रहा है। आबादी बढ़ने के साथ बाजारों का भी विस्तार हो रहा है। सुपर मार्केट, कटरा बाजार, लोहा- पीतल बाजार, नझाई बाजार, चौबे मार्केट, मवेशी बाजार सहित स्टेशन तक दुकानें फैल गई हैं। बाजार में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक पॉलीथिन के रूप में बिकता चला आ रहा है। नगरवासी बेधड़क इसमें सामान की खरीदारी करते हैं और खुले में पॉलीथिन को फेंक देते हैं। नगर के विभिन्न स्थानों पर खुले अस्पताल व नर्सिंग होम भी खुले में प्लास्टिक कचरा जैसे दवाओं की बोतल, डिस्पोजल इंजेक्शन आदि फेंक रहे हैं। यह कचरा जानवरों के साथ पर्यावरण के लिए भी बहुत खतरनाक है। इसको देखते हुए बड़े-शहरों में प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल करने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। झांसी की एक एजेंसी ने शहर में डीएम जुहेर बिन सगीर, नगर पालिका के सफाई निरीक्षक आर के लवानियां सहित अन्य अफसरों को पॉवर प्रजेंटेशन के माध्यम से कचरा उठान व निस्तारण की जानकारी दी। बताया गया कि रैक पीकर्स (कबाड़ियों) के माध्यम से वह प्लास्टिक कचरे को एकत्रित करेंगे और इसके बाद वाहनों के माध्यम से निर्धारित स्थान पर ले जाएंगे। मशीनों की सहायता से कचरा को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने के बाद सीमेंट उद्योगों को दे दिया जाएगा। कुछ कचरे को बड़े शहरों में लगी फैक्ट्रियों में भेजकर उसका उपयोग सड़क बनाने में होगा।