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मोर व मोरनी की संदिग्ध मौत, दो मोरनी का चल रहा इलाज
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 02 Mar 2016 01:17 AM IST
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ललितपुर। कोतवाली अंतर्गत एक मोर व मोरनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि दो अन्य मोरनी का उपचार चल रहा है। सामाजिक वानिकी प्रभागीय निदेशक ने घटना स्थल का मुआयना किया। प्रथम दृष्टया कीटनाशक खाने से मौत होने की बात सामने आ रही है।
मुहल्ला खिरकापुरा स्थित कंचनघाट मंदिर पर मोर अपना बसेरा बनाए हुए थे। सोमवार को कीटनाशक खाने से एक मोर बीमार हो गया, जिस पर मंदिर के पुजारी ने प्राथमिक उपचार कराया। वहीं, देर रात्रि एक मोर व मोरनी की मौत हो गई, जबकि, दो मोरनी अचेत अवस्था में सुबह पाई गईं। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सामाजिक वानिकी प्रभागीय निदेशक वीके जैन ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौत के कारणों तक पहुंचने का प्रयास किया। उन्होंने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, अचेत अवस्था में मिली दो मोरनी का उपचार कराया जा रहा है। वर्तमान में उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। डीएफओ का कहना है कि प्रथमदृष्टया कीटनाशक खाने से मौत होने की स्थिति समझ में आ रही है। इस मामले में गहराई से छानबीन की जिम्मेदारी ललितपुर रेंजर व एसडीओ को सौंपी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मुहल्ला खिरकापुरा स्थित कंचनघाट मंदिर पर मोर अपना बसेरा बनाए हुए थे। सोमवार को कीटनाशक खाने से एक मोर बीमार हो गया, जिस पर मंदिर के पुजारी ने प्राथमिक उपचार कराया। वहीं, देर रात्रि एक मोर व मोरनी की मौत हो गई, जबकि, दो मोरनी अचेत अवस्था में सुबह पाई गईं। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
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सामाजिक वानिकी प्रभागीय निदेशक वीके जैन ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौत के कारणों तक पहुंचने का प्रयास किया। उन्होंने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, अचेत अवस्था में मिली दो मोरनी का उपचार कराया जा रहा है। वर्तमान में उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। डीएफओ का कहना है कि प्रथमदृष्टया कीटनाशक खाने से मौत होने की स्थिति समझ में आ रही है। इस मामले में गहराई से छानबीन की जिम्मेदारी ललितपुर रेंजर व एसडीओ को सौंपी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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