{"_id":"689107ac7626f8fb49012936","slug":"payment-of-rs-7-crore-made-for-pending-material-in-mnrega-work-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-140320-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: मनरेगा के काम में लंबित चल रहे सामग्री का सात करोड़ रुपये का हुआ भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: मनरेगा के काम में लंबित चल रहे सामग्री का सात करोड़ रुपये का हुआ भुगतान
विज्ञापन
ललितपुर। पिछले तीन वर्षों से मनरेगा विभाग में होने वाले कार्यों के निर्माण में लंबित चल रहे सामग्री के करीब 7.50 करोड़ में से सात करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई। उक्त धनराशि का भुगतान प्रधान और बिल्डरों को कर दिया गया है। भुगतान मिलने से मनरेगा में निर्माण कार्य कराने वाले प्रधान व बिल्डरों को राहत मिली है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गांव में ही काम देने के लिए मनरेगा योजना संचालित की जा रही है। जिले में करीब 1.75 लाख जाॅबकार्ड हैं। जिसमें 1.30 लाख सक्रिय जॉबकार्ड धारक है। जॉबकार्ड धारकों को ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में काम दिया जाता है। जिसके लिए शासन द्वारा निर्धारित 252 रुपये प्रतिदिन के1 हिसाब से मजदूरी उनके खातों में भेजी जाती है। ग्राम पंचायतों में कच्चे मिट्टी के कार्यों के अलावा पक्के निर्माण वाले कार्य भी कराए गए। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कराए गए पक्के निर्माण में सामग्री का भुगतान नहीं किया गया था। मनरेगा के कार्यों में सामग्री के भुगतान न होने से ग्राम प्रधान परेशान होने लगे थे। हाल ही में शासन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बकाया चल रहे करीब साढ़े सात करोड़ रुपये में से सात करोड़ रुपये की धनराशि जनपद के लिए जारी की। उक्त धनराशि के मिल जाने से ग्राम प्रधान व बिल्डरों को राहत मिली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सामग्री का और लंबित चल रहा भुगतान भी अब जल्द होने की उम्मीद है। हालांकि मनरेगा में काम करने वाले जॉबकार्ड धारक श्रमिकों की मजदूरी समय-समय पर उनके खातों में शासन के द्वारा पहुंचाई जा रही है।
-- -- -- -
मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में सामग्री का भुगतान लंबित चल रहा था। वित्तीय वर्ष 2023-24 का भुगतान के लिए हाल ही में शासन ने सात करोड़ रुपये जिले के लिए जारी किया। जिसका भुगतान कर दिया गया है। शेष लंबित चल रहा भुगतान के लिए जल्द ही धनराशि जारी होने की उम्मीद है। -रमेश कुमार यादव, डीसी मनरेगा
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गांव में ही काम देने के लिए मनरेगा योजना संचालित की जा रही है। जिले में करीब 1.75 लाख जाॅबकार्ड हैं। जिसमें 1.30 लाख सक्रिय जॉबकार्ड धारक है। जॉबकार्ड धारकों को ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में काम दिया जाता है। जिसके लिए शासन द्वारा निर्धारित 252 रुपये प्रतिदिन के1 हिसाब से मजदूरी उनके खातों में भेजी जाती है। ग्राम पंचायतों में कच्चे मिट्टी के कार्यों के अलावा पक्के निर्माण वाले कार्य भी कराए गए। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कराए गए पक्के निर्माण में सामग्री का भुगतान नहीं किया गया था। मनरेगा के कार्यों में सामग्री के भुगतान न होने से ग्राम प्रधान परेशान होने लगे थे। हाल ही में शासन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बकाया चल रहे करीब साढ़े सात करोड़ रुपये में से सात करोड़ रुपये की धनराशि जनपद के लिए जारी की। उक्त धनराशि के मिल जाने से ग्राम प्रधान व बिल्डरों को राहत मिली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सामग्री का और लंबित चल रहा भुगतान भी अब जल्द होने की उम्मीद है। हालांकि मनरेगा में काम करने वाले जॉबकार्ड धारक श्रमिकों की मजदूरी समय-समय पर उनके खातों में शासन के द्वारा पहुंचाई जा रही है।
विज्ञापन
मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में सामग्री का भुगतान लंबित चल रहा था। वित्तीय वर्ष 2023-24 का भुगतान के लिए हाल ही में शासन ने सात करोड़ रुपये जिले के लिए जारी किया। जिसका भुगतान कर दिया गया है। शेष लंबित चल रहा भुगतान के लिए जल्द ही धनराशि जारी होने की उम्मीद है। -रमेश कुमार यादव, डीसी मनरेगा
विज्ञापन