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Lalitpur News: जनपद में जल्द मिलेगा नसों और दिल की बीमारी के मरीजों को उपचार

Tue, 13 Jan 2026 01:07 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 01:07 AM IST
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Patients suffering from nerve and heart diseases will soon get treatment in the district.
मेडिकल कॉलेज में जल्द होगी न्यूरो सर्जन व कार्डियोजिस्ट की तैनाती
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में जल्द ही नसों और दिल के मरीजों को उपचार की सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने न्यूरो सर्जन व कार्डियोलॉजिस्ट की कमी को पूरा करने के लिए शासन को पत्राचार कर मांग की है। स्वीकृति मिलने पर झांसी से दोनों चिकित्सक दो दिन के लिए मेडिकल कॉलेज में भी सेवाएं देंगे। इससे मरीजों को महानगरों की ओर रुख नहीं करना होगा और प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों को उपचार मिल सकेगा।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार को पहुंचते हैं। इसी तरह से इमरजेंसी में भी प्रतिदिन 100 से 150 मरीज आते हैं। इनमें हादसा होने पर किसी के सिर पर चोट लगने, खून का थक्का जमने, ब्रेन टीबी वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल पाता है। साथ ही, गंभीर ह्रदय रोगियों को उपचार नहीं मिल पाता है। ऐसे में प्रतिदिन आठ से दस मरीज न्यूरो सर्जन व कार्डियोलॉजिस्ट के अभाव में रेफर किए जाते हैं। ऐसे में इन मरीजों को महानगरों की ओर रुख करना पड़ता है। साथ ही, इलाज में देरी से कई बार गंभीर मरीजों की जान पर भी बन आती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन झांसी से चिकित्सकों का अनुबंध करने की प्रक्रिया में जुटा है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सब कुछ ठीक रहा तो स्वीकृति मिलने पर विशेषज्ञ चिकित्सक मिल जाएंगे। इससे सप्ताह में दो दिन व आवश्यकता पर चिकित्सकों को बुलाया जा सकेगा।
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मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक कुमार ने बताया कि न्यूरोसर्जन मिलने से मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी के सर्जन, मस्तिष्क की गांठ, ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी में चोट, साईटिका, रक्त का थक्का (स्ट्रोक), लकवा की बीमारी, मांसपेशी (नसों) के दर्द चलने में कठिनाई, सिरदर्द, हाथ पांव में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी होना और मिर्गी चक्कर आना जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार मिल सकेगा। साथ ही, कार्डियोलॉजिस्ट मिलने से ह्रदय रोगियों को परामर्श व आवश्यकता पर ऑपरेशन किए जा सकेंगे।
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मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जन व कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। स्वीकृति मिलने पर मरीजों को उपचार व गंभीर ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। - डॉ. मयंक कुमार शुक्ला, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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