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पर्यूषण पर्व के समापन पर धूमधाम से निकला श्रीजी का विमान
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कैप्सन- श्री जी का विमान कंधों पर लिए भक्त
- फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट। पर्यूषण महापर्व के समापन पर नगर के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में क्षमावाणी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इससे पहले मंदिर से श्रीजी का विमान निकला गया। जिसका जगह-जगह स्वागत हुआ।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही भारी संख्या में जैन धर्मावलंबी मंदिर पहुंचने लगे थे। वहां मूलनायक भगवान पारसनाथ स्वामी का अभिषेक, शांतिधारा पूजन, विधान आदि कार्यक्रम हुए।
दोपहर में विमानोत्सव कार्यक्रम के तहत मंदिर से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान आदिनाथ स्वामी को विमान में लेकर श्रद्धालु चल रहे थे। शोभायात्रा में धर्म ध्वजा लेकर श्रेष्ठीजन चल रहे थे और डीजे की मधुर धार्मिक धुनों पर युवा नृत्य करते चल रहे थे। महिलाएं मंगल गीत गाती हुई तथा सत्य - अहिंसा, जियो और जीने दो के नारे लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा नगर भ्रमण करती हुई वासु पूज्य से वापस पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचीं, जहां भक्तों ने मंगल आरती उतारी और शोभायात्रा का स्वागत किया।
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श्रद्धालुुुओं ने छत्र चढ़ाया, चमर ढोरे और मंगल आरती उतारी। कार्यक्रम में दर्शन माल, ज्ञान माल, चरित्र माल, क्षेत्र माल भेंट की गई। इसके बाद पर्यूषण पर्व में आयोजित प्रतियोगिता और विगत वर्ष आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। बाद में क्षमावाणी का आयोजन किया गया, इसमें सभी ने गत वर्ष में की गई गलतियों और भूलों के लिए एक दूसरे से क्षमा मांगी। इस अवसर पर पं. विजय कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कलुषित आत्मा को पवित्र करने के लिए क्षमा भाव बहुत आवश्यक है। इससे आत्मिक सुख की प्राप्ति होती हैै। कार्यक्रम में जैन समाज का सहयोग रहा। संचालन चक्रेश कुमार ने किया। अंत में कमल मोदी और विशाल पवा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही भारी संख्या में जैन धर्मावलंबी मंदिर पहुंचने लगे थे। वहां मूलनायक भगवान पारसनाथ स्वामी का अभिषेक, शांतिधारा पूजन, विधान आदि कार्यक्रम हुए।
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दोपहर में विमानोत्सव कार्यक्रम के तहत मंदिर से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान आदिनाथ स्वामी को विमान में लेकर श्रद्धालु चल रहे थे। शोभायात्रा में धर्म ध्वजा लेकर श्रेष्ठीजन चल रहे थे और डीजे की मधुर धार्मिक धुनों पर युवा नृत्य करते चल रहे थे। महिलाएं मंगल गीत गाती हुई तथा सत्य - अहिंसा, जियो और जीने दो के नारे लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा नगर भ्रमण करती हुई वासु पूज्य से वापस पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचीं, जहां भक्तों ने मंगल आरती उतारी और शोभायात्रा का स्वागत किया।
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श्रद्धालुुुओं ने छत्र चढ़ाया, चमर ढोरे और मंगल आरती उतारी। कार्यक्रम में दर्शन माल, ज्ञान माल, चरित्र माल, क्षेत्र माल भेंट की गई। इसके बाद पर्यूषण पर्व में आयोजित प्रतियोगिता और विगत वर्ष आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। बाद में क्षमावाणी का आयोजन किया गया, इसमें सभी ने गत वर्ष में की गई गलतियों और भूलों के लिए एक दूसरे से क्षमा मांगी। इस अवसर पर पं. विजय कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कलुषित आत्मा को पवित्र करने के लिए क्षमा भाव बहुत आवश्यक है। इससे आत्मिक सुख की प्राप्ति होती हैै। कार्यक्रम में जैन समाज का सहयोग रहा। संचालन चक्रेश कुमार ने किया। अंत में कमल मोदी और विशाल पवा ने सभी का आभार व्यक्त किया।