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पारौल उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं मिल रहा ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का ला्भ
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उप स्वास्थ केंद्र पारौल खसता हाल
- फोटो : LALITPUR
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डोंगराखुर्द/ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम पारौल का उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाल स्थिति में पड़ा है। अब यहां पर न तो टीकाकरण किया जा रहा और न ही इलाज मिल रहा है। अनदेखी के चलते परिसर में गंदगी पड़ी हुई है। परिसर के गेट भी क्षतिग्रस्त बना हुआ है। अन्ना जानवरों का अड्डा बन गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया है। इसमें गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण व प्रसव पूर्व होने वाली जांचों की सुविधा का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही सामान्य मर्ज के उपचार को दवाइयां उपलब्ध कराए जाने को लेकर व्यवस्थाएं की गईं हैं, लेकिन अधिकांश उप स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया नहीं हो पाईं हैं। गर्भवती महिलाओं को न तो जांचों की सुविधा और न ही सामान्य मर्ज का उपचार मिल रहा है। कई बार आकर बिना इलाज के मायूस जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने केंद्रों से स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद छोड़ दी है।
ऐसी ही स्थिति ग्राम आदर्श ग्राम पारौल की बनी हुई है। यहां पर स्थानीय लोगों ने बताया कि नर्स की तैनाती है, लेकिन सुविधाएं मिलना तो दूर कर्मचारियों की उदासीनता के चलते केंद्र पर टीकाकरण भी नहीं हो रहा है। तैनात नर्स के न रहने से प्रसूताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकांश क्षेत्रीय प्रसूताओं को अन्य स्थानों पर उपचार व प्रसव को ले जाना पड़ता है। कई बार समय से न पहुंचने पर प्रसव गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है। ऐसे में महिलाओं को अधिक परेशानी हो जाती है। बाहर जाने पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है।
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वहीं, स्वास्थ्य केंद्र न खुलने के कारण चारों तरफ गंदगी बिखरी पड़ी है। परिसर में पेयजल की सुविधा को लगा हैंडपंप भी खराब पड़ा हुआ है। गेट के खुले रहने से जानवर भी बेरोकटोक आवाजाही कर रहे हैं। इससे अब यहां पर जानवरों का भी अड्डा बन गया है। अब स्थिति यह है कि अनदेखी के चलते जर्जर हालत में पहुंच गया है।
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उप स्वास्थ्य केंद्र का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं को प्रसव के लिए मड़ावरा या जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार मर्ज बिगड़ जाता है।
दीपेंद्र सिंह
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केंद्र बिना उपयोग के ही खंडहर हो गया है। अब इसका उपयोग जानवर कर रहे हैं। इस ओर विभागीय अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। लोगों को लाभ नहीं मिल रहा।
महेंद्र कुमार
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प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को मड़ावरा या फिर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है ऐसे में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पंकज उपाध्याय
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पारौल उप स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाएं फैली होने की जानकारी हुई है। जिसकी सफाई कराई जाएगी। परिसर को व्यवस्थित किया जाएगा।
- डॉ. जीपी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया है। इसमें गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण व प्रसव पूर्व होने वाली जांचों की सुविधा का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही सामान्य मर्ज के उपचार को दवाइयां उपलब्ध कराए जाने को लेकर व्यवस्थाएं की गईं हैं, लेकिन अधिकांश उप स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया नहीं हो पाईं हैं। गर्भवती महिलाओं को न तो जांचों की सुविधा और न ही सामान्य मर्ज का उपचार मिल रहा है। कई बार आकर बिना इलाज के मायूस जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने केंद्रों से स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद छोड़ दी है।
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ऐसी ही स्थिति ग्राम आदर्श ग्राम पारौल की बनी हुई है। यहां पर स्थानीय लोगों ने बताया कि नर्स की तैनाती है, लेकिन सुविधाएं मिलना तो दूर कर्मचारियों की उदासीनता के चलते केंद्र पर टीकाकरण भी नहीं हो रहा है। तैनात नर्स के न रहने से प्रसूताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकांश क्षेत्रीय प्रसूताओं को अन्य स्थानों पर उपचार व प्रसव को ले जाना पड़ता है। कई बार समय से न पहुंचने पर प्रसव गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है। ऐसे में महिलाओं को अधिक परेशानी हो जाती है। बाहर जाने पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है।
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वहीं, स्वास्थ्य केंद्र न खुलने के कारण चारों तरफ गंदगी बिखरी पड़ी है। परिसर में पेयजल की सुविधा को लगा हैंडपंप भी खराब पड़ा हुआ है। गेट के खुले रहने से जानवर भी बेरोकटोक आवाजाही कर रहे हैं। इससे अब यहां पर जानवरों का भी अड्डा बन गया है। अब स्थिति यह है कि अनदेखी के चलते जर्जर हालत में पहुंच गया है।
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उप स्वास्थ्य केंद्र का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं को प्रसव के लिए मड़ावरा या जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार मर्ज बिगड़ जाता है।
दीपेंद्र सिंह
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केंद्र बिना उपयोग के ही खंडहर हो गया है। अब इसका उपयोग जानवर कर रहे हैं। इस ओर विभागीय अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। लोगों को लाभ नहीं मिल रहा।
महेंद्र कुमार
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प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को मड़ावरा या फिर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है ऐसे में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पंकज उपाध्याय
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पारौल उप स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाएं फैली होने की जानकारी हुई है। जिसकी सफाई कराई जाएगी। परिसर को व्यवस्थित किया जाएगा।
- डॉ. जीपी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

उप स्वास्थ केंद्र पारौल के टूटे गेट- फोटो : LALITPUR

उप स्वास्थ केंद्र पारौल में पड़ी गंदगी- फोटो : LALITPUR

उप स्वास्थ केंद्र पारौल का हैंडपंप पड़ा खराव- फोटो : LALITPUR