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Lalitpur News: मानिकपुर में जुआ, गांजा और शराब पर पंचायत ने लगाई पाबंदी
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ललितपुर। तहसील मड़ावरा के ग्राम मानिकपुर में लोगों ने पंचायत जोड़कर गांव में जुआ, गांजा और शराब पर पाबंदी लगा दी है। शराब या गांजा बेचने पर 51 हजार रुपये का दंड लगेगा। पंचायत का फैसला नहीं मानने वाले को पांच साल के लिए समाज से निष्कासित करने के साथ 11 हजार का जुर्माना देना होगा।
शहर से गांव तक नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। इसका सर्वाधिक शिकार युवा वर्ग हो रहा है। बढ़ते शराब के चलन और जुआ खेलने-गांजा पीने के आदी होने से गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसे देखते हुए तहसील मड़ावरा के मानिकपुर के ग्रामीण एकजुट हुए। 30 अगस्त को उन्होंने गांव को नशा मुक्त करने के लिए पंचायत जोड़ी। पंचायत में प्रधान सहित हर वर्ग, हर समाज के लोग शामिल रहे। पंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से गांव में शराब, जुआ खेलने, गांजे पीने और बेचने पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया। पंचायत का निर्णय न मानने वाले को पांच साल के लिए समाज से निष्कासित किया जाएगा और 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लिया जाएगा।
शराब व गांजा बेचने वाले को 51,000 रुपये का दंड देना होगा। पंचायत ने यह भी कहा कि सभी पर समान नियम लागू होंगे। पंचायत में प्रधान सहित शिवकुमार दुबे, सोबरन सिंह, गब्बर सिंह, बृजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, जालम प्रसाद, लल्लूराम, गौतम सिंह आदि मौजूद रहे।
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सार्वजनिक स्थान पर गाली देने वाले पर पांच हजार का दंड
पंचायत में यह भी निर्णय हुआ कि कोई व्यक्ति कहीं और से शराब पीकर आता है और शादी, विवाह, तेरहवीं व सार्वजनिक स्थान पर गाली देता है तो उस पर पांच हजार रुपये का दंड लगेगा। इसके साथ सड़क पर ट्रैक्टर, ट्रॉली व जानवर बांधने पर भी पाबंदी लगाई गई। इसका उल्लंघन करने पर पांच हजार का दंड लगेगा।
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शराब बंदी का फैसला गांव के लोगों द्वारा करना अच्छी पहल है। आसपास के अन्य गांव वालों को भी ऐसे फैसले लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
केके मिश्रा, सीओ मड़ावरा
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शहर से गांव तक नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। इसका सर्वाधिक शिकार युवा वर्ग हो रहा है। बढ़ते शराब के चलन और जुआ खेलने-गांजा पीने के आदी होने से गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसे देखते हुए तहसील मड़ावरा के मानिकपुर के ग्रामीण एकजुट हुए। 30 अगस्त को उन्होंने गांव को नशा मुक्त करने के लिए पंचायत जोड़ी। पंचायत में प्रधान सहित हर वर्ग, हर समाज के लोग शामिल रहे। पंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से गांव में शराब, जुआ खेलने, गांजे पीने और बेचने पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया। पंचायत का निर्णय न मानने वाले को पांच साल के लिए समाज से निष्कासित किया जाएगा और 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लिया जाएगा।
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शराब व गांजा बेचने वाले को 51,000 रुपये का दंड देना होगा। पंचायत ने यह भी कहा कि सभी पर समान नियम लागू होंगे। पंचायत में प्रधान सहित शिवकुमार दुबे, सोबरन सिंह, गब्बर सिंह, बृजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, जालम प्रसाद, लल्लूराम, गौतम सिंह आदि मौजूद रहे।
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सार्वजनिक स्थान पर गाली देने वाले पर पांच हजार का दंड
पंचायत में यह भी निर्णय हुआ कि कोई व्यक्ति कहीं और से शराब पीकर आता है और शादी, विवाह, तेरहवीं व सार्वजनिक स्थान पर गाली देता है तो उस पर पांच हजार रुपये का दंड लगेगा। इसके साथ सड़क पर ट्रैक्टर, ट्रॉली व जानवर बांधने पर भी पाबंदी लगाई गई। इसका उल्लंघन करने पर पांच हजार का दंड लगेगा।
शराब बंदी का फैसला गांव के लोगों द्वारा करना अच्छी पहल है। आसपास के अन्य गांव वालों को भी ऐसे फैसले लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
केके मिश्रा, सीओ मड़ावरा