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धार्मिक स्थल खोलते समय परंपराओं का रखा जाए ध्यान
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प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन देते जैन समाज के लोग
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। श्री दिगंबर जैन समाज पंचायत समिति ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर धार्मिक स्थल खोलते समय जैन धर्मावलंबियों की परंपराओं का ध्यान रखने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि मंदिर खोलने के लिए जो गाइडलाइन जारी की गई है, इसमें कई शर्ते लगाई गई हैं। जैन धर्म परंपरा के अनुसार समाज को आंशिक छूट की आवश्यकता है। जैन धर्म की परम्परा में संत, मुनि, साधु आदि पूजन की क्रियाएं सीधे तौर पर स्वयं नहीं करते हैं। जैन मंदिरों में स्थाई महात्मा या पुजारी नहीं होते हैं। समाज के श्रद्धालु ही गर्भगृह वेदिका की सफाई (प्रक्षालन), भगवान का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन करते हैं। यह परंपरा हजारों वर्ष प्राचीन हैं। भारत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि मास्क, सोशल डिस्टेंस, साफ-सफाई आदि सभी का पालन करते हुए मंदिरों में देवदर्शन किए जाएंगे।
जैन धर्म के अनुयायियों की मांग है कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ आंशिक रूप से प्रत्येक गर्भगृह में एक समय पर तीन-चार लोगों को वेदिका सफाई (प्रक्षालन), अभिषेक- शांतिधारा आदि जरूरी क्रियाएं करने की अनुमति प्रदान की जाए, बाकी समाज के लोग दूरी रखते हुए अपने इष्ट के दर्शन करेंगे।
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ज्ञापन पर पंचायत संयोजक प्रदीप सतरवांस, सतीश नजा, सुरेश बडे़रा, नरेंद्र कडंकी, संजय रसिया, नीरज मोदी, शैलेंद्र सिंघई, श्रीष सिंघई, प्रभात लागौन, नेमी चंद्रा, सुरेश जैन, मंगू पहलवान, अंकित, राजेश जैन, राहुल जैन, अभय पारुल, हेमंत नायक, पवन कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, समर सराफ, भागचंद, नीलकांत जैन, भागचंद आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ज्ञापन में बताया कि मंदिर खोलने के लिए जो गाइडलाइन जारी की गई है, इसमें कई शर्ते लगाई गई हैं। जैन धर्म परंपरा के अनुसार समाज को आंशिक छूट की आवश्यकता है। जैन धर्म की परम्परा में संत, मुनि, साधु आदि पूजन की क्रियाएं सीधे तौर पर स्वयं नहीं करते हैं। जैन मंदिरों में स्थाई महात्मा या पुजारी नहीं होते हैं। समाज के श्रद्धालु ही गर्भगृह वेदिका की सफाई (प्रक्षालन), भगवान का अभिषेक, शांतिधारा व पूजन करते हैं। यह परंपरा हजारों वर्ष प्राचीन हैं। भारत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि मास्क, सोशल डिस्टेंस, साफ-सफाई आदि सभी का पालन करते हुए मंदिरों में देवदर्शन किए जाएंगे।
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जैन धर्म के अनुयायियों की मांग है कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ आंशिक रूप से प्रत्येक गर्भगृह में एक समय पर तीन-चार लोगों को वेदिका सफाई (प्रक्षालन), अभिषेक- शांतिधारा आदि जरूरी क्रियाएं करने की अनुमति प्रदान की जाए, बाकी समाज के लोग दूरी रखते हुए अपने इष्ट के दर्शन करेंगे।
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ज्ञापन पर पंचायत संयोजक प्रदीप सतरवांस, सतीश नजा, सुरेश बडे़रा, नरेंद्र कडंकी, संजय रसिया, नीरज मोदी, शैलेंद्र सिंघई, श्रीष सिंघई, प्रभात लागौन, नेमी चंद्रा, सुरेश जैन, मंगू पहलवान, अंकित, राजेश जैन, राहुल जैन, अभय पारुल, हेमंत नायक, पवन कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, समर सराफ, भागचंद, नीलकांत जैन, भागचंद आदि के हस्ताक्षर हैं।