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Lalitpur News: ओपीडी कक्ष रहे खाली, पैथोलाजी में अंधेरा

Tue, 03 Dec 2024 02:15 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Tue, 03 Dec 2024 02:15 AM IST
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OPD rooms remained empty, pathology was dark
 तालबेहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी पड़ी खाली । संवाद
सीएचसी तालबेहट का हाल : समय पर चिकित्सकों के न आने से मरीजों को होती परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तमाम प्रयास के बाद भी चिकित्सकों व कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यहां पर इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को ओपीडी के बाहर घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसा ही नजारा सोमवार को सीएचसी तालबेहट में देखने को मिला। जहां पर सुबह साढ़े दस बजे तक अधिकांश ओपीडी कक्ष खाली रहे। वहीं पैथोलॉजी कक्षों में अंधेरा पसरा रहा।
कस्बा तालबेहट ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित सीएचसी की उपचार का एक मात्र सहारा है, यहां पर कस्बा के साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आते हैं। ऐसे में अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुट जाती है। लेकिन, चिकित्सकों व कर्मचारियों की उदासीनता के चलते मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। शासन ने सीएचसी व पीएचसी का समय सुबह दस बजे से शाम को चार बजे तक निर्धारित किया है।
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लेकिन अधिकांश चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं बैठते हैं। सोमवार को अमर उजाला की टीम ने अस्पताल में सुबह दस बजकर 10 मिनट पर सीएचसी की हकीकत जानी। इसमें सीएचसी के बाहर लगभग 40 से 50 महिलाओं की कतार लगी थी। इनमें दस बजकर दस मिनट तक पर्चा काउंटर के बाहर ताला लगा होने पर इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में एनसीडी सेल कक्ष खुला था, लेकिन चिकित्सक मौजूद नहीं थे।
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वहीं, परिवार नियोजन परामर्शदाता कक्ष भी सूना पड़ा था। आयुष चिकित्सक कक्ष में भी कोई नहीं था। ऐसे में आने वाले मरीज कक्ष देखकर बाहर जा रहे थे। कुछ मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष भी खाली था। महिलाएं बाहर बैठकर चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहीं थीं। नेत्र परीक्षण कक्ष 10 बजकर 15 मिनट पर ताला लटका था, इसके बाद दस बजकर 20 मिनट पर खोला गया, लेकिन साढ़े दस बजे तक भी नेत्र परीक्षण अधिकारी नहीं पहुंचे थे।

एक्स-रे व ईसीजी कक्ष में अंधेरा
अस्पताल में चिकित्सकों के कक्ष ही सूने नहीं थे, एक्स-रे व ईसीजी कक्ष के कमरे तो खुले थे, लेकिन कर्मचारी तो दूर बल्ब न जलने से अंधेरा पसरा था। वहीं बलगम जांच कक्ष भी खाली नजर आया। ऐसे में उपचार की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।


कैसे लग रही बायोमीट्रिक से उपस्थिति
शासन ने कर्मचारियों के मनमाने समय पर आने पर अंकुश लगाने के लिए कार्यालयों में बायोमीट्रिक मशीन लगाई है। इसी से उपस्थिति दर्ज कराई जा जा रही है, लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों व कर्मचारियों के आने के समय में सुधार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बायोमीट्रिक से उपस्थिति की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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