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अब डीलर से नंबर लेकर ही सड़क पर आएगा वाहन
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- फोटो : car
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ललितपुर। अब वाहन स्वामी को वाहन खरीदने पर पंजीयन के लिए परिवहन विभाग के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब डीलर ग्राहक और वाहन के डाटा को डिजीटल फार्म में विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन करेगा। इससे पंजीयन में विलंब नहीं होगा। अब नंबर लेकर ही सड़क पर वाहन उतरेगा।
परिवहन विभाग ने वाहन पंजीकरण व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके तहत अब डीलर प्वाइंट से ही वाहनों का पंजीकरण होगा। वाहन को नंबर जारी करने के बाद ही सड़क पर लाया जाएगा। इसके लिए डीलरों के पास एआरटीओ के डिजिटल सिग्नेचर फीड कराए जा रहे हैं। शासन ने परिवहन विभाग को पेपरलैस करने की तैयारी कर दी है। विभाग में अधिकांश कार्य ऑनलाइन होंगे। वाहन स्वामियों को भी काम के लिए एआरटीओ कार्यालय बार- बार नहीं जाना पड़ेगा। वाहन स्वामियों के वाहन ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी, पता परिवर्तन, फाइनेंस निरस्तीकरण, फाइनेंस पृष्ठांकन और एनओसी आदि कार्य ऑनलाइन होंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार वाहन खरीदने पर वाहन स्वामी को पंजीयन के लिए परिवहन कार्यालय में नहीं भटकना होगा। वाहन खरीदने पर डीलर ग्राहक से बीमा की राशि, टैक्स व रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ पंजीयन के लिए डिजीटल हस्ताक्षर लेकर डिजीटल फार्म में परिवहन विभाग को डाटा ऑनलाइन करेगा। इसके बाद विभाग पांच दिन में स्वीकृति देगा, जिस पर डीलर वाहन स्वामी को अस्थाई पंजीयन देगा।
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अस्थाई पंजीयन मिलने के बाद डीलर वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का कोड परिवहन विभाग को देगा। विभाग कोड मिलने के बाद नंबर फीड कर लेने के बाद ही वाहन स्वामी को स्थायी रजिस्ट्रेशन की अनुमति देगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए सात दिन से अधिक समय नहीं लगेगा।
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वाहन स्वामियों को नए पंजीयन के लिए कार्यालय में नहीं आना होगा। डीलर ही वाहनों के पंजीयन सात दिन में करा कर स्थायी आरसी देंगे।
- सुरेंद्र अग्रवाल, यात्री कर अधिकारी
दिसंबर तक लगवा लें हाई सिक्योरिटी प्लेट
अब सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए दिसंबर तक के लिए समय दिया गया है। सभी वाहन स्वामी अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवा लें। जनवरी से एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं लगाने वाले वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलाया जाएगा। जिसमें पांच हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा।
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परिवहन विभाग ने वाहन पंजीकरण व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके तहत अब डीलर प्वाइंट से ही वाहनों का पंजीकरण होगा। वाहन को नंबर जारी करने के बाद ही सड़क पर लाया जाएगा। इसके लिए डीलरों के पास एआरटीओ के डिजिटल सिग्नेचर फीड कराए जा रहे हैं। शासन ने परिवहन विभाग को पेपरलैस करने की तैयारी कर दी है। विभाग में अधिकांश कार्य ऑनलाइन होंगे। वाहन स्वामियों को भी काम के लिए एआरटीओ कार्यालय बार- बार नहीं जाना पड़ेगा। वाहन स्वामियों के वाहन ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी, पता परिवर्तन, फाइनेंस निरस्तीकरण, फाइनेंस पृष्ठांकन और एनओसी आदि कार्य ऑनलाइन होंगे।
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नई व्यवस्था के अनुसार वाहन खरीदने पर वाहन स्वामी को पंजीयन के लिए परिवहन कार्यालय में नहीं भटकना होगा। वाहन खरीदने पर डीलर ग्राहक से बीमा की राशि, टैक्स व रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ पंजीयन के लिए डिजीटल हस्ताक्षर लेकर डिजीटल फार्म में परिवहन विभाग को डाटा ऑनलाइन करेगा। इसके बाद विभाग पांच दिन में स्वीकृति देगा, जिस पर डीलर वाहन स्वामी को अस्थाई पंजीयन देगा।
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अस्थाई पंजीयन मिलने के बाद डीलर वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का कोड परिवहन विभाग को देगा। विभाग कोड मिलने के बाद नंबर फीड कर लेने के बाद ही वाहन स्वामी को स्थायी रजिस्ट्रेशन की अनुमति देगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए सात दिन से अधिक समय नहीं लगेगा।
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वाहन स्वामियों को नए पंजीयन के लिए कार्यालय में नहीं आना होगा। डीलर ही वाहनों के पंजीयन सात दिन में करा कर स्थायी आरसी देंगे।
- सुरेंद्र अग्रवाल, यात्री कर अधिकारी
दिसंबर तक लगवा लें हाई सिक्योरिटी प्लेट
अब सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए दिसंबर तक के लिए समय दिया गया है। सभी वाहन स्वामी अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवा लें। जनवरी से एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं लगाने वाले वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलाया जाएगा। जिसमें पांच हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा।