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Lalitpur News: मित्र गरीब हो या अमीर भूलना नहीं चाहिए
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संवाद न्यूज एजेंसी
सौजना (ललितपुर)। कथा वाचक साध्वी राधिका किशोरी ने सुदामा चरित का वर्णन करते हुए कहा कि दोस्ती तो भगवान कृष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए। वह ग्राम लरगन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सुदामा चरित की कथा का वर्णन कर रही थीं।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन के मित्र थे। समय के साथ सुदामा अति गरीबी से परेशान होने लगे, तब उन्हें बचपन के मित्र श्रीकृष्ण की याद आई। उनसे मिलने वह द्वारिका गए। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण को जानकारी मिली तो नंगे पांव सुदामा से मिलने आए। उन्होंने कहा कि मित्र गरीब हो या अमीर कभी नहीं भूलना चहिए।
श्री कृष्ण-सुदामा की कथा सुन भक्त भावविभोर हो गए। इस दौरान प्रभात फेरियों के सदस्यों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर योगाचार्य सुरेंद्र सिंह, संगीता देवी, शिशुपाल, मलखान, सुंदर, पूनम, सोनम, रिंकी, प्रीति, सत्यम देवी आदि मौजूद रहीं।
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सौजना (ललितपुर)। कथा वाचक साध्वी राधिका किशोरी ने सुदामा चरित का वर्णन करते हुए कहा कि दोस्ती तो भगवान कृष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए। वह ग्राम लरगन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सुदामा चरित की कथा का वर्णन कर रही थीं।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन के मित्र थे। समय के साथ सुदामा अति गरीबी से परेशान होने लगे, तब उन्हें बचपन के मित्र श्रीकृष्ण की याद आई। उनसे मिलने वह द्वारिका गए। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण को जानकारी मिली तो नंगे पांव सुदामा से मिलने आए। उन्होंने कहा कि मित्र गरीब हो या अमीर कभी नहीं भूलना चहिए।
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श्री कृष्ण-सुदामा की कथा सुन भक्त भावविभोर हो गए। इस दौरान प्रभात फेरियों के सदस्यों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर योगाचार्य सुरेंद्र सिंह, संगीता देवी, शिशुपाल, मलखान, सुंदर, पूनम, सोनम, रिंकी, प्रीति, सत्यम देवी आदि मौजूद रहीं।
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