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Lalitpur News: एक माह बीता...नहीं आईं कक्षा एक और दो की किताबें
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन अब तक कक्षा एक व दो के बच्चों के हाथाें में किताबें नहीं पहुंची हैं। बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हैं। कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें भी सभी स्कूलों में नहीं पहुंच पाई हैं। इन कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जनपद में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं हैं। इन छात्रों को शासन की ओर से निशुल्क किताबें दी जाती हैं। स्कूलों में किताबें भेजने के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से एक एजेंसी को नामित किया जाता है। अभी तक परिषदीय विद्यालयों की कक्षा एक व दो की किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। एजेंसी ने सिर्फ कक्षा तीन से आठ तक की किताबें ही भेजी हैं, जिसे विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है। कई छात्र तो ऐसे हैं, जिन्हें पुरानी किताबें भी नहीं मिल पाई हैं, ऐसे में वह पढ़ाई कैसे करेंगे।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार कक्षा एक व दो के कोर्स में इस बार बदलाव हुआ है। इस कारण किताबें अभी तक शासन स्तर से ही जनपद में नहीं आई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव ने बताया कि कक्षा एक व दो को छोड़कर शेष कक्षाओं की किताबें आ गई हैं और इन्हें अधिकांश विद्यालयों तक पहुंचाया भी जा चुका है। नई किताबों से ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराई जा रही है।
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कक्षा तीन से आठ तक की किताबों के इंतजार में कई विद्यालय
नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पूर्व ही शासन की ओर से कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें जनपद स्तर पर पहुंच चुकी थीं। यहां से इन किताबों को विद्यालय तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर भेज दिया गया था, लेकिन एक माह गुजर जाने के बाद भी कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां किताबें नहीं पहुंच पाई हैं।
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ललितपुर। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन अब तक कक्षा एक व दो के बच्चों के हाथाें में किताबें नहीं पहुंची हैं। बच्चे पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हैं। कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें भी सभी स्कूलों में नहीं पहुंच पाई हैं। इन कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जनपद में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं हैं। इन छात्रों को शासन की ओर से निशुल्क किताबें दी जाती हैं। स्कूलों में किताबें भेजने के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से एक एजेंसी को नामित किया जाता है। अभी तक परिषदीय विद्यालयों की कक्षा एक व दो की किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। एजेंसी ने सिर्फ कक्षा तीन से आठ तक की किताबें ही भेजी हैं, जिसे विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है। कई छात्र तो ऐसे हैं, जिन्हें पुरानी किताबें भी नहीं मिल पाई हैं, ऐसे में वह पढ़ाई कैसे करेंगे।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार कक्षा एक व दो के कोर्स में इस बार बदलाव हुआ है। इस कारण किताबें अभी तक शासन स्तर से ही जनपद में नहीं आई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव ने बताया कि कक्षा एक व दो को छोड़कर शेष कक्षाओं की किताबें आ गई हैं और इन्हें अधिकांश विद्यालयों तक पहुंचाया भी जा चुका है। नई किताबों से ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराई जा रही है।
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कक्षा तीन से आठ तक की किताबों के इंतजार में कई विद्यालय
नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पूर्व ही शासन की ओर से कक्षा तीन से आठवीं तक की किताबें जनपद स्तर पर पहुंच चुकी थीं। यहां से इन किताबों को विद्यालय तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर भेज दिया गया था, लेकिन एक माह गुजर जाने के बाद भी कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां किताबें नहीं पहुंच पाई हैं।