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मनरेगा: अब 100 की जगह 150 दिन मिलेगा रोजगार
ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2015 12:52 AM IST
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महरौनी (ललितपुर)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मिशन अंत्योदय के तहत आईपीपीई-2 कार्यक्रम का प्रशिक्षण दिया गया। बताया गया कि 21 दिसंबर से 14 जनवरी तक सर्वे कराकर हर गांव सभा की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
साथ ही सूखा के हालातों को देखते हुए 100 दिन के रोजगार की जगह अब 150 दिन का रोजगार दिया जाएगा।
सामुदायिक विकास भवन में उपायुक्त (श्रम व रोजगार) नरेंद्र देव द्विवेदी की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में वर्ष 2016-17 के तहत लेबर बजट, वार्षिक योजना और अति वंचित परिवारों को दिए जाने वाले लाभ ( इंदिरा आवास, पेंशन योजनाओं व एनआरएलएम) की जानकारी दी गयी। उपायुक्त ने कहा कि कार्ययोजना तैयार करने के लिए सर्वे टीम गठित होगी।
इसमें संबंधित तकनीकी सहायक, सोशल आडिट टीम सदस्य, जॉब कार्डधारक मजदूर, एनजीओ कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एसजीएसबाई समूह की महिला अध्यक्ष और ग्राम रोजगार सेवक शामिल होंगे।
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यह टीम निर्धारित रोस्टर के अनुसार संबंधित गांव में जाकर गांव का भौतिक, सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण कर विभिन्न प्रपत्रों पर ग्राम पंचायत की जानकारी एकत्रित करेगी और ग्राम पंचायतों में निर्धारित ग्राम सभा की बैठकों में समुदाय व व्यक्ति विशेष की आवश्यकता के आधार पर एकत्रित की गई सूचनाओं को कार्ययोजना में शामिल करके अंतिम रूप दिया जाएगा।
सर्वे के दौरान टीम सबसे पहले ग्राम पंचायत के सार्वजनिक स्थान, सामाजिक बसावट और गांव में उपलब्ध संसाधनों से संबंधित मानचित्र व मौसमी मानचित्र तैयार करेगी। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर टीम डोर टू डोर सर्वे करेगी और गांव के अति वंचित परिवारों को मनरेगा के तहत काम कराने व काम करने हेतु माहवार प्रत्येक परिवार की मांग दर्ज करेगी। इसके अलावा शासन की अन्य संचालित योजनाओं के अंतर्गत छूटे पात्र परिवारों का सर्वे प्रपत्र तैयार करेगी।
प्रशिक्षण में एईजीआरडीए भागीरथ चतुर्वेदी, खंड विकास अधिकारी बार उदयभानु मिश्र, एडीओआईएसवी सतीश चंद्र व्यास, सोशल आडिट ब्लाक कोआर्डिनेटर धनीराम वर्मा व समस्त ग्राम विकास अधिकारी, एपीओ, रोजगार सेवक, एनजीओ कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री शामिल रहीं। संचालन उमेश चंद्र झा ने किया।
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साथ ही सूखा के हालातों को देखते हुए 100 दिन के रोजगार की जगह अब 150 दिन का रोजगार दिया जाएगा।
सामुदायिक विकास भवन में उपायुक्त (श्रम व रोजगार) नरेंद्र देव द्विवेदी की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में वर्ष 2016-17 के तहत लेबर बजट, वार्षिक योजना और अति वंचित परिवारों को दिए जाने वाले लाभ ( इंदिरा आवास, पेंशन योजनाओं व एनआरएलएम) की जानकारी दी गयी। उपायुक्त ने कहा कि कार्ययोजना तैयार करने के लिए सर्वे टीम गठित होगी।
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इसमें संबंधित तकनीकी सहायक, सोशल आडिट टीम सदस्य, जॉब कार्डधारक मजदूर, एनजीओ कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एसजीएसबाई समूह की महिला अध्यक्ष और ग्राम रोजगार सेवक शामिल होंगे।
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यह टीम निर्धारित रोस्टर के अनुसार संबंधित गांव में जाकर गांव का भौतिक, सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण कर विभिन्न प्रपत्रों पर ग्राम पंचायत की जानकारी एकत्रित करेगी और ग्राम पंचायतों में निर्धारित ग्राम सभा की बैठकों में समुदाय व व्यक्ति विशेष की आवश्यकता के आधार पर एकत्रित की गई सूचनाओं को कार्ययोजना में शामिल करके अंतिम रूप दिया जाएगा।
सर्वे के दौरान टीम सबसे पहले ग्राम पंचायत के सार्वजनिक स्थान, सामाजिक बसावट और गांव में उपलब्ध संसाधनों से संबंधित मानचित्र व मौसमी मानचित्र तैयार करेगी। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर टीम डोर टू डोर सर्वे करेगी और गांव के अति वंचित परिवारों को मनरेगा के तहत काम कराने व काम करने हेतु माहवार प्रत्येक परिवार की मांग दर्ज करेगी। इसके अलावा शासन की अन्य संचालित योजनाओं के अंतर्गत छूटे पात्र परिवारों का सर्वे प्रपत्र तैयार करेगी।
प्रशिक्षण में एईजीआरडीए भागीरथ चतुर्वेदी, खंड विकास अधिकारी बार उदयभानु मिश्र, एडीओआईएसवी सतीश चंद्र व्यास, सोशल आडिट ब्लाक कोआर्डिनेटर धनीराम वर्मा व समस्त ग्राम विकास अधिकारी, एपीओ, रोजगार सेवक, एनजीओ कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री शामिल रहीं। संचालन उमेश चंद्र झा ने किया।