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नाराहट फीडर की सप्ताह भर से रात में गुल रहती है बिजली
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डोंगराखुर्द। बिरधा विद्युत सब स्टेशन के नाराहट फीडर से जुड़े गांवों के लोग गर्मी में बिजली से परेशान हैं। कारण, एक सप्ताह से रात भर बिजली गायब रहती है। दिन में भी सात - आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। रात्रि में बिजली नहीं मिलने से कई गांव प्रभावित और लोग मोमबत्ती जलाकर समय गुजार रहे हैं।
बिजली सब स्टेशन बिरधा से जुड़े ग्राम नाराहट, डोंगराखुर्द, दिगवार, बरेजा, पटना, गुरयाना, चांदोरा, गुढ़ा, खिरिया, गदोरा, धौलपुरा सहित आसपास के अन्य गांवों के लोग भीषण गर्मी में रात में एक सप्ताह से बिजली नहीं मिल पाने से परेशान हैं। ग्रामीण बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, इससे लोगों की गर्मी में नींद हराम हो गई है। कूलर, पंखे, फ्रिज, टीवी आदि उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।
क्षेत्र में दिन में भी सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। एक सप्ताह पहले आंधी आई थी, तभी से बिजली आपूर्ति की चाल बिगड़ी हुई है। शाम ढलने से पहले ही बिजली कटौती की जाती है, फिर रात भर लोग इंतजार करते रहते हैं। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए शासन और विभाग पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी जरा सी हवा या पानी आने पर हफ्तों के लिए बिजली गुल हो जाती है।
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बिरधा सब स्टेशन से आई हाईटेंशन लाइन जर्जर है। खंभों की आड़ी - तिरछी स्थिति देखने के बाद ऐसा लगता है, जैसे विद्युत खंभे हाईटेंशन लाइन का बोझ उठाने में सक्षम नहीं हैं। बिरधा से ग्राम गुरयाना की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है और इतनी लंबी लाइन में फाल्ट होने में मिनट भर नहीं लगता, लेकिन सुधारने में बहुत ज्यादा वक्त लग जाता है। यह बात विभाग को भली - भांति पता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की समस्या हमेशा बनी रहती है। अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से उपभोक्ता जूझ रहे हैं। वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण लोगों को घरों के अंदर मजबूरी में रहना पड़ रहा है, लेकिन बिजली कटौती हो रही है। इससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों का बुरा हाल है।
कई रातों से बिजली नहीं आ रही है। दिन में भी सात- आठ घंटे बिजली मिल रही है। लोगों का गर्मी से जीना भी मुश्किल हो गया है। बिजली कर्मचारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- बृजेश पटैरिया, गौना
नाराहट फीडर की बिजली आने- जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। रात में बिजली नहीं मिलने के कारण ग्रामीण मोमबत्ती जलाकर निकाल काम कर रहे हैं।
- कप्तान सिंह, डोंगराखुर्द
रात में बिजली एक सप्ताह से नहीं आ रही है। एक तो गर्मी बहुत ज्यादा पड़ रही है, ऊपर से मच्छरों का प्रकोप ज्यादा है। ऐसे में लोगों का बुरा हाल हो रहा है।
- नरेंद्र दुबे, एडवोकेट
विद्युत व्यवस्था खराब चल रही है। नाराहट फीडर की बिजली रात में एक सप्ताह से नहीं आ रही है। इस ओर बिजली कर्मचारियों को ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बहुत गर्मी पड़ रही है।
- भूप्रताप सिंह
नाराहट फीडर की रात में बिजली नहीं आने की अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। यदि लाइट नहीं आ रही है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण
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बिजली सब स्टेशन बिरधा से जुड़े ग्राम नाराहट, डोंगराखुर्द, दिगवार, बरेजा, पटना, गुरयाना, चांदोरा, गुढ़ा, खिरिया, गदोरा, धौलपुरा सहित आसपास के अन्य गांवों के लोग भीषण गर्मी में रात में एक सप्ताह से बिजली नहीं मिल पाने से परेशान हैं। ग्रामीण बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, इससे लोगों की गर्मी में नींद हराम हो गई है। कूलर, पंखे, फ्रिज, टीवी आदि उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।
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क्षेत्र में दिन में भी सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। एक सप्ताह पहले आंधी आई थी, तभी से बिजली आपूर्ति की चाल बिगड़ी हुई है। शाम ढलने से पहले ही बिजली कटौती की जाती है, फिर रात भर लोग इंतजार करते रहते हैं। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए शासन और विभाग पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी जरा सी हवा या पानी आने पर हफ्तों के लिए बिजली गुल हो जाती है।
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बिरधा सब स्टेशन से आई हाईटेंशन लाइन जर्जर है। खंभों की आड़ी - तिरछी स्थिति देखने के बाद ऐसा लगता है, जैसे विद्युत खंभे हाईटेंशन लाइन का बोझ उठाने में सक्षम नहीं हैं। बिरधा से ग्राम गुरयाना की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है और इतनी लंबी लाइन में फाल्ट होने में मिनट भर नहीं लगता, लेकिन सुधारने में बहुत ज्यादा वक्त लग जाता है। यह बात विभाग को भली - भांति पता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की समस्या हमेशा बनी रहती है। अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से उपभोक्ता जूझ रहे हैं। वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण लोगों को घरों के अंदर मजबूरी में रहना पड़ रहा है, लेकिन बिजली कटौती हो रही है। इससे भीषण गर्मी में ग्रामीणों का बुरा हाल है।
कई रातों से बिजली नहीं आ रही है। दिन में भी सात- आठ घंटे बिजली मिल रही है। लोगों का गर्मी से जीना भी मुश्किल हो गया है। बिजली कर्मचारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- बृजेश पटैरिया, गौना
नाराहट फीडर की बिजली आने- जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। रात में बिजली नहीं मिलने के कारण ग्रामीण मोमबत्ती जलाकर निकाल काम कर रहे हैं।
- कप्तान सिंह, डोंगराखुर्द
रात में बिजली एक सप्ताह से नहीं आ रही है। एक तो गर्मी बहुत ज्यादा पड़ रही है, ऊपर से मच्छरों का प्रकोप ज्यादा है। ऐसे में लोगों का बुरा हाल हो रहा है।
- नरेंद्र दुबे, एडवोकेट
विद्युत व्यवस्था खराब चल रही है। नाराहट फीडर की बिजली रात में एक सप्ताह से नहीं आ रही है। इस ओर बिजली कर्मचारियों को ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बहुत गर्मी पड़ रही है।
- भूप्रताप सिंह
नाराहट फीडर की रात में बिजली नहीं आने की अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। यदि लाइट नहीं आ रही है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण