फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Newborn in danger, without fitness 34 school buses are filling speed

खतरे में नौनिहाल, बिना फिटनेस 34 स्कूल बसें भर रहीं रफ्तार

Sat, 23 Apr 2022 12:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 12:27 AM IST
विज्ञापन
Newborn in danger, without fitness 34 school buses are filling speed
ललितपुर। बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने के लिए दौड़ रही स्कूल बसों का हाल खराब है। हालात यह हैं कि जिले में बिना फिटनेस कराए 34 बसें फ र्राटा भर रही हैं। इनमें तमाम मानक पूरे नहीं हैं। ऐसे में नौनिहालों की जान खतरे में है। आलम यह है कि बसों में न तो फर्स्ट एड बॉक्स हैं और न ही खिड़कियों पर ग्रिल लगी है। अब मुख्यमंत्री ने इन बसों की जांच के आदेश दिए हैं, तो परिवहन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। बसों के स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इन्हें सात दिन का समय दिया जा रहा है।
विज्ञापन

बीते दिनों गाजियाबाद में एक स्कूल बस की खिड़की से झांक रहे छात्र का सिर पेड़ से टकराने मौत हो गई थी। जिले में भी बिना मानक बसें दौड़ रही हैं। बसों में तमाम सुविधाओं का अभाव है। अप्रशिक्षित चालक बसों को दौड़ाते हैं।
विज्ञापन

अब शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में स्कूल बसों की फिटनेस की जांच के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं। जिले में परिवहन विभाग ने तैयारियां शुरु कर दी हैं। विभाग में पंजीकृत 34 बसों के स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इन्हें सात दिन का समय फिटनेस के लिए दिया जाएगा। इसके बाद बिना फिटनेस स्कूलों बसों व अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल संचालकों को भी पत्र भेजे जा रहे हैं। इसमें बसों को मानक अनुुरुप संचालित करने की सलाह दी जाएगी। इसके बाद स्कूली बसों व अन्य वाहनों की जांच को अभियान चलाया जाएगा। जिसमें स्कूली मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही बसों में सवार बच्चों की संख्या जांची जाएगी। खिड़की में कांच व अन्य मरम्मत की जांच की जाएगी। जिसमें मानक विहीन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
यह हैं स्कूली बसों के मानक
- बस पीले रंग की होना चाहिए।
- बस के आगे व पीछे स्कूल बस व विद्यालय का नाम लिखा होना चाहिए।
- बस के दरवाजे पर ताले लगे होना चाहिए।
- छत से जुड़ी होल्डिंग रोड लगी होना चाहिए।
- बस में प्रेशर हॉर्न न लगा हो।
- आपात स्थिति में प्रयोग के लिए अलार्म घंटी व सायरन लगे होना चाहिए।
- फर्स्ट एड बॉक्स लगा होना चाहिए।
- सीटों पर सीट बेल्ट हो।
- सीसीटीवी कैमरा लगे होने चाहिए।
- सीट के नीचे बैग रखने के लिए रैक हो।
स्कूली बसों की फिटनेस के लिए वाहन स्वामियों को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। इसके बाद जांच अभियान चलाया जाएगा। जिसमें मानक विहीन चल रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, यात्रीकर अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed