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न स्कूलों में चौकस व्यवस्थाएं और न ही अस्पताल में

Thu, 08 Sep 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 08 Sep 2016 02:06 AM IST
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 Neither schools nor hospitals attentive arrangements
hospital, lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
तालबेहट (ललितपुर)। बुधवार को उपजिलाधिकारी हरीओम शर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हिगौरा का निरीक्षण किया। अस्पताल में डाक्टर नहीं मिले, गंदगी भी फैली हुई थी।
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 अस्पताल में फार्मासिस्ट एवं वार्ड ब्वाय ही मिले। बताया गया कि दो माह पहले स्थानांतरण हो जाने के बाद से ही यहां चिकित्सक को नहीं भेजा गया है।

खास बात यह थी कि बिना डाक्टर11 मरीजों का उपचार किया जा चुका था। स्वास्थ्य केंद्र में काफी गंदगी थी। मरीजों की ड्रेसिंग के लिए रखी रूई की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। स्वास्थ्य केन्द्र के नजदीक बने आवासों पर ताला लगा था। जानकारी करने पर बताया गया कि उनमें कोई रहता नहीं है। आवासों की खिड़कियों के शीशे टूटे थे। 
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इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय हिगौरा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय हंसारकला का निरीक्षण किया। दोनों विद्यालयों में क्रमश: 155 के सापेक्ष 70 तथा145 के सापेक्ष 58 छात्र उपस्थित मिले। दोनों विद्यालयों में  पूरा स्टाफ मौजूद नहीं था। छात्रों का शैक्षिक स्तर भी काफी घटिया था। गंदगी फैली हुई थी। विद्यालय में गैस संयोजन भी नहीं मिला।  एसडीएम ने बताया कि छात्रों को अभी तक किताबें एवं ड्रेसों का वितरण नहीं किया गया है।
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निरीक्षण-02
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न मास्साब आ रहे और न भवन पूरा
ललितपुर। प्राथमिक स्कूलों में अव्यवस्थाओं का डेरा है। न शिक्षक समय पर आ रहे हैं और न ही अन्य व्यवस्थाएं सुचारु हैं। यह स्थिति खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा द्वारा किए गए निरीक्षण में उजागर हुई।
 खंड शिक्षा अधिकारी ह्दय शंकर लाल श्रीवास्तव ने प्राइमरी कारीपहाड़ी व लखनावर स्कूल का निरीक्षण किया। दोनों स्कूल में व्यवस्थाएं ठीक मिलीं। प्राथमिक विद्यालय आलापुर में सुबह आठ बजकर पच्चीस मिनट पर 23 बच्चे उपस्थित थे, लेकिन अध्यापक पुष्पेंद्र, राकेश व प्रियंका नहीं आई थीं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय  आलापुर में जब बीडीओ पहुंचे तभी शिक्षक उपस्थित हुए।

प्राथमिक विद्यालय मझगुवां में चहारदीवारी अधूरी थी। शौचालय क्षतिग्रस्त था। भवन की रंगाई पुताई भी नहीं हुई थी। दिव्यांगों के लिए रैंप व बच्चों को चढ़ने के लिए सीढ़ी नहीं थी। मौके पर एक भी पंजिका नहीं मिली। सहायक अध्यापक रीतेश ने बताया कि इंचार्ज अध्यापक नीरज सभी पंजिका अपने पास रखते हैं। बुधवार होने के बाद भी दूध का  वितरण नहीं किया गया था। बच्चों का कहना था कि स्कूल में दूध का वितरण नहीं  किया जाता है। इस भवन का निर्माण चार साल में भी पूरा नहीं किया जा सका था। इस पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।

......
अभिलेख नहीं दिखा रहे निजी स्कूल
खंड  शिक्षा अधिकारी ने जखौरा के एक निजी स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान  उन्होंने प्रधानाचार्य से अभिलेखों का अवलोकन कराने को कहा। लेकिन, उन्होंने अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए। इससे पहले भी निरीक्षण में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की हिदायत दी गई थी। इसके बाद भी हालात जस के तस थे।
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