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रात में खेतों में घुसकर फसल चौपट कर रहीं नीलगाय
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किसानों की फसल बर्बाद कर रहीं नीलगायों का झुंड
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। विकासखंड बिरधा के अंतर्गत कई गांवों के किसान नीलगायों से परेशान हैं। वे झुंड में आकर खेतों में खड़ी फसलों को चौपट कर रही हैं। फसलों की रखवाली करते समय रात में किसान जहरीले कीड़ों के शिकार हो रहे हैं।
किसान नेताओं ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि विकासखंड बिरधा के अंतर्गत आने वाले ग्राम करमरा, मगरपुर, बछलापुर, बम्हौरी बिरधा, पटौआ, कैथोरा, ठगारी, बरौदिया, डोंगराकला, बेटना, सलैया, पिपरिया, अंडेला, खितवांस, छिल्ला, मिर्चवारा, पटसेमरा, सतरवांस, ऐरावनी, भौता, नीमखेरा, हरपुरा, रीछपुरा, सतौरा, पाली, सिमरधा आदि गांवों में नील गाय किसानों की फसलें चौपट कर रही हैं। फसलों को बचाने के लिए किसान दिन रात खेतों पर रखवाली कर रहे हैं। अनेक किसान रात के समय विषैले कीड़े मकोडों का शिकार भी हो चुके हैं।
कुछ वर्षों से जंगलों से नील गाय मैदानी इलाकों में आने लगी हैं। वह बिरधा स्थित मगरपुर की टौरिया पर अपना आशियाना बनाए हुए हैं। रात्रि के समय मौका पाकर किसानों के खेतों में घुसकर पूरी फसलें नष्ट कर देती हैं। इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। मगरपुर के अलावा पठारी की टौरिया, मैनवार की टौरिया पर भी इन्हें देखा जा सकता है। जनप्रतिनिधि व प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन बना हुआ है। उन्होंने जिलाधिकारी से नील गायों को पकड़वाने की मांग की है। ज्ञापन पर किसान नेता मुकेश कुमार लोधी, शशिकांत सिंह लोधी, केशमन सिंह लोधी, मुकेश कुमार रजक आदि के हस्ताक्षर हैं।
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किसान नेताओं ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि विकासखंड बिरधा के अंतर्गत आने वाले ग्राम करमरा, मगरपुर, बछलापुर, बम्हौरी बिरधा, पटौआ, कैथोरा, ठगारी, बरौदिया, डोंगराकला, बेटना, सलैया, पिपरिया, अंडेला, खितवांस, छिल्ला, मिर्चवारा, पटसेमरा, सतरवांस, ऐरावनी, भौता, नीमखेरा, हरपुरा, रीछपुरा, सतौरा, पाली, सिमरधा आदि गांवों में नील गाय किसानों की फसलें चौपट कर रही हैं। फसलों को बचाने के लिए किसान दिन रात खेतों पर रखवाली कर रहे हैं। अनेक किसान रात के समय विषैले कीड़े मकोडों का शिकार भी हो चुके हैं।
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कुछ वर्षों से जंगलों से नील गाय मैदानी इलाकों में आने लगी हैं। वह बिरधा स्थित मगरपुर की टौरिया पर अपना आशियाना बनाए हुए हैं। रात्रि के समय मौका पाकर किसानों के खेतों में घुसकर पूरी फसलें नष्ट कर देती हैं। इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। मगरपुर के अलावा पठारी की टौरिया, मैनवार की टौरिया पर भी इन्हें देखा जा सकता है। जनप्रतिनिधि व प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन बना हुआ है। उन्होंने जिलाधिकारी से नील गायों को पकड़वाने की मांग की है। ज्ञापन पर किसान नेता मुकेश कुमार लोधी, शशिकांत सिंह लोधी, केशमन सिंह लोधी, मुकेश कुमार रजक आदि के हस्ताक्षर हैं।
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