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नवरात्र आज से शुरू, पांडालों में गूंजेंगे मां के जयकारे
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- फोटो : navratri.jpeg
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ललितपुर। शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो रही है। सुबह से ही मंदिरों और घरों पर देवी मां की स्थापना के साथ पूजा-अर्चना होगी। शहर के प्रमुख स्थानों पर मातारानी का पंडाल सजाया जा रहा है, जहां मां के जयकारे गूंजेंगे। इस बार पंडालों में कोविड गाइड लाइन के पालन करने के लिए भी सतर्कता बरती जा रही है।
शारदीय नवरात्र की तैयारियों को लेकर युवा और लोग एक सप्ताह से जुटे रहे। बुधवार की शाम को देवी विराजमान के लिए पंडालों की सजावट पूरी कर ली गई है। पंडालों के रास्ते में बिजली की झालरें सजाई गईं है। मंदिरों में सजावट के लिए रंग बिरंगी लाइटों को लगाया गया है। वहीं, घट स्थापना के लिए भी बाजारों में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। नेहरू महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि व्रत व पर्वों में सबसे अधिक महत्व शारदीय नवरात्र का है। इस महोत्सव में मां भगवती की उपासना करते हैं। उन्होंने बताया कि पहली नवरात्रि में शैल पुत्री (देवी पार्वती) की उपासना का दिन होता है, जो श्रद्धालु नौ दिन व्रत नहीं रख पाते हैं, वह पहले दिन और नौवे दिन की नवरात्र में व्रत रखें। पहले व नौंवे दिन के व्रत करने से संपूर्ण फल मिल जाता है।
आज होगा कलश स्थापना
नवरात्र में सभी दिन शुभ माने जाते हैं लेकिन कलश स्थापना के लिए सुबह आठ बजे से नौ बजे तक और 11 बजकर 34 मिनट से तीन बजकर 33 मिनट तक भी समय विशेष शुभ मुहूर्त माना गया है।
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शारदीय नवरात्र की तैयारियों को लेकर युवा और लोग एक सप्ताह से जुटे रहे। बुधवार की शाम को देवी विराजमान के लिए पंडालों की सजावट पूरी कर ली गई है। पंडालों के रास्ते में बिजली की झालरें सजाई गईं है। मंदिरों में सजावट के लिए रंग बिरंगी लाइटों को लगाया गया है। वहीं, घट स्थापना के लिए भी बाजारों में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। नेहरू महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि व्रत व पर्वों में सबसे अधिक महत्व शारदीय नवरात्र का है। इस महोत्सव में मां भगवती की उपासना करते हैं। उन्होंने बताया कि पहली नवरात्रि में शैल पुत्री (देवी पार्वती) की उपासना का दिन होता है, जो श्रद्धालु नौ दिन व्रत नहीं रख पाते हैं, वह पहले दिन और नौवे दिन की नवरात्र में व्रत रखें। पहले व नौंवे दिन के व्रत करने से संपूर्ण फल मिल जाता है।
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आज होगा कलश स्थापना
नवरात्र में सभी दिन शुभ माने जाते हैं लेकिन कलश स्थापना के लिए सुबह आठ बजे से नौ बजे तक और 11 बजकर 34 मिनट से तीन बजकर 33 मिनट तक भी समय विशेष शुभ मुहूर्त माना गया है।
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