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मंत्री-अधिकारी एसी में, गरीब अंधेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Apr 2017 01:03 AM IST
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avas, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर।
शासन द्वारा भले ही शहर को चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है और क्षेत्र के मंत्री, विधायक और अधिकारी एसी में सोते हों, लेकिन कांशीराम आवासीय कालौनी में आवास आवंटन के तीन वर्ष बीत जाने के बाद आज तक गरीबों के घर रोशन करने के लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई है, जिससे यहां गरीब अंधेरे में गिर रहा है। टंकी निर्माण नहीं होने से पानी की परेशानी हमेशा बनी रहती है। हैंडपंप आए दिन खराब बने रहते हैं। बिजली नहीं होने से लोग गर्मी से बेहाल और मच्छरों के आतंक से परेशान हैं। यहां बने पार्कों की सफाई व्यवस्था के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
रघुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय के मुख्य गेट के सामने कांशीराम कालोनी का निर्माण वर्ष 2013 में कराया गया था। उक्त कालोनी का निर्माण बसपा शासन काल में वर्ष 2011 में शुरू हुआ था और यह कालोनी दो वर्ष में बनकर तैयार हो गई और सपा शासनकाल में आवासों को आवंटन किया गया था। इस कालोनी में 42 ब्लॉक हैं, जिसमें करीब ढाई सौ परिवारों को आवास आवंटित कराए गए थे।
चार ठेकेदारों द्वारा कालोनी का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन सरकारों की राजनीति में कालोनी के लिए पूर्ण बजट उपलब्ध नहीं होने के चलते विद्युतीकरण, पानी की टंकी और सड़क तक नहीं बनाई जा सकी है। इससे यहां के गरीबों को मिट्टी के तेल के दिया जलाना मजबूरी है। रात के अंधेरे में कालोनी की तीन मंजिला इमारतों से कई बार बच्चे व बड़े भी गिरकर घायल हो चुके हैं, तो एक बच्चे की मौत भी रात के अंधेरे में तीन मंजिला इमारत से गिरने के कारण होना बताया गया है। कालोनी में पानी की व्यवस्था के लिए सात हैंडपंप लगाए गए हैं, जिनमें से दो हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है।
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पांच हैंडपंप के पानी से ढाई सौ परिवारों के कंठ तर हो रहे हैं। कालोनी के बाशिंदों ने कई बार अधिकारियों, विधायकों से बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ज्ञापन देकर मांग भी की, लेकिन जनप्रतिनिधि कालोनी वासियों को आश्वासन के अलावा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कोई कारगर पहल नहीं कर रहे हैँ। यहां तक कि यहां की महिलाओं ने साहस दिखाते हुए अब मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को भी समस्या को लिखित रूप से फैक्स किया है और कालोनी में बिना भेदभाव के बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। अमर उजाला की टीम ने कालोनी के लोगों से समस्यात्मक विषय पर चर्चा की, जिस पर लोगों ने शासन द्वारा उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
कोई सुनवाई नही है
ललितपुर। कांशीराम कालोनी में गरीबों को आवास तो आवंटित करा दिए, लेकिन बिजली, पानी नहीं होने से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। रात में जहरीले कीड़ों का डर बना रहता है, बच्चों की अंधेरे में पढ़ाई नहीं हो पाती है। कई बार बिजली, पानी के लिए अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
-किरन पंथ।
रात में अराजक तत्वों से रहता खतरा
ललितपुर। कालोनी में बिजली नहीं होने से यहां आए दिन अराजक तत्वों को आना-जाना लगा रहता है। रात के अंधेरे में चोरी, छीना छपटी और बच्चों से मारपीट जैसी कई वारदातें यहां हो चुकी हैं। कई बार कालोनी वालों का ऐसे लोगों से विवाद भी हो चुका है। पानी के लिए भी दूर लगे हैंडपंप का सहारा है।
- रामप्यारी।
-
अस्थाई सड़क से आने-जाने में होती परेशानी
ललितपुर। कालोनी तक आने-जाने के लिए अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। बिजली नहीं होने से शाम होने के बाद कालोनी में ऊबड़-खाबड़ सड़क के रास्ते आने-जाने में परेशानी होती है। कई बार विधायक व अधिकारियों को ज्ञापन दिया, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
सुनीता सेन।
-
मच्छरों से फैल रही बीमारियां
ललितपुर। बिजली के अभाव और कालोनी में कोई फौगिंग तक नहीं होने के चलते मच्छरों का जबरदस्त आतंक है। मच्छरों से लोगों को गंभीर बीमारियां हो रही हैं। बच्चों के साथ बड़ों को शरीर में मच्छरों के काटने की वजह से बड़े-बड़े फोले तक पड़ गए हैं। लेकिन रोकथाम के कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
मुंशी।
अंधेरे में गिरकर हुआ अपंग
ललितपुर। कालोनी निवासी अरविंद कुमार तीन माह पूर्व छह जनवरी को अंधेरा होने की वजह से वह कालोनी की सीढ़ियों से उतरने के दौरान गिरकर अपंग हो गए हैं। अब वह चलने फिरने में भी सक्षम नहीं हैं। कालोनी में बिजली नहीं होने से अंधेरे में कई हादसे हो चुके हैं। इससे कई लोग गिरकर घायल हुए हैं।
- अरविंद कुमार।
मिट्टी के तेल का दिया जलाना मजबूरी
ललितपुर। खुद का मकान नहीं होने के कारण कालोनी में रहना मजबूरी है। आवास आवंटन के दो साल बाद भी बिजली नहीं पहुंचने पर मिट्टी के तेल की दियासलाई जलाना मजबूरी है। दियासलाई जलाने से बच्चों की आंखों में जलन की परेशानी भी होती है। इस बार मुख्यमंत्री को बिजली के लिए प्रार्थना पत्र लिखकर फैक्स किया है। इसके लिए वह लखनऊ भी जाएंगी।
-राखी।
बजट के अभाव में कालोनी में कई काम रुक गए हैं। शासन की ओर से बजट मिलते ही काम पूरा किया जाएगा।
रमेश चंद्र तिवारी, एसडीएम
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शासन द्वारा भले ही शहर को चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है और क्षेत्र के मंत्री, विधायक और अधिकारी एसी में सोते हों, लेकिन कांशीराम आवासीय कालौनी में आवास आवंटन के तीन वर्ष बीत जाने के बाद आज तक गरीबों के घर रोशन करने के लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई है, जिससे यहां गरीब अंधेरे में गिर रहा है। टंकी निर्माण नहीं होने से पानी की परेशानी हमेशा बनी रहती है। हैंडपंप आए दिन खराब बने रहते हैं। बिजली नहीं होने से लोग गर्मी से बेहाल और मच्छरों के आतंक से परेशान हैं। यहां बने पार्कों की सफाई व्यवस्था के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
रघुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय के मुख्य गेट के सामने कांशीराम कालोनी का निर्माण वर्ष 2013 में कराया गया था। उक्त कालोनी का निर्माण बसपा शासन काल में वर्ष 2011 में शुरू हुआ था और यह कालोनी दो वर्ष में बनकर तैयार हो गई और सपा शासनकाल में आवासों को आवंटन किया गया था। इस कालोनी में 42 ब्लॉक हैं, जिसमें करीब ढाई सौ परिवारों को आवास आवंटित कराए गए थे।
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चार ठेकेदारों द्वारा कालोनी का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन सरकारों की राजनीति में कालोनी के लिए पूर्ण बजट उपलब्ध नहीं होने के चलते विद्युतीकरण, पानी की टंकी और सड़क तक नहीं बनाई जा सकी है। इससे यहां के गरीबों को मिट्टी के तेल के दिया जलाना मजबूरी है। रात के अंधेरे में कालोनी की तीन मंजिला इमारतों से कई बार बच्चे व बड़े भी गिरकर घायल हो चुके हैं, तो एक बच्चे की मौत भी रात के अंधेरे में तीन मंजिला इमारत से गिरने के कारण होना बताया गया है। कालोनी में पानी की व्यवस्था के लिए सात हैंडपंप लगाए गए हैं, जिनमें से दो हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है।
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पांच हैंडपंप के पानी से ढाई सौ परिवारों के कंठ तर हो रहे हैं। कालोनी के बाशिंदों ने कई बार अधिकारियों, विधायकों से बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ज्ञापन देकर मांग भी की, लेकिन जनप्रतिनिधि कालोनी वासियों को आश्वासन के अलावा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कोई कारगर पहल नहीं कर रहे हैँ। यहां तक कि यहां की महिलाओं ने साहस दिखाते हुए अब मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को भी समस्या को लिखित रूप से फैक्स किया है और कालोनी में बिना भेदभाव के बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। अमर उजाला की टीम ने कालोनी के लोगों से समस्यात्मक विषय पर चर्चा की, जिस पर लोगों ने शासन द्वारा उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
कोई सुनवाई नही है
ललितपुर। कांशीराम कालोनी में गरीबों को आवास तो आवंटित करा दिए, लेकिन बिजली, पानी नहीं होने से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। रात में जहरीले कीड़ों का डर बना रहता है, बच्चों की अंधेरे में पढ़ाई नहीं हो पाती है। कई बार बिजली, पानी के लिए अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
-किरन पंथ।
रात में अराजक तत्वों से रहता खतरा
ललितपुर। कालोनी में बिजली नहीं होने से यहां आए दिन अराजक तत्वों को आना-जाना लगा रहता है। रात के अंधेरे में चोरी, छीना छपटी और बच्चों से मारपीट जैसी कई वारदातें यहां हो चुकी हैं। कई बार कालोनी वालों का ऐसे लोगों से विवाद भी हो चुका है। पानी के लिए भी दूर लगे हैंडपंप का सहारा है।
- रामप्यारी।
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अस्थाई सड़क से आने-जाने में होती परेशानी
ललितपुर। कालोनी तक आने-जाने के लिए अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। बिजली नहीं होने से शाम होने के बाद कालोनी में ऊबड़-खाबड़ सड़क के रास्ते आने-जाने में परेशानी होती है। कई बार विधायक व अधिकारियों को ज्ञापन दिया, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
सुनीता सेन।
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मच्छरों से फैल रही बीमारियां
ललितपुर। बिजली के अभाव और कालोनी में कोई फौगिंग तक नहीं होने के चलते मच्छरों का जबरदस्त आतंक है। मच्छरों से लोगों को गंभीर बीमारियां हो रही हैं। बच्चों के साथ बड़ों को शरीर में मच्छरों के काटने की वजह से बड़े-बड़े फोले तक पड़ गए हैं। लेकिन रोकथाम के कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
मुंशी।
अंधेरे में गिरकर हुआ अपंग
ललितपुर। कालोनी निवासी अरविंद कुमार तीन माह पूर्व छह जनवरी को अंधेरा होने की वजह से वह कालोनी की सीढ़ियों से उतरने के दौरान गिरकर अपंग हो गए हैं। अब वह चलने फिरने में भी सक्षम नहीं हैं। कालोनी में बिजली नहीं होने से अंधेरे में कई हादसे हो चुके हैं। इससे कई लोग गिरकर घायल हुए हैं।
- अरविंद कुमार।
मिट्टी के तेल का दिया जलाना मजबूरी
ललितपुर। खुद का मकान नहीं होने के कारण कालोनी में रहना मजबूरी है। आवास आवंटन के दो साल बाद भी बिजली नहीं पहुंचने पर मिट्टी के तेल की दियासलाई जलाना मजबूरी है। दियासलाई जलाने से बच्चों की आंखों में जलन की परेशानी भी होती है। इस बार मुख्यमंत्री को बिजली के लिए प्रार्थना पत्र लिखकर फैक्स किया है। इसके लिए वह लखनऊ भी जाएंगी।
-राखी।
बजट के अभाव में कालोनी में कई काम रुक गए हैं। शासन की ओर से बजट मिलते ही काम पूरा किया जाएगा।
रमेश चंद्र तिवारी, एसडीएम