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कालोनी में मोटर खराब होने से पानी के लिये मची त्राहि-त्राहि
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आसरा कॉलोनी में हैंडपंप पर पानी भरने को लगी भीड़
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। बुढ़वार रोड स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास बनी आसरा आवासीय कॉलोनी में मोटर खराब होने से टंकी शोपीस बनकर रह गई है। मौजूदा समय में कॉलोनीवासियों को हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ रहा है। जो लोग ऊपरी मंजिलों में रहते हैं, उनके लिए बूंद-बूंद पानी की समस्या खड़ी हो गई है।
नगरीय क्षेत्र के निर्धन परिवारों को आसरा कॉलोनी में आवास आवंटित किए गए हैं। यहां लगभग 26 ब्लाक बने हुए हैं। इनमें अस्सी परिवार निवास कर रहे हैं। यहां पिछले 10 दिन से मोटर खराब है, जिससे पानी की सप्लाई वाली टंकी नहीं भर पा रही है। कॉलोनी में बनी पानी की टंकी शोपीस बनकर रह गई है। कॉलोनी में नीचे ब्लॉक में रहने वाले लोग परिसर में लगे हैंडपंपों से पानी भर लेते हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या ऊपरी मंजिल में रहने वाले लोगों के लिए हो गई है। कोई अपने हाथों में डिब्बा टांगकर तो कोई बाल्टी टांगकर तो कोई सिर पर पानी का कुप्पा भरकर सीढ़ियों से चढ़कर ऊपरी मंजिल तक ले जा रहे हैं।
हैंडपंप पर पानी भरने के चक्कर में रोज झगड़े हो रहे हैं। हैंडपंपों पर पानी भरने के लिये सुबह से लेकर रात्रि तक महिला, पुरुष व बच्चों की भारी भीड़ लगी रहती है। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। कॉलोनी में दो हैंडपंप लगे हैं, जिसमें से एक हैंडपंप कई दिन से खराब पड़ा है। बीते दिनों कॉलोनीवासियों ने चंदा जोड़कर खराब हैंडपंप ठीक कराया था।
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कॉलोनीवासियों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर खराब पड़ी मोटर को जल्द से जल्द ठीक कराने की मांग की है। शिकायती पत्र पर भारती, पूजा, रजनी, राजकुमारी, नीलम, जामबती, रेखा, रश्मि, सुमन, रूबी, जयंती, ममता, इरसाद, लकी के हस्ताक्षर बने हैं।
कॉलोनीवासियों को पानी भरने के लिये पसीना बहाना पड़ रहा है। हैंडपंपों पर पानी भरने के लिये सुबह से लेकर रात्रि तक महिला, पुरुष, बच्चों की भारी भीड़ लगी रहती है।
- भरत जोशी
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गर्मी के सीजन में पानी की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी दौरान यदि जलापूर्ति बाधित हो जाए तो यह लोगों के लिए बड़ी खलती है। ऐसे में हैंडपंप से पानी जुटाना मुश्किल हो जाता है।
- ममता
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ऊपरी मंजिल में जो लोग रहते हैं, उनके लिए पेयजल संकट किसी आफत से कम नहीं है। सिर पर पानी के साथ सीढ़ी चढ़ना कोई आसान काम नहीं है। कई लोगों को सीढ़ी चढ़ते-चढ़ते थकान हो जाती है तो कइयों की सांस फूल जाती है।
- राजकुमार
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन हैंडपंप पर पानी भरते समय इसका पालन नहीं हो पा रहा है। हर कोई चाहता है कि उसे पानी पहले मिल जाए। यदि मोटर की समय से मरम्मत हो जाती तो शायद यह नौबत नहीं आती।
- रंजीत
ऑसरा कालोनी शहर के एक किनारे बसी है। इस कारण कॉलोनी की समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दस दिन से मोटर खराब पड़ी है और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं पहुंच पाई है।
- जयंती
कॉलोनी में दस दिन से मोटर खराब पड़ी है। इसकी अभी तक किसी सुध भी नहीं ली है। इसका खामियाजा समूची कॉलोनीवासियों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
- मेवा पंथ
आसरा कॉलोनी में मोटर खराब होने की जानकारी नहीं है। यहां जलापूर्ति शीघ्र सुचारू कराई जाएगी।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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नगरीय क्षेत्र के निर्धन परिवारों को आसरा कॉलोनी में आवास आवंटित किए गए हैं। यहां लगभग 26 ब्लाक बने हुए हैं। इनमें अस्सी परिवार निवास कर रहे हैं। यहां पिछले 10 दिन से मोटर खराब है, जिससे पानी की सप्लाई वाली टंकी नहीं भर पा रही है। कॉलोनी में बनी पानी की टंकी शोपीस बनकर रह गई है। कॉलोनी में नीचे ब्लॉक में रहने वाले लोग परिसर में लगे हैंडपंपों से पानी भर लेते हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या ऊपरी मंजिल में रहने वाले लोगों के लिए हो गई है। कोई अपने हाथों में डिब्बा टांगकर तो कोई बाल्टी टांगकर तो कोई सिर पर पानी का कुप्पा भरकर सीढ़ियों से चढ़कर ऊपरी मंजिल तक ले जा रहे हैं।
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हैंडपंप पर पानी भरने के चक्कर में रोज झगड़े हो रहे हैं। हैंडपंपों पर पानी भरने के लिये सुबह से लेकर रात्रि तक महिला, पुरुष व बच्चों की भारी भीड़ लगी रहती है। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। कॉलोनी में दो हैंडपंप लगे हैं, जिसमें से एक हैंडपंप कई दिन से खराब पड़ा है। बीते दिनों कॉलोनीवासियों ने चंदा जोड़कर खराब हैंडपंप ठीक कराया था।
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कॉलोनीवासियों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर खराब पड़ी मोटर को जल्द से जल्द ठीक कराने की मांग की है। शिकायती पत्र पर भारती, पूजा, रजनी, राजकुमारी, नीलम, जामबती, रेखा, रश्मि, सुमन, रूबी, जयंती, ममता, इरसाद, लकी के हस्ताक्षर बने हैं।
कॉलोनीवासियों को पानी भरने के लिये पसीना बहाना पड़ रहा है। हैंडपंपों पर पानी भरने के लिये सुबह से लेकर रात्रि तक महिला, पुरुष, बच्चों की भारी भीड़ लगी रहती है।
- भरत जोशी
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गर्मी के सीजन में पानी की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी दौरान यदि जलापूर्ति बाधित हो जाए तो यह लोगों के लिए बड़ी खलती है। ऐसे में हैंडपंप से पानी जुटाना मुश्किल हो जाता है।
- ममता
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ऊपरी मंजिल में जो लोग रहते हैं, उनके लिए पेयजल संकट किसी आफत से कम नहीं है। सिर पर पानी के साथ सीढ़ी चढ़ना कोई आसान काम नहीं है। कई लोगों को सीढ़ी चढ़ते-चढ़ते थकान हो जाती है तो कइयों की सांस फूल जाती है।
- राजकुमार
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन हैंडपंप पर पानी भरते समय इसका पालन नहीं हो पा रहा है। हर कोई चाहता है कि उसे पानी पहले मिल जाए। यदि मोटर की समय से मरम्मत हो जाती तो शायद यह नौबत नहीं आती।
- रंजीत
ऑसरा कालोनी शहर के एक किनारे बसी है। इस कारण कॉलोनी की समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दस दिन से मोटर खराब पड़ी है और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं पहुंच पाई है।
- जयंती
कॉलोनी में दस दिन से मोटर खराब पड़ी है। इसकी अभी तक किसी सुध भी नहीं ली है। इसका खामियाजा समूची कॉलोनीवासियों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
- मेवा पंथ
आसरा कॉलोनी में मोटर खराब होने की जानकारी नहीं है। यहां जलापूर्ति शीघ्र सुचारू कराई जाएगी।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान