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दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर महिला ने किया अग्निस्नान, दोनों गंभीर
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Mother sitting in fire with baby in her lap
ललितपुर। थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम साढ़ूमल में एक मां ने अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर आग लगा ली। इससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया। महिला के आग लगाने का कारण स्पष्ट नहीं है।
ग्राम साढ़ूमल निवासी गनेशीबाई (25) पत्नी रामानंद कुशवाहा ने रविवार की सुबह किसी बात से क्षुब्ध होकर आंगन में अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। आग की लपटों से घिरी महिला आंगन में ही बच्चे को गोद में लेकर चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगी। आस- पड़ोस के लोगों ने गनेशीबाई के चिल्लाने की आवाज सुनी तो उसके घर जाकर नजारा देेखा। यह देख सभी स्तब्ध रह गए और महिला की आग किसी प्रकार बुझाई। जानकारी घर से बाहर गए परिजनों को दी गई और डायल 112 पुलिस को फोन लगाया।
पड़ोसियों ने किसी प्रकार महिला व बच्चे को जली हुई अवस्था में मड़ावरा सीएचसी मेें ले जाकर उपचार कराया। जहां दोनों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मां-बेटे को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां भी चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर दोनों की हालत गंभीर होने पर दोनों मां- बेटे को झांसी मेडीकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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झुलसी महिला के ससुर हरदास ने बताया कि घटना के दौरान मैं, मेरी पत्नी और बड़ा लड़का घर पर नहीं थे। वह सभी अपने-अपने काम से घर से बाहर थे। घर में देवरानी व जेठानी थीं। झुलसी महिला से जब जिला चिकित्सालय में बात की गई तो उसने खुद को आग लगाने की बात को कही, लेकिन आग लगाने का कारण स्पष्ट नहीं किया।
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ग्राम साढ़ूमल निवासी गनेशीबाई (25) पत्नी रामानंद कुशवाहा ने रविवार की सुबह किसी बात से क्षुब्ध होकर आंगन में अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। आग की लपटों से घिरी महिला आंगन में ही बच्चे को गोद में लेकर चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगी। आस- पड़ोस के लोगों ने गनेशीबाई के चिल्लाने की आवाज सुनी तो उसके घर जाकर नजारा देेखा। यह देख सभी स्तब्ध रह गए और महिला की आग किसी प्रकार बुझाई। जानकारी घर से बाहर गए परिजनों को दी गई और डायल 112 पुलिस को फोन लगाया।
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पड़ोसियों ने किसी प्रकार महिला व बच्चे को जली हुई अवस्था में मड़ावरा सीएचसी मेें ले जाकर उपचार कराया। जहां दोनों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मां-बेटे को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां भी चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर दोनों की हालत गंभीर होने पर दोनों मां- बेटे को झांसी मेडीकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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झुलसी महिला के ससुर हरदास ने बताया कि घटना के दौरान मैं, मेरी पत्नी और बड़ा लड़का घर पर नहीं थे। वह सभी अपने-अपने काम से घर से बाहर थे। घर में देवरानी व जेठानी थीं। झुलसी महिला से जब जिला चिकित्सालय में बात की गई तो उसने खुद को आग लगाने की बात को कही, लेकिन आग लगाने का कारण स्पष्ट नहीं किया।