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Lalitpur News: पति-पत्नी के रिश्तों में खटास पैदा कर रहा मोबाइल
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ललितपुर। मोबाइल ने पति-पत्नी के रिश्तों में आग लगा दी है। न्यायालयों में लगभग चालीस फीसदी मामलों में पत्नी या पति मोबाइल से बनाए गए वीडियो, रील व मोबाइल चैट को साक्ष्य के रूप में पेश कर रहे हैं।
न्यायालयों में प्रस्तुत मुकदमों के आकंड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट, फोटो, चैट कई बार पति-पत्नी या परिवारों के बीच गंभीर तनाव, विवाद की जड़ बन रहे हैं। कुटुंब न्यायालयों में तलाक, क्रूरता और व्यभिचार के मामलों में सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट डिजिटल साक्ष्य के रूप में पेश किए जा रहे हैं। पैनल अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मद्रास हाईकोर्ट ने एक मामले में व्हाट्सएप पर भेजे गए अपमानजनक मैसेज को मानसिक क्रूरता का प्रमाण माना है। पारिवारिक मामलों की रिपोर्ट के अनुसार 2021 के बाद 40 फीसदी मामलों में डिजिटल साक्ष्य का प्रयोग भी सामने आया है।
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केस एक
मध्य प्रदेश के बीना में एक पेट्रोलियम कंपनी के मैनेजर की शादी जनपद में हुई थी। विवाह के कुछ माह बाद ही दंपती के बीच विवाद बढ़ने लगे। पत्नी लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती थी और अपनी जीवनशैली से जुड़ी रील पोस्ट करती थी। पति इस पर आपत्ति करता था। इसी बात को लेकर दोनों में मतभेद बढ़ गए और बाद में मामला अदालत में पहुंच गया और अंत में दोनों के बीच तलाक हो गया।
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केस दो-
जनपद के एक युवक की शादी टीकमगढ़ के एक गांव में हुई थी। विवाह के बाद युवक को पता चला कि उसकी पत्नी लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती है। पत्नी ने कई पुरुष मित्र बना लिए और उनसे आपत्तिजनक चैट करने लगी। जब पति को पता चला तो उसने उसके मोबाइल के आपत्तिजनक चैट को साक्ष्य के रूप से सुरक्षित कर लिया। इसके बाद पति ने पत्नी के कृत्यों के विरुद्ध न्यायालय में शरण ली और ये सभी साक्ष्य अदालत में भी पेश किए।
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केस तीन-
सोशल मीडिया के दुरुपयोग ने एक परिवार को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। मामला एक विवाहिता से जुड़ा है। ससुराल पक्ष के सदस्य उसकी आधुनिक जीवनशैली के नाम पर उससे असामान्य व्यवहार करने लगे। उसके ससुर व देवर ने विवाहिता से छेड़खानी तक की, जबकि उसका पति दूसरी महिला के साथ लिव इन में रहने लगा।
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केस नंबर चार-
ललितपुर के एक युवक की शादी तालबेहट क्षेत्र में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। दंपती मजदूरी करते थे। कुछ समय बाद दोनों ने महंगा मोबाइल खरीदा, जो उनके वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या बन गया। पति सोशल मीडिया पर सक्रिय हुआ और उसकी शहर की एक युवती से नजदीकियां बढ़ने लगीं। चैटिंग भी खूब होती थी। पत्नी को पता चला तो उसने विरोध किया और वह मायके चली गई। इसके बाद उसने अदालत की शरण ली। मुकदमे के दौरान पत्नी को मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक वीडियो मिले, जिन्हें उसने पुलिस और अदालत में भी प्रस्तुत किया। कुछ ही दिनों बाद पति ने मानसिक तनाव में आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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न्यायालयों में प्रस्तुत मुकदमों के आकंड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट, फोटो, चैट कई बार पति-पत्नी या परिवारों के बीच गंभीर तनाव, विवाद की जड़ बन रहे हैं। कुटुंब न्यायालयों में तलाक, क्रूरता और व्यभिचार के मामलों में सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट डिजिटल साक्ष्य के रूप में पेश किए जा रहे हैं। पैनल अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मद्रास हाईकोर्ट ने एक मामले में व्हाट्सएप पर भेजे गए अपमानजनक मैसेज को मानसिक क्रूरता का प्रमाण माना है। पारिवारिक मामलों की रिपोर्ट के अनुसार 2021 के बाद 40 फीसदी मामलों में डिजिटल साक्ष्य का प्रयोग भी सामने आया है।
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केस एक
मध्य प्रदेश के बीना में एक पेट्रोलियम कंपनी के मैनेजर की शादी जनपद में हुई थी। विवाह के कुछ माह बाद ही दंपती के बीच विवाद बढ़ने लगे। पत्नी लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती थी और अपनी जीवनशैली से जुड़ी रील पोस्ट करती थी। पति इस पर आपत्ति करता था। इसी बात को लेकर दोनों में मतभेद बढ़ गए और बाद में मामला अदालत में पहुंच गया और अंत में दोनों के बीच तलाक हो गया।
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केस दो-
जनपद के एक युवक की शादी टीकमगढ़ के एक गांव में हुई थी। विवाह के बाद युवक को पता चला कि उसकी पत्नी लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती है। पत्नी ने कई पुरुष मित्र बना लिए और उनसे आपत्तिजनक चैट करने लगी। जब पति को पता चला तो उसने उसके मोबाइल के आपत्तिजनक चैट को साक्ष्य के रूप से सुरक्षित कर लिया। इसके बाद पति ने पत्नी के कृत्यों के विरुद्ध न्यायालय में शरण ली और ये सभी साक्ष्य अदालत में भी पेश किए।
केस तीन-
सोशल मीडिया के दुरुपयोग ने एक परिवार को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। मामला एक विवाहिता से जुड़ा है। ससुराल पक्ष के सदस्य उसकी आधुनिक जीवनशैली के नाम पर उससे असामान्य व्यवहार करने लगे। उसके ससुर व देवर ने विवाहिता से छेड़खानी तक की, जबकि उसका पति दूसरी महिला के साथ लिव इन में रहने लगा।
केस नंबर चार-
ललितपुर के एक युवक की शादी तालबेहट क्षेत्र में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। दंपती मजदूरी करते थे। कुछ समय बाद दोनों ने महंगा मोबाइल खरीदा, जो उनके वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या बन गया। पति सोशल मीडिया पर सक्रिय हुआ और उसकी शहर की एक युवती से नजदीकियां बढ़ने लगीं। चैटिंग भी खूब होती थी। पत्नी को पता चला तो उसने विरोध किया और वह मायके चली गई। इसके बाद उसने अदालत की शरण ली। मुकदमे के दौरान पत्नी को मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक वीडियो मिले, जिन्हें उसने पुलिस और अदालत में भी प्रस्तुत किया। कुछ ही दिनों बाद पति ने मानसिक तनाव में आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।