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जिले में 1124 आंगनबाड़ी कर्मचारी होंगी मोबाइल से लैस
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ललितपुर। बाल विकास व पुष्टाहार विभाग द्वारा विभागीय कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए आंगनबाड़ी कर्मचारियों को मोबाइल फोन से लैस किया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों के समय की बचत होगी। दीपावली पर्व से पहले जिले की 1124 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल वितरित किए जाएंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दीपावली पर्व से पहले मोबाइल उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मोबाइल में पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन को इंस्टॉल किया गया है, जिसमें केंद्र से संबंधित डाटा अपलोड कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डाटा में कुपोषित बच्चों का ब्योरा अपलोड होगा। इसमें कितने बच्चे कुपोषित चिह्नित हैं। कितने एनआरसी में भर्ती हैं और किन बच्चों को एनआरसी में आने वाले दिनों में भेजा जाना है आदि जानकारी उपलब्ध होगी। इससे मॉनिटरिंग आसानी से हो सकेगी। इसका फायदा लाभार्थियों को मिलेगा। साथ ही डाटा में पारदर्शिता आएगी।
केंद्र पर वितरित पोषाहार का विवरण उसी दिन एप्लीकेशन में अपलोड किया जाएगा। पौष्टिक आहार वितरित होगा। साथ ही कितने लाभार्थी छूटे हैं। इसके अलावा लाभार्थियों से केंद्र के संचालन का फीडबैक भी समय-समय पर लिया जाएगा। एप्लीकेशन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर लाभार्थी के फोन नंबर अपलोड किए जाएंगे।
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वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र दो दिन संचालित हो रहे हैं, आगामी दिनों में जब पूरे हफ्ते खुलेंगे। तब बच्चों की उपस्थिति इसी एप्लीकेशन में भरी जाएगी। इंटरनेट डाटा का भुगतान विभाग द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने संगनियों को मोबाइल एप्लीकेशन से लैस कर दिया है। अब आईसीडीएस ने भी इस ओर कदम बढ़ा दिए हैं। जिले में 1124 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में लगभग 1,30,000 बच्चे अंकित हैं, जिन्हें पौष्टिक आहार का वितरण किया जाता है। इसके अलावा गर्भवती धात्री माताओं का टीकाकरण किया जाता है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दीपावली पर्व से पहले मोबाइल उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मोबाइल में पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन को इंस्टॉल किया गया है, जिसमें केंद्र से संबंधित डाटा अपलोड कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डाटा में कुपोषित बच्चों का ब्योरा अपलोड होगा। इसमें कितने बच्चे कुपोषित चिह्नित हैं। कितने एनआरसी में भर्ती हैं और किन बच्चों को एनआरसी में आने वाले दिनों में भेजा जाना है आदि जानकारी उपलब्ध होगी। इससे मॉनिटरिंग आसानी से हो सकेगी। इसका फायदा लाभार्थियों को मिलेगा। साथ ही डाटा में पारदर्शिता आएगी।
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केंद्र पर वितरित पोषाहार का विवरण उसी दिन एप्लीकेशन में अपलोड किया जाएगा। पौष्टिक आहार वितरित होगा। साथ ही कितने लाभार्थी छूटे हैं। इसके अलावा लाभार्थियों से केंद्र के संचालन का फीडबैक भी समय-समय पर लिया जाएगा। एप्लीकेशन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर लाभार्थी के फोन नंबर अपलोड किए जाएंगे।
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वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र दो दिन संचालित हो रहे हैं, आगामी दिनों में जब पूरे हफ्ते खुलेंगे। तब बच्चों की उपस्थिति इसी एप्लीकेशन में भरी जाएगी। इंटरनेट डाटा का भुगतान विभाग द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने संगनियों को मोबाइल एप्लीकेशन से लैस कर दिया है। अब आईसीडीएस ने भी इस ओर कदम बढ़ा दिए हैं। जिले में 1124 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में लगभग 1,30,000 बच्चे अंकित हैं, जिन्हें पौष्टिक आहार का वितरण किया जाता है। इसके अलावा गर्भवती धात्री माताओं का टीकाकरण किया जाता है।