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मोबाइल से सीधे लखनऊ से जुड़ेंगी आशा
Mobile directly from Lucknow hope Judengi
Updated Tue, 01 Dec 2015 12:46 AM IST
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ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकत्रियां अब ग्राम स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी सीधे लखनऊ भेजेंगी। इसके लिए आशाओं को तकनीक से जोड़ा जाएगा और मोबाइल एकेडमी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी।
जिले में आठ सौ अधिक आशा कार्यकत्रियां हैं। आशा कार्यकत्रियों को लखनऊ मुख्यालय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए मोबाइल हैंडसेट और सिम दी जा चुकी है। अब इन्हें मोबाइल एकेडमी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस ट्रेनिंग के जरिए आशाएं स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं लखनऊ स्थित सर्वर रूम पर भेजेंगी, जिससे स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की मानीटरिंग करने में आसानी रहेगी। अभी आशाएं कागज पर लिखकर ग्रामीण इलाकों में किए गए कार्य की प्रगति रिपोर्ट डाटा ऑपरेटर को उपलब्ध कराती हैं।
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जल्द ही आशाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी कि वह अपने मोबाइल से सारी सूचनाएं जैसे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की पहचान, रजिस्ट्रेशन, प्रसव आदि की जानकारी सीधे मोबाइल से लखनऊ भेजें। आशाओं को प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम तय कर लिया गया है।
तीन चरण में होगा कार्यक्रम
आशाओं को ट्रेनिंग देने संबंधी मोबाइल एकेडमी कार्यक्रम को तीन चरणों बांटा गया है। पहले चरण में कार्यदायी संस्था बीबीसी मीडिया एक्शन की ओर से जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक, जिला डाटा प्रबंधक आदि को डेमो के माध्यम से योजना के बारे में बताया गया है।
अब द्वितीय चरण में ट्रेनिंग आफ ट्रेनर्स के तहत ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का व्यय बीबीसी मीडिया एक्शन द्वारा वहन किया जाएगा। तीसरे चरण में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम में प्रशिक्षित अधिकारी ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में आशाओं को प्रशिक्षित करेंगे।
आशाओं को मिलेेगा भत्ता
मोबाइल एकेडमी ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान ब्लाक स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सौ रुपये का भत्ता आशा कार्यकत्रियों को दिया जाएगा। जनपद में वर्तमान में 806 आशाएं कार्यरत हैं। इनके लिए 80,600 रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षण दो दिवसीय है, लेकिन भत्ता केवल एक दिन के लिए ही देय होगा।
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जिले में आठ सौ अधिक आशा कार्यकत्रियां हैं। आशा कार्यकत्रियों को लखनऊ मुख्यालय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए मोबाइल हैंडसेट और सिम दी जा चुकी है। अब इन्हें मोबाइल एकेडमी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी।
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इस ट्रेनिंग के जरिए आशाएं स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं लखनऊ स्थित सर्वर रूम पर भेजेंगी, जिससे स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की मानीटरिंग करने में आसानी रहेगी। अभी आशाएं कागज पर लिखकर ग्रामीण इलाकों में किए गए कार्य की प्रगति रिपोर्ट डाटा ऑपरेटर को उपलब्ध कराती हैं।
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जल्द ही आशाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी कि वह अपने मोबाइल से सारी सूचनाएं जैसे टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की पहचान, रजिस्ट्रेशन, प्रसव आदि की जानकारी सीधे मोबाइल से लखनऊ भेजें। आशाओं को प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम तय कर लिया गया है।
तीन चरण में होगा कार्यक्रम
आशाओं को ट्रेनिंग देने संबंधी मोबाइल एकेडमी कार्यक्रम को तीन चरणों बांटा गया है। पहले चरण में कार्यदायी संस्था बीबीसी मीडिया एक्शन की ओर से जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक, जिला डाटा प्रबंधक आदि को डेमो के माध्यम से योजना के बारे में बताया गया है।
अब द्वितीय चरण में ट्रेनिंग आफ ट्रेनर्स के तहत ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का व्यय बीबीसी मीडिया एक्शन द्वारा वहन किया जाएगा। तीसरे चरण में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम में प्रशिक्षित अधिकारी ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में आशाओं को प्रशिक्षित करेंगे।
आशाओं को मिलेेगा भत्ता
मोबाइल एकेडमी ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान ब्लाक स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सौ रुपये का भत्ता आशा कार्यकत्रियों को दिया जाएगा। जनपद में वर्तमान में 806 आशाएं कार्यरत हैं। इनके लिए 80,600 रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षण दो दिवसीय है, लेकिन भत्ता केवल एक दिन के लिए ही देय होगा।