फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   minning workers disturbed, cm yogi

मजदूर आस लगाए रहे, रॉक फास्फेट खदानों पर कुछ भी नहीं बोले योगी

Thu, 11 Mar 2021 01:50 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Mar 2021 01:50 AM IST
विज्ञापन
minning workers disturbed, cm yogi
Yogi_Adityanath.jpg - फोटो : Yogi_Adityanath.jpg
ललितपुर। बंडई बांध के ठीक नीचे 700 की आबादी वाला गांव टोरी बसा हुआ है। इसी गांव में स्थित है खनन विभाग की एक लंबी चौड़ी कालोनी जो अब वीरान हो चुकी है। इसमें एक अधिकारी और चपरासी के अलावा कोई नहीं रहता। इसी के बीचोबीच मैदान में मंगलवार को मुख्यमंत्री की सभा थी। गांव के लोगों को उम्मीद थी कि खाद बनाने के काम में आने वाले रॉक फॉस्फेट के खनन के लिए काम करने वाले कर्मचारी और मजदूरों की यह कालोनी मुख्यमंत्री की सभा के बाद शायद आबाद हो जाएगी और बेरोजगार हुए हजारों मजदूरों की रोजी रोटी गुलजार हो जाएगी। पर मुख्यमंत्री इस कालोनी के आंगन में सभा तो कर गए लेकिन न तो उन्होंने रॉक फॉस्फेट की खदानों का जिक्र किया और न ही कालोनी का। सीएम की हर घोषणा के बाद टोरी गांव के लोगों को लगा कि अब शायद योगी जी उनके मन की मुराद पूरी करेंगे पर ऐसा नहीं हुआ।
विज्ञापन

टोरी गांव के इस रॉक फॉस्फेट उद्योग के 40 साल पीछे इतिहास की ओर जाते हैं तो हमें जानकारी मिलती है कि 1981 में जिले में रॉक फॉस्फेट की खदानें शुरू की गई थीं। खाद में काम आने वाले रॉक फॉस्फेट को उद्योग के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से एक बड़ी कालोनी का निर्माण किया गया था। इसमें खनन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व हजारों की संख्या में मजदूर रहकर अपनी रोजी रोटी चलाते थे। 1998 में इन खदानों को सरकार ने अचानक बंद कर दिया और कर्मचारियों को वीआरएस देकर बेरोजगार कर दिया। खदानों पर काम करने वाले हजारों मजदूर रोजी रोटी के लिए मोहताज हो गए थे। अभी एक बार फिर सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायकों ने गांव के लोगों को भरोसा दिया था कि मुख्यमंत्री बंडई बांध के लोकार्पण समारोह में रॉक फॉस्फेट की खदानों के शुरू करने का ऐलान कर सकते हैं, पर ऐसा नहीं हुआ और ग्रामीणों को सिर्फ मायूसी ही हाथ लगी। टोरी गांव के निवासी कुंदन सिंह कभी खनन विभाग में ही कर्मचारी थे, वे भी सभा में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें वीआरएस दे दिया गया था तब से उनके सामने रोजी रोटी का संकट है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed