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किसान हित में जरूरी हैं सभी फसलों पर एमएसपी

Sat, 27 Nov 2021 12:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Nov 2021 12:45 AM IST
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minimum support price, farmer demand law
wheat.jpeg - फोटो : wheat.jpeg
सिलावन (ललितपुर)। हाड़तोड़ मेहनत करने वाले किसानों को फसलों की लागत के अनुरूप दाम नहीं मिल पा रहे हैं। आलम यह है कि खेत में पानी से लेकर बीज और खाद को उसे खरीदना पड़ रहा है और जब फसल तैयार हो जाती तो उसका दाम व्यापारी तय करता है। यही वजह है कि किसान सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिलाने की मांग कर रहा है।
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किसानों का कहना है कि एमएसपी उनके हित में हो सरकार को इस पर कानून बनाना चाहिए तभी प्रधानमंत्री का किसानों की दो गुनी आय का सपना साकार हो सकेगा। किसानों का कहना हैं कि आम किसान ही जानता हैं कि उसे खेती किसानी में किन-किन परेशानियों से गुजरना पड़ता हैं। किसानों ने एक स्वर में कहा कि कृषि को उद्योग का दर्जा, आवारा जानवरों पर अंकुश, किसानों को लाभकारी फसलों के लिए सहायता प्रदान करना, सिंचाई सुविधाओं को और अधिक बढ़ाए जाने, कृषि के साथ-साथ डेयरी, पशुपालन आदि से जोड़ने हेतु ठोस प्रयास एवं किसान सम्मान निधि को बढ़ाए जाने पर जोर दिया हैं।
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किसान द्वारा बोई गई हर फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण होना चाहिए। खुले बाजार में किसी भी हाल में एमएसपी से कम कीमत पर उसकी उपज न बिक सके इसके लिए एमएसपी को कानूनी गारंटी देना आवश्यक है। देशराज
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आवारा जानवरों के चलते किसानों को फसलों की सुरक्षा करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती हैं। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाएं स्थापित की जाना चाहिए। गोबर से जैविक कीटनाशी व केंचुआ खाद निर्माण कराया जा सकता हैं। कुंजन सिंह
देश के आधे से ज्यादा खेतों में वर्षा आधारित खेती ही हो पा रही हैं। ज्यादातर किसान पानी के अभाव में खेतों की बुवाई नहीं कर पाते है। सरकार को गंभीरता से विचार कर हर खेत पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। गिन्नी राजा
जब तक कृषि को उद्योगों का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक ग्रामीण युवा खेती से पलायन करते रहेंगे और किसान आत्महत्या करते रहेंगे। कृषि को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद किसान को उसकी उपज का अच्छा मूल्य मिलेगा। गिन्नी राजा
एमएसपी पर गारंटी कानून बनाया जाए
ललितपुर। शुक्रवार को बुंदेलखंड किसान यूनियन ने 60 वर्ष की उम्र के बाद किसानों को छह हजार रुपये पेंशन दिए जाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस मौके पर उन्होेंने एमएसपी को लेकर गारंटी कानून बनाने की भी मांग उठाई।

ज्ञापन में उन्होंने कृषि कानून को वापस लिए जाने पर आभार जताया। साथ ही कहा कि सरकार एमएसपी को लेकर गारंटी कानून बनाया जाए। किसान आंदोलन में शहीद हुए 700 किसानों को पचास लाख की मुआवजा राशि दी जाए। आंदोलन के दौरान किसानों पर लगाए गए मुकदमे वापस लिए जाएं। पुराने कानून के अंतर्गत किसानों को दंडित करने की व्यवस्था समाप्त की जाए। 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके किसानों को छह हजार रुपये पेंशन दी जाए। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव, नरेश पाठक, खिलान प्रजापति, शेरसिंह राजा, ध्यानलाल अहिरवार, खुशीलाल कुशवाहा, गोरेलाल कुशवाहा, केहर सिंह परमार, निहाल सेन आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
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