{"_id":"3bd0e4dc7240ac7b27d183cc437e7590","slug":"messing-with-the-security-of-the-building-development-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास भवन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास भवन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़
ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। विकास भवन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। विभागीय अफसरों ने अग्निशमन यंत्र का पाउडर कालातीत (एक्सपायर्ड) होने के बाद भी सिलेंडरों की रिफलिंग नहीं कराई है,
जिससे आग लगने की स्थिति में कोई बचाव का भी इंतजाम नहीं है। ऐसे में एक दर्जन से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।
जनपद मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट के बाद सबसे ज्यादा अधिकारी विकास भवन में बैठते हैं। यहां मुख्य विकास अधिकारी से लेकर डीडीओ, उपायुक्त श्रम रोजगार, समाज कल्याण अधिकारी, सहायक निबंधक, युवा कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, नेडा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, लघु सिंचाई, जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आरईएस, पशुपालन, कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय हैं। इनमें दर्जनों की संख्या में कर्मचारी बैठते हैं।
लेकिन, सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। 26 दिसंबर वर्ष 2014 में अग्निशमन यंत्र रिफल कराए गए थे। 25 दिसंबर 2015 में रिफल का समय निर्धारित किया था। एक पखवाड़ा होने जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक कालातीत हो चुके पाउडर को बदलना की सुध नहीं ली है। ऐसे में यदि विकास भवन में शार्ट सर्किट जैसी घटना होती है तो न केवल विभागीय फाइलाें बल्कि अधिकारी, कर्मचारियों को जान बचाने के लाले पड़ जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिससे आग लगने की स्थिति में कोई बचाव का भी इंतजाम नहीं है। ऐसे में एक दर्जन से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।
जनपद मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट के बाद सबसे ज्यादा अधिकारी विकास भवन में बैठते हैं। यहां मुख्य विकास अधिकारी से लेकर डीडीओ, उपायुक्त श्रम रोजगार, समाज कल्याण अधिकारी, सहायक निबंधक, युवा कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, नेडा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, लघु सिंचाई, जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आरईएस, पशुपालन, कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय हैं। इनमें दर्जनों की संख्या में कर्मचारी बैठते हैं।
विज्ञापन
लेकिन, सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। 26 दिसंबर वर्ष 2014 में अग्निशमन यंत्र रिफल कराए गए थे। 25 दिसंबर 2015 में रिफल का समय निर्धारित किया था। एक पखवाड़ा होने जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक कालातीत हो चुके पाउडर को बदलना की सुध नहीं ली है। ऐसे में यदि विकास भवन में शार्ट सर्किट जैसी घटना होती है तो न केवल विभागीय फाइलाें बल्कि अधिकारी, कर्मचारियों को जान बचाने के लाले पड़ जाएंगे।
विज्ञापन