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बादलों की ओट में हुआ बुध पारगमन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2016 01:05 AM IST
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budh praghm, jhansi news
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। इस साल की सबसे दुर्लभ खगोलीय घटना के साक्षी बनने में खलनायक बाधक बन गया। बादलों में सूर्य की लुका-छिपी के कारण गोविंद सागर बांध पर जुटे विद्यार्थी बुुध ग्रह का दीदार नहीं कर पाए। इस घटना को देेखने के लिए छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह था।
सोमवार को सूर्य के सामने से बुध ग्रह को गुजरना था। बुुध पारगमन नाम की यह अत्यंत दुर्लभ घटना पूरी शताब्दी में 13-14 बार ही घटित होती है। जिला विज्ञान क्लब ने इस खगोलीय घटना को दिखाने के लिए गोविंद सागर बांध पर इंतजाम किए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सोलर चश्मे वितरित किए थे। शाम 4.50 पर इस घटना को दिखाई देना था, लेकिन इससे पहले ही आसमान में बादल छाने लगे थे,
जिससे सूर्य की लुका-छिपी का दौर शुरू हो गया था। घटना देखने के लिए बांध पर मौजूद छात्र-छात्राओं ने सोलर चश्मे पहन लिए थे। सभी का ध्यान आसमान की ओर था। तय समय पर सूर्य पूरी तरह से बादलों में छिप गया था, जिससे विद्यार्थी इस खगोलीय घटना के साक्षी नहीं बन सके।
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जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक अमित शुक्ला ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राओं ने शुरूआती घटना चक्र को देखा। लेकिन, देखते ही देखते सूर्य बादलों में छिप गए। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को खगोलीय घटना के बारे में विस्तार से बताया।
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सोमवार को सूर्य के सामने से बुध ग्रह को गुजरना था। बुुध पारगमन नाम की यह अत्यंत दुर्लभ घटना पूरी शताब्दी में 13-14 बार ही घटित होती है। जिला विज्ञान क्लब ने इस खगोलीय घटना को दिखाने के लिए गोविंद सागर बांध पर इंतजाम किए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सोलर चश्मे वितरित किए थे। शाम 4.50 पर इस घटना को दिखाई देना था, लेकिन इससे पहले ही आसमान में बादल छाने लगे थे,
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जिससे सूर्य की लुका-छिपी का दौर शुरू हो गया था। घटना देखने के लिए बांध पर मौजूद छात्र-छात्राओं ने सोलर चश्मे पहन लिए थे। सभी का ध्यान आसमान की ओर था। तय समय पर सूर्य पूरी तरह से बादलों में छिप गया था, जिससे विद्यार्थी इस खगोलीय घटना के साक्षी नहीं बन सके।
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जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक अमित शुक्ला ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राओं ने शुरूआती घटना चक्र को देखा। लेकिन, देखते ही देखते सूर्य बादलों में छिप गए। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को खगोलीय घटना के बारे में विस्तार से बताया।