{"_id":"6a569820f9c86088000a9d4a","slug":"memorandum-submitted-to-irrigation-minister-for-compensation-and-rehabilitation-lalitpur-news-c-131-1-ltp1017-159612-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: मुआवजा और पुनर्वास के लिए सिंचाई मंत्री को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: मुआवजा और पुनर्वास के लिए सिंचाई मंत्री को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन। महरौनी तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन भौरट बांध से प्रभावित ग्रामीणों ने लखनऊ पहुंचकर सिंचाई एवं जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की। उन्होंने ज्ञापन देते हुए मुआवजा एवं पुनर्वास की मांग करते हुए अपनी परेशानियों से अवगत कराया।
छपरट के ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि भौरट बांध परियोजना का निर्माण वर्ष 2008 से चल रहा है। बांध में जलभराव होने के कारण गांव के कई मकानों में सीलन, दरारें आदि आ गई हैं, जिससे मकान जर्जर हो चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। इससे परिवारों के साथ-साथ पशुधन पर भी खतरा बना हुआ है। लंबे समय से पुनर्वास और मुआवजे का आश्वासन मिल रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बजट आवंटन का हवाला देकर मामले को लगातार टाला जा रहा है। मकानों की बदहाल स्थिति के कारण परिवार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं। इससे सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने उचित मुआवजा दिए जाने और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की व्यवस्था कराने की मांग की है।इस मौके पर जगदीश सिंह निरंजन, रामस्वरूप परिहार, राजेंद्र सिंह, राजकुमार यादव, मनीराम, अजय कुमार, रामदीन, ऋषि यादव, मुन्नालाल, रामप्रसाद, सुरेश कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
सिलावन। महरौनी तहसील क्षेत्र में निर्माणाधीन भौरट बांध से प्रभावित ग्रामीणों ने लखनऊ पहुंचकर सिंचाई एवं जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की। उन्होंने ज्ञापन देते हुए मुआवजा एवं पुनर्वास की मांग करते हुए अपनी परेशानियों से अवगत कराया।
छपरट के ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि भौरट बांध परियोजना का निर्माण वर्ष 2008 से चल रहा है। बांध में जलभराव होने के कारण गांव के कई मकानों में सीलन, दरारें आदि आ गई हैं, जिससे मकान जर्जर हो चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। इससे परिवारों के साथ-साथ पशुधन पर भी खतरा बना हुआ है। लंबे समय से पुनर्वास और मुआवजे का आश्वासन मिल रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बजट आवंटन का हवाला देकर मामले को लगातार टाला जा रहा है। मकानों की बदहाल स्थिति के कारण परिवार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं। इससे सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने उचित मुआवजा दिए जाने और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की व्यवस्था कराने की मांग की है।इस मौके पर जगदीश सिंह निरंजन, रामस्वरूप परिहार, राजेंद्र सिंह, राजकुमार यादव, मनीराम, अजय कुमार, रामदीन, ऋषि यादव, मुन्नालाल, रामप्रसाद, सुरेश कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन