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नाराहट से महरौनी मार्ग जर्जर
ललितपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2015 11:02 PM IST
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नाराहट (ललितपुर)। नाराहट से महरौनी मार्ग पर वाहन चलना काफी मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि करीब तीस किमी लंबा यह मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके निर्माण कार्य में लगे एक ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया, लेकिन मार्ग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
नाराहट से महरौनी मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत किया गया था। लेकिन, यह मार्ग एक साल बाद ही उखड़ना शुरू हो गया, इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। जबकि, प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित मार्गों की देखरेख कम से कम पांच वर्ष तक ठेकेदार करता है। इस मार्ग पर आधा दर्जन लोहिया गांव हैं, लोहिया गांवों के विकास को लेकर सरकार गंभीर है, लेकिन इस मार्ग की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
इस मार्ग पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है। किसानों ने मार्ग पर बैलगाड़ी चलाना बंद कर दिया है, सबसे ज्यादा दुर्गति दो पहिया वाहन चालकों की होती है। क्योंकि, सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालक का यदि जरा भी संतुलन बिगड़ा तो उसका गिरना तय है।
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कसबा नाराहट के पूर्व प्रधान महेंद्र सतभैया ने जब लोक निर्माण विभाग में इसकी जानकारी मांगी तो बताया गया कि महरौनी से 14 किमी तक सड़क का टैंडर हो गया है। बरसात के बाद काम शुरू हो जाएगा। आगे के मार्ग के बारे में विभाग ने बजट का अभाव बताया। मार्ग की दुर्दशा से आसपास के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। यहां स्थानीय जनप्रतिनिधि नहीं होने से क्षेत्र का विकास शून्य है। ग्रामीणों ने जनहित में सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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नाराहट से महरौनी मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत किया गया था। लेकिन, यह मार्ग एक साल बाद ही उखड़ना शुरू हो गया, इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। जबकि, प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित मार्गों की देखरेख कम से कम पांच वर्ष तक ठेकेदार करता है। इस मार्ग पर आधा दर्जन लोहिया गांव हैं, लोहिया गांवों के विकास को लेकर सरकार गंभीर है, लेकिन इस मार्ग की ओर किसी का ध्यान नहीं है।
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इस मार्ग पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल है। किसानों ने मार्ग पर बैलगाड़ी चलाना बंद कर दिया है, सबसे ज्यादा दुर्गति दो पहिया वाहन चालकों की होती है। क्योंकि, सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालक का यदि जरा भी संतुलन बिगड़ा तो उसका गिरना तय है।
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कसबा नाराहट के पूर्व प्रधान महेंद्र सतभैया ने जब लोक निर्माण विभाग में इसकी जानकारी मांगी तो बताया गया कि महरौनी से 14 किमी तक सड़क का टैंडर हो गया है। बरसात के बाद काम शुरू हो जाएगा। आगे के मार्ग के बारे में विभाग ने बजट का अभाव बताया। मार्ग की दुर्दशा से आसपास के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। यहां स्थानीय जनप्रतिनिधि नहीं होने से क्षेत्र का विकास शून्य है। ग्रामीणों ने जनहित में सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की है।