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Lalitpur News: मार्च की बारिश ने तोड़ा छह सालों का रिकॉर्ड
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झांसी। मार्च की बारिश ने पिछले छह सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार जनपद में औसत 10 मिलीमीटर पानी गिरा है। जबकि, इससे पहले 2016 में जिले में औसत बारिश 36.18 रिकॉर्ड हुई थी। इसके बाद से मार्च में औसत वर्षा शून्य रही।
जनपद में औसत बारिश 850 मिलीमीटर है। कृषि विभाग के आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2014 के बाद से अब तक कभी औसत बारिश नहीं हुई। वहीं, छह बार तो बारिश का आंकड़ा 600 मिलीमीटर तक नहीं पहुंचा। दूसरी तरफ, झांसी में बेमौसम बारिश हो जा रही है। इस बार 20 मार्च के बाद अचानक से मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। मार्च में हुई इस बारिश ने पिछले छह सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 में झांसी में 36.18 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बाद 2017 से 2022 तक मार्च में औसत वर्षा शून्य रिकॉर्ड की गई। इस बार जनपद में 10 मिलीमीटर औसत बारिश रिकॉर्ड हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से लगातार मौसम में उतार चढ़ाव जारी है। सर्दी के दिन भी कम हो गए हैं। बेमौसम हुई ये बरसात भी जलवायु परिवर्तन का ही नतीजा है।
तहसील वार ये रही वर्षा की स्थिति
...........................................
झांसी मोंठ मऊरानीपुर गरौठा टहरौली
30 6 8 2 2
(पांचों तहसील क्षेत्र के ये आंकड़े मिलीमीटर में हैं)
छह सालों में इस बार झांसी में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। पिछले सालों के आंकड़ों को देखें तो जनवरी में ही बारिश थम जाती थी। झांसी में जून से मानसूनी सीजन शुरू हो जाता है और अक्तूबर तक ही वर्षा होती है। - आदित्य कुमार सिंह, मौसम वैज्ञानिक।
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जनपद में औसत बारिश 850 मिलीमीटर है। कृषि विभाग के आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2014 के बाद से अब तक कभी औसत बारिश नहीं हुई। वहीं, छह बार तो बारिश का आंकड़ा 600 मिलीमीटर तक नहीं पहुंचा। दूसरी तरफ, झांसी में बेमौसम बारिश हो जा रही है। इस बार 20 मार्च के बाद अचानक से मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। मार्च में हुई इस बारिश ने पिछले छह सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2016 में झांसी में 36.18 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बाद 2017 से 2022 तक मार्च में औसत वर्षा शून्य रिकॉर्ड की गई। इस बार जनपद में 10 मिलीमीटर औसत बारिश रिकॉर्ड हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से लगातार मौसम में उतार चढ़ाव जारी है। सर्दी के दिन भी कम हो गए हैं। बेमौसम हुई ये बरसात भी जलवायु परिवर्तन का ही नतीजा है।
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तहसील वार ये रही वर्षा की स्थिति
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झांसी मोंठ मऊरानीपुर गरौठा टहरौली
30 6 8 2 2
(पांचों तहसील क्षेत्र के ये आंकड़े मिलीमीटर में हैं)
छह सालों में इस बार झांसी में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। पिछले सालों के आंकड़ों को देखें तो जनवरी में ही बारिश थम जाती थी। झांसी में जून से मानसूनी सीजन शुरू हो जाता है और अक्तूबर तक ही वर्षा होती है। - आदित्य कुमार सिंह, मौसम वैज्ञानिक।
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