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मनरेगा के कार्यों में पिछड़े ब्लाक
lalitpur
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:28 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को द्रुत गति नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे श्रमिकों की कम उपलब्धता को माना जा रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि विकासखंड बिरधा में अभी तक एक भी काम पूर्ण नहीं हो पाया है। वहीं, जखौरा ब्लाक में चंद काम ही पूर्ण कराए जा सके हैं।
मौजूदा वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में 5116 काम स्वीकृत हुए हैं, इसके सापेक्ष 2608 काम पूर्ण हो गए हैं। लेकिन, इस मामले में विकासखंड बिरधा पिछड़ता दिखाई दे रहा है। यहां एक ही काम पूर्ण हो सका है। वहीं, जखौरा ब्लाक में तीन व तालबेहट में आठ काम पूर्ण हुए हैं। हालांकि, पूर्व के वर्षों के लंबित काम पूर्ण होते जा रहे हैं। बता दें कि जिले में तीन वित्तीय वर्षों के लंबित कामों को मौजूदा समय में कराया जा रहा है। इसमें मजदूरों की कमी आड़े आ रही है। वर्तमान में रबी सीजन की बुवाई प्रारंभ हो गई है। जिससे मजदूरों ने अपना ध्यान मनरेगा से हटा लिया है। ऐसे में मनरेगा के काम लड़खड़ाने लगे हैं। बीते दिनों विभागीय अफसरों ने योजना को गति दिलाने के लिए शिकंजा भी कसा था। तमाम ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ हो गए हैं लेकिन मजदूरों की कमी के चलते उन्हें गति नहीं मिल पा रही है।
......
रबी सीजन में व्यस्त हुए श्रमिक
वर्तमान में रबी सीजन की बुवाई आरंभ हो गई है। जिससे मनरेगा के लिए श्रमिक कम उपलब्ध हो रहे हैं।
जय सिंह
उपायुक्त श्रम रोजगार
ललितपुर।
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मौजूदा वित्तीय वर्ष में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में 5116 काम स्वीकृत हुए हैं, इसके सापेक्ष 2608 काम पूर्ण हो गए हैं। लेकिन, इस मामले में विकासखंड बिरधा पिछड़ता दिखाई दे रहा है। यहां एक ही काम पूर्ण हो सका है। वहीं, जखौरा ब्लाक में तीन व तालबेहट में आठ काम पूर्ण हुए हैं। हालांकि, पूर्व के वर्षों के लंबित काम पूर्ण होते जा रहे हैं। बता दें कि जिले में तीन वित्तीय वर्षों के लंबित कामों को मौजूदा समय में कराया जा रहा है। इसमें मजदूरों की कमी आड़े आ रही है। वर्तमान में रबी सीजन की बुवाई प्रारंभ हो गई है। जिससे मजदूरों ने अपना ध्यान मनरेगा से हटा लिया है। ऐसे में मनरेगा के काम लड़खड़ाने लगे हैं। बीते दिनों विभागीय अफसरों ने योजना को गति दिलाने के लिए शिकंजा भी कसा था। तमाम ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ हो गए हैं लेकिन मजदूरों की कमी के चलते उन्हें गति नहीं मिल पा रही है।
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रबी सीजन में व्यस्त हुए श्रमिक
वर्तमान में रबी सीजन की बुवाई आरंभ हो गई है। जिससे मनरेगा के लिए श्रमिक कम उपलब्ध हो रहे हैं।
जय सिंह
उपायुक्त श्रम रोजगार
ललितपुर।