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श्रद्घा के साथ मनाई गई मकर संक्रांति, मेला का शुभारंभ
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पंडवन धाम पर मकर संक्रांति के पर्व पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : LALITPUR
डोंगरा खुर्द/ललितपुर। ग्राम डोंगराखुर्द और उसके आसपास के क्षेत्रों में मकरसंक्रांति पर्व श्रद्धा और उल्लास पूर्वक मनाया। लोगों ने जामनी नदी, तालाबों और बांध में स्नान कर भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन किए और गुड़, तिल व खिचड़ी का दानकर पुण्य लाभ लिया। क्षेत्र के पांडव वन में लगे मेला में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर खरीदारी की।
हिंदू धर्म में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने और सूर्यदेव के उत्तरायण में पहुंचने पर मकरसंक्रांति का पर्व मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर नदी, तालाबों व बांध पर पहुंचकर शुभ मुहूर्त में स्नान किया। इस दौरान भगवान सूर्यदेव को जामनी नदी के जल से अर्घ्य दिया। गुड़ व तिल से बनी मिठाइयों के साथ खिचड़ी का दान किया। ग्राम डोंगराखुर्द स्थित डुंगरासन माता मंदिर, अमझरा घाटी स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। घाटी में विराजे हनुमान जी महाराज के दरबार में मत्था टेकने वालों का सुबह से ही तांता लगा रहा।
उधर, पांडव वन मेला का शुभारंभ हो गया। यह मेला एक सप्ताह तक चलेगा। ग्राम पारौल के घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के मध्य स्थित पांडव वन पर जामनी नदी के किनारे हर वर्ष मकर संक्रांति पर साप्ताहिक मेला लगता है। इसमें क्षेत्रीय लोगों के अलावा मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने और पांडव वन देखने आते हैं।
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हिंदू धर्म में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने और सूर्यदेव के उत्तरायण में पहुंचने पर मकरसंक्रांति का पर्व मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर नदी, तालाबों व बांध पर पहुंचकर शुभ मुहूर्त में स्नान किया। इस दौरान भगवान सूर्यदेव को जामनी नदी के जल से अर्घ्य दिया। गुड़ व तिल से बनी मिठाइयों के साथ खिचड़ी का दान किया। ग्राम डोंगराखुर्द स्थित डुंगरासन माता मंदिर, अमझरा घाटी स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। घाटी में विराजे हनुमान जी महाराज के दरबार में मत्था टेकने वालों का सुबह से ही तांता लगा रहा।
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उधर, पांडव वन मेला का शुभारंभ हो गया। यह मेला एक सप्ताह तक चलेगा। ग्राम पारौल के घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के मध्य स्थित पांडव वन पर जामनी नदी के किनारे हर वर्ष मकर संक्रांति पर साप्ताहिक मेला लगता है। इसमें क्षेत्रीय लोगों के अलावा मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग मेला देखने और पांडव वन देखने आते हैं।

पांङव वन नदी में स्नान करते श्रृद्धालु- फोटो : LALITPUR
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