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Lalitpur News: मध्यप्रदेश हर साल ले रहा पानी, मगर बकाया दो करोड़ चुकाने में आनाकानी

Wed, 07 Dec 2022 05:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Dec 2022 05:00 AM IST
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Madhya Pradesh is taking water every year, but reluctant to pay two crore dues
ललितपुर। मध्य प्रदेश को हर साल जामनी बांध से 60 क्यूसेक पानी तो ले रहा है, लेकिन उसका मूल्य अब तक प्रदेश सरकार को नहीं दिया जा रहा है। करीब 20 साल से मध्यप्रदेश शासन पानी तो हक से मांगता है, लेकिन अब तक बकाया हो चुके दो करोड़ रुपये देने में आनाकानी की जा रही है। इसके लिए जिले का सिंचाई विभाग कई बार पत्राचार कर चुका है, लेकिन कुछ नहीं हो सका। जबकि बांध के रखरखाव और अन्य सुविधाओं पर यूपी सरकार का खर्च होता है और यूपी के लोग ही पानी को तरसते हैं।
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जामनी बांध के निर्माण के बाद 1974 में एक समझौते के तहत मध्य प्रदेश को सिंचाई और पेयजल के लिए 17 फीसदी पानी देने के निर्देश दिए गए थे। इसके एवज में मध्यप्रदेश सरकार को 12.48 रुपये प्रति हजार घन फुट के हिसाब से मूल्य यूपी सरकार को देना था।
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पानी को मध्य प्रदेश तक पहुंचाने के लिए 22 किलोमीटर लंबी टीकमगढ डीवाई रजवहा बनाया गया। इस रजवहा से दिसंबर माह में करीब 60 क्यूसेक पानी छोड़कर मध्य प्रदेश के टीकमगढ क्षेत्र की करीब तीन हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई कराई जाती है।
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समझौते के बाद कुछ समय तक तो मध्यप्रदेश से हर साल तय किए गए मूल्य को चुकाया, लेकिन वर्ष 2002 से मध्यप्रदेश ने यह बंद कर दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एमपी के अधिकारियों को रुपये चुकाने के लिए कई पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन कोई जबाब नहीं दिया जाता है। वर्ष 2002 से अब तक पानी का मध्य प्रदेश पर दो करोड़ रुपये से अधिक का बकाया चल रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जब मध्य प्रदेश को पानी देने में देरी या मना किया जाता है तो वह हक से पानी की मांग करते हैं और लेते भी है। वर्तमान में दो दिसंबर को चालू हुए इस रजवहा से टीकमगढ क्षेत्र के किसान अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। जबकि जिले के किसान पानी को तरस रहे हैं।
कई बार हो चुकी बैठक
मध्य प्रदेश से बकाया धनराशि लेने के लिए 2006 और 2010 में जनपद के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तत्कालीन कार्यपालन मंत्री जल संसाधन संभाग टीकमगढ़ मध्य प्रदेश के साथ बैठक की। जिसमें बकाया धनराशि जल्द देने की बात कही गई थी। लेकिन यह सिर्फ कोरा आश्वासन ही निकला।
जामनी बांध में इतना पानी आरक्षित
जामनी बांध की भंडारण क्षमता 92.87 एमसीएम है। इसमें सिंचाई के लिए 67 एमसीएम पानी आरक्षित किया गया है। पेयजल व अन्य वाणिज्यिक उपयोग के लिए 1.42 एमसीएम है। सिंचाई के लिए बांध से करीब 230 किलोमीटर लंबी नहर संचालित की जाती है।

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ क्षेत्र को जामनी बांध से पानी सिंचाई के लिए दिया जाता है। इस पानी का मूल्य भी निर्धारित है। लेकिन एमपी ने वर्षों से यह रुपया नहीं दिया है। यह बकाया रुपया करीब दो करोड़ रुपये का हो चुका है। इसे लेकर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड ललितपुर
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