{"_id":"579a5af74f1c1b365a21ee75","slug":"machines-then-bought-not-used","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशीनें तो खरीद लीं, उपयोग नहीं किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मशीनें तो खरीद लीं, उपयोग नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
nagr palika, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नगर पालिका ने लाखों रुपये की लागत से उपकरण व वाहन तो खरीद लिए, लेकिन इनका उपयोग नहीं किया। यह उपकरण व वाहन खुले व स्टोर में धूल खा रहे हैं। अफसर रोजाना पालिका में बैठते हैं, लेकिन लाखों की बरबादी पर उनका ध्यान नहीं है। जनता के प्रतिनिधि भी चुपचाप बैठे हुए हैं।
नगर पालिका ने शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2013 में करीब 21 लाख रुपये की लागत से कचरा ढोने वाली तीन सौ छोटी लोहे की गाड़ी खरीदी थीं। इनमें से एक सैकड़ा गाड़ियों का उपयोग शहर में किया जा रहा है। बाकी दो सौ गाड़ियां स्टोर में खुले मैदान में पड़ी हुई हैं। इनकी कीमत करीब 14 लाख रुपये के करीब है। इसी वर्ष सुम्मेरा तालाब में जनता के मनोरंजन के लिए 6.50 लाख रुपये की लागत से चार बोट खरीदी गई थीं। वह भी स्टोर के खुले मैदान में रखी हैं।
यही नहीं, शहर की सड़कों व नालियों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनें भी खरीदी गई थीं, जो वर्तमान में स्टोर की शोभा बढ़ा रही हैं। विभाग ने वर्ष 2013 में 13वें वित्त आयोग के 14 लाख रुपये की लागत से नालों की सफाई करने के लिए नाला ड्रिज क्लीनर मशीन मय ट्रैक्टर के खरीदी थी। वहीं सड़कों पर झाड़ू लगाने के लिए 14 लाख रुपये की लागत से माउण्ट रोड स्वीपरिंग मशीन खरीदी थी। नगर पालिका इन दोनों मशीनों का उपयोग शुरू में ही प्रचार प्रसार करने के लिए किया था, इसके बाद यह मशीनें दोबारा शहर की सड़कों पर नहीं दिखाई दी हैं। माउंट रोड स्वीपरिंग मशीन का विगत माह कैटर कैचर के साथ एक बार फिर प्रचार किया गया। इसके बाद यह स्टोर की शोभा बढ़ा रही हैं।
विज्ञापन
फिर कराया लोहा गाड़ी खरीदी का टेंडर
वर्ष 2013 में करीब 21 लाख की लागत से खरीदी गई कचरा ढोने वाली 300 छोटी लोहा गाड़ियों में से वर्तमान में करीब दो सौ खुले मैदान में पड़ी हैं। इसके बावजूद नगर पालिका ने जुलाई 2015 में तीन सौ और नई गाड़ियों की खरीदी के लिए टेंडर किया था। इन गाड़ियों की खरीद 24.30 लाख रुपये से की जानी है। बजट के अभाव में गाड़ियों की खरीद अब तक नहीं हो पाई है।
चंद रुपये खर्च करके बचाए जा सकते है लाखों
नगर पालिका ने मुहल्लों के कचरा को एकत्रित करने के लिए करीब 29 लाख रुपये की लागत से कंटेनर की खरीद के लिए जुलाई 2015 में टेंडर निकाला था। इससे पूर्व में भी वर्ष 2013 में नगर पालिका ने सात लाख रुपये की लागत से 20 कंटेनर की खरीदी की थी। नगर पालिका यदि चाहे तो जंग से नष्ट होने के लिए स्टोर में पड़े पुराने कंटेनर को सही कराकर उपयोग में ला सकती है। स्टोर में ऐसे कई कंटेनर पड़े हुए हैं, जिनकी केवल तली ही खराब है।
स्टोर का जल्द ही निरीक्षण कर उपयोग में आने वाली सामग्री का नगर की सफाई व्यवस्था में उपयोग किया जाएगा।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
विज्ञापन
नगर पालिका ने शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2013 में करीब 21 लाख रुपये की लागत से कचरा ढोने वाली तीन सौ छोटी लोहे की गाड़ी खरीदी थीं। इनमें से एक सैकड़ा गाड़ियों का उपयोग शहर में किया जा रहा है। बाकी दो सौ गाड़ियां स्टोर में खुले मैदान में पड़ी हुई हैं। इनकी कीमत करीब 14 लाख रुपये के करीब है। इसी वर्ष सुम्मेरा तालाब में जनता के मनोरंजन के लिए 6.50 लाख रुपये की लागत से चार बोट खरीदी गई थीं। वह भी स्टोर के खुले मैदान में रखी हैं।
विज्ञापन
यही नहीं, शहर की सड़कों व नालियों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनें भी खरीदी गई थीं, जो वर्तमान में स्टोर की शोभा बढ़ा रही हैं। विभाग ने वर्ष 2013 में 13वें वित्त आयोग के 14 लाख रुपये की लागत से नालों की सफाई करने के लिए नाला ड्रिज क्लीनर मशीन मय ट्रैक्टर के खरीदी थी। वहीं सड़कों पर झाड़ू लगाने के लिए 14 लाख रुपये की लागत से माउण्ट रोड स्वीपरिंग मशीन खरीदी थी। नगर पालिका इन दोनों मशीनों का उपयोग शुरू में ही प्रचार प्रसार करने के लिए किया था, इसके बाद यह मशीनें दोबारा शहर की सड़कों पर नहीं दिखाई दी हैं। माउंट रोड स्वीपरिंग मशीन का विगत माह कैटर कैचर के साथ एक बार फिर प्रचार किया गया। इसके बाद यह स्टोर की शोभा बढ़ा रही हैं।
विज्ञापन
फिर कराया लोहा गाड़ी खरीदी का टेंडर
वर्ष 2013 में करीब 21 लाख की लागत से खरीदी गई कचरा ढोने वाली 300 छोटी लोहा गाड़ियों में से वर्तमान में करीब दो सौ खुले मैदान में पड़ी हैं। इसके बावजूद नगर पालिका ने जुलाई 2015 में तीन सौ और नई गाड़ियों की खरीदी के लिए टेंडर किया था। इन गाड़ियों की खरीद 24.30 लाख रुपये से की जानी है। बजट के अभाव में गाड़ियों की खरीद अब तक नहीं हो पाई है।
चंद रुपये खर्च करके बचाए जा सकते है लाखों
नगर पालिका ने मुहल्लों के कचरा को एकत्रित करने के लिए करीब 29 लाख रुपये की लागत से कंटेनर की खरीद के लिए जुलाई 2015 में टेंडर निकाला था। इससे पूर्व में भी वर्ष 2013 में नगर पालिका ने सात लाख रुपये की लागत से 20 कंटेनर की खरीदी की थी। नगर पालिका यदि चाहे तो जंग से नष्ट होने के लिए स्टोर में पड़े पुराने कंटेनर को सही कराकर उपयोग में ला सकती है। स्टोर में ऐसे कई कंटेनर पड़े हुए हैं, जिनकी केवल तली ही खराब है।
स्टोर का जल्द ही निरीक्षण कर उपयोग में आने वाली सामग्री का नगर की सफाई व्यवस्था में उपयोग किया जाएगा।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका