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Lalitpur News: अगले दो दिन में हल्की बारिश होने की संभावना
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिन हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होगी। अधिकतम तापमान सीमा 27-29 और न्यूनतम 9-12 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
कृषि वैज्ञानिक दिनेश तिवारी ने बताया कि सब्जी की खेती करने वाले किसान पौधशाला में लगे पौधों को पॉलिथिन से ढंककर रखें, जिससे पाले से बचाव किया जा सके। निराई कर सरसों, मटर, चना, मसूर, गेहूं, जौ इत्यादि फसलों को खरपतवार रहित करें। किसान मौसम के चलते किसी भी प्रकार का छिड़काव न करें।
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गेहूं में बढ़वार के लिए करें छिड़काव
वर्तमान में गेहूं की फसल किल्ले निकलने व गांठ बनने की अवस्था में है। ऐसे में खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखें। फसल की अच्छी बढ़वार के लिए दो किलोग्राम यूरिया के साथ आधा किलो जिंक को 100 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। गेहूं की फसल को चूहों के प्रकोप से बचाने के लिए जिंक फास्फाइड या एल्यूमीनियम फास्फाइड की टिकिया से बने चारे का प्रयोग करें।
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चना को इल्ली कीट के प्रकोप से बचाएं
वर्तमान में चने की फसल में इल्ली कीट लगने का खतरा है। ऐसे में इल्ली कीट की निगरानी के लिए फीरोमोन 2-4 प्रति एकड़ में उन खेतों में डालें, जहां पौधों में 10-15 फूल खिल गए हों। टी आकर के पक्षी बसेरा खेत में विभिन्न जगहों पर लगाएं। चना में फली छेदक कीट की रोकथाम के लिए क्यूनालफास, 25 ईसी एक लीटर एक हेक्टेयर में 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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ललितपुर। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिन हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होगी। अधिकतम तापमान सीमा 27-29 और न्यूनतम 9-12 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
कृषि वैज्ञानिक दिनेश तिवारी ने बताया कि सब्जी की खेती करने वाले किसान पौधशाला में लगे पौधों को पॉलिथिन से ढंककर रखें, जिससे पाले से बचाव किया जा सके। निराई कर सरसों, मटर, चना, मसूर, गेहूं, जौ इत्यादि फसलों को खरपतवार रहित करें। किसान मौसम के चलते किसी भी प्रकार का छिड़काव न करें।
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गेहूं में बढ़वार के लिए करें छिड़काव
वर्तमान में गेहूं की फसल किल्ले निकलने व गांठ बनने की अवस्था में है। ऐसे में खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखें। फसल की अच्छी बढ़वार के लिए दो किलोग्राम यूरिया के साथ आधा किलो जिंक को 100 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। गेहूं की फसल को चूहों के प्रकोप से बचाने के लिए जिंक फास्फाइड या एल्यूमीनियम फास्फाइड की टिकिया से बने चारे का प्रयोग करें।
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चना को इल्ली कीट के प्रकोप से बचाएं
वर्तमान में चने की फसल में इल्ली कीट लगने का खतरा है। ऐसे में इल्ली कीट की निगरानी के लिए फीरोमोन 2-4 प्रति एकड़ में उन खेतों में डालें, जहां पौधों में 10-15 फूल खिल गए हों। टी आकर के पक्षी बसेरा खेत में विभिन्न जगहों पर लगाएं। चना में फली छेदक कीट की रोकथाम के लिए क्यूनालफास, 25 ईसी एक लीटर एक हेक्टेयर में 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।