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बालिका के हत्यारे को आजीवन कारावास

Sun, 07 Mar 2021 01:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 01:05 AM IST
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life impressment in girl murder case in lalitpur.
ललितपुर। थाना तालबेहट के एक गांव में साढ़े तीन वर्ष पहले आठ वर्षीय बालिका की गला दबाकर हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो द्वितीय) निर्भय प्रकाश की अदालत ने एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा पचास हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता कृष्णबिहारी कुशवाहा एवं ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रामनरेश राजपूत ने बताया कि थाना तालबेहट निवासी व्यक्ति ने साढ़े तीन वर्ष पहले कोतवाली तालबेहट में तहरीर देकर बताया था कि 29 सितंबर 2017 को दोपहर करीब एक बजे उसकी आठ वर्षीय पुत्री घर से दुकान पर बिस्किट लेने जा रही थी। रास्ते में ग्राम हर्षपुर निवासी रूपलाल सहरिया मिला और पुत्री को गोद में उठाकर कहने लगा कि चलो तुम्हें बिस्किट दिलाता हूं। पुत्री को दुकान पर न ले जाकर खेत की तरफ ले जाने लगा, तो पुत्री ने मना किया और चिल्लाने लगी। जब उसने चिल्लाना बंद नहीं किया तो वह अंगोछे से पुत्री का गला दबाने लगा।
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मैं अपने भाई के साथ खेत पर काम कर रहा था, पुत्री के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसे बचाने के लिए दौड़ा, तब तक रूपलाल ने अंगोछे से पुत्री के गले में फंदा डालकर खींच दिया और उसकी मौत हो गई। रूपलाल जान से मारने की धमकी देता हुआ मौके से भाग गया। पुत्री को ले जाते वक्त पत्नी ने भी देखा था और ले जाने से मना किया था, लेकिन रूपलाल नहीं माना था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, गाली-गलौज व जान से मारने को धमकाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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शनिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए बालिका की हत्या के मामले में दोषी पाते हुए रूपलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई एवं पचास हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर तीस हजार रुपये मृतका के माता- पिता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाने के आदेश दिए।
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