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जिले भर में आई आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 20 May 2015 12:17 AM IST
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ललितपुर। मंगलवार को आयी तेज आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी की रफ्तार ने तूफान का रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे जिले में नुकसान की खबर है। ग्राम चढ़रऊ और धवारी में एक दर्जन मकानों में आग लग गई।
मंगलवार को दिन में काफी गर्मी थी, जिससे लोग परेशान थे। शाम होते- होते मौसम ने अचानक करवट ली और धूल भरी आंधी आने की संभावनाएं बढ़ गई। शाम करीब सवा सात बजे तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। हालांकि, रोस्टिंग के कारण बिजली बंद थी। हवाएं चलने का सिलसिला करीब दस मिनट बाद अचानक तेज हो गया और चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंट की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। इससे चारों तरफ धूल ही धूल नजर आने लगी। शाम को मार्केट में निकले लोगों ने आंधी आती देख तेजी से घर की ओर रुख किया।
इसी बीच हवाओं की रफ्तार बढ़ गई और जिला अस्पताल के किनारे एक पेड़ गिर पड़ा। साथ ही चाय की दुकानों के टप्पर उड़ गए। गनीमत रही कि उस समय आसपास कोई नहीं था। वहंीं, स्टेशन रोड पर तीन स्थानों पर पेड़ गिर गए। कंपनी बाग के बाहर दुकानों के टिनशेड उड़ गए। कोतवाली में लगा यूकेलिप्टस का बड़ा पेड़ उखड़कर कोतवाली के बाहर एक दुकान पर गिरा, लेकिन गनीमत रही कि दुकान का नुकसान नहीं हुआ। पूरे शहर में लगे ज्यादातर होर्डिंग उखड़ गए। कस्बा मड़ावरा, बार, नाराहट, महरौनी, बांसी, जखौरा समेत जिले भर में आंधी का असर देखा गया। दुकानों के ऊपर रखे टिनशेड उड़ गए और कई स्थानों पर पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ है।
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ग्राम चिगलौआ में कच्चे मकानों के छपरैल उड़ गए। एक स्थान पर पेड़ गिरने से करीब दस हजार ईंटे चकनाचूर हो गए। वहीं, ग्राम चढ़रऊ और धवारी में आई तेज आंधी के कारण ईंट के भट्टा से उठी चिंगारी ने बड़ा रूप ले लिया और आसपास के करीब एक दर्जन मकानों ने आग पकड़ ली। जैसे-तैसे लोगों ने उस पर काबू पाया। वहीं, शादी के पंडाल उखड़ गए। लोगों ने सुरक्षित बचने के लिए ठौर तलाशी। इस दौरान शादियों का मजा किरकिरा हो गया।
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मंगलवार को दिन में काफी गर्मी थी, जिससे लोग परेशान थे। शाम होते- होते मौसम ने अचानक करवट ली और धूल भरी आंधी आने की संभावनाएं बढ़ गई। शाम करीब सवा सात बजे तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। हालांकि, रोस्टिंग के कारण बिजली बंद थी। हवाएं चलने का सिलसिला करीब दस मिनट बाद अचानक तेज हो गया और चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंट की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। इससे चारों तरफ धूल ही धूल नजर आने लगी। शाम को मार्केट में निकले लोगों ने आंधी आती देख तेजी से घर की ओर रुख किया।
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इसी बीच हवाओं की रफ्तार बढ़ गई और जिला अस्पताल के किनारे एक पेड़ गिर पड़ा। साथ ही चाय की दुकानों के टप्पर उड़ गए। गनीमत रही कि उस समय आसपास कोई नहीं था। वहंीं, स्टेशन रोड पर तीन स्थानों पर पेड़ गिर गए। कंपनी बाग के बाहर दुकानों के टिनशेड उड़ गए। कोतवाली में लगा यूकेलिप्टस का बड़ा पेड़ उखड़कर कोतवाली के बाहर एक दुकान पर गिरा, लेकिन गनीमत रही कि दुकान का नुकसान नहीं हुआ। पूरे शहर में लगे ज्यादातर होर्डिंग उखड़ गए। कस्बा मड़ावरा, बार, नाराहट, महरौनी, बांसी, जखौरा समेत जिले भर में आंधी का असर देखा गया। दुकानों के ऊपर रखे टिनशेड उड़ गए और कई स्थानों पर पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ है।
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ग्राम चिगलौआ में कच्चे मकानों के छपरैल उड़ गए। एक स्थान पर पेड़ गिरने से करीब दस हजार ईंटे चकनाचूर हो गए। वहीं, ग्राम चढ़रऊ और धवारी में आई तेज आंधी के कारण ईंट के भट्टा से उठी चिंगारी ने बड़ा रूप ले लिया और आसपास के करीब एक दर्जन मकानों ने आग पकड़ ली। जैसे-तैसे लोगों ने उस पर काबू पाया। वहीं, शादी के पंडाल उखड़ गए। लोगों ने सुरक्षित बचने के लिए ठौर तलाशी। इस दौरान शादियों का मजा किरकिरा हो गया।