फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Left the worries of home and family for Ram's work... endured lathicharge and jail time

Lalitpur News: रामकाज के लिए छोड़ी घर-परिवार की चिंता...खाई लाठियां और जेल की हवा

Tue, 09 Jan 2024 12:46 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jan 2024 12:46 AM IST
विज्ञापन
Left the worries of home and family for Ram's work... endured lathicharge and jail time
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

ललितपुर-मड़ावरा। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में मड़ावरा के तमाम कारसेवकों का योगदान रहा है। वर्ष 1990 में विवादित ढांचा गिराए जाने की तैयारी के लिए कई कारसेवक अयोध्या गए. लेकिन पुलिस-प्रशासन ने रास्ते में धरपकड़ कर जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया। कारसेवकों ने पुलिस की लाठियां खाईं और जेल भी गए, लेकिन हिम्मत नहीं हारी।
मड़ावरा से विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन प्रचार मंत्री प्रभुदयाल त्रिपाठी लंकेश के नेतृत्व में वरिष्ठ भाजपा नेता हरनारायण शर्मा, जीवन बाबू जैन, भरतसिंह पिसनारी, पूर्व प्रधान परमानंद सोनी, सनत जैन, अरविंद जैन समेत कई कारसेवक अयोध्या के लिए रवाना हुए थे, जिनमें से अधिकांश को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कारसेवकों से की गई बातचीत के अंश...
विज्ञापन


-----------फोटो-01
राममंदिर निर्माण आंदोलन के तहत 51 बार अयोध्या गए। 1990 में अयोध्या रवाना होने पर प्रशासन ने गिरफ्तार कर उरई जेल में 35 दिन रखा। 1992 में दोबारा अयोध्या जाते समय गिरफ्तार कर ललितपुर जेल में रखा, फिर भी श्रीराम से लगन में कोई कमी नहीं आई और आज सभी कारसेवकों के त्याग का प्रतिफल मिलने जा रहा है।-प्रभुदयाल त्रिपाठी, कारसेवक
विज्ञापन
विज्ञापन


-----------फोटो-02, देवेंद्र सिंह
कारसेवा के लिए अयोध्या जाने के दौरान नाराहट में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार तिवारी और परागीलाल के साथ उरई जेल में रखा गया। दबाव में लेने के लिए मीसा के तहत कार्रवाई भी झेलनी पड़ी। 17 दिन तक जेल में रहने के बाद सम्मान सहित रिहाई मिलने पर मंदिर आंदोलन में सहयोग करते रहे। देवेंद्र कुमार सिंह, कारसेवक

-------------फोटो-03, भरतसिंह
वर्ष 1990 में मंदिर आंदोलन के लिए घर पर गर्भवती पत्नी और बच्चों की चिंता छोड़कर निकल पड़े। रास्ते में पुलिस ने गिरफ्तार कर उरई जेल में रखा, जहां लाठीचार्ज के दौरान चोटिल भी हुए, फिर भी श्रीराम से लगाव कम नहीं हुआ। आज अयोध्या में राममंदिर निर्माण होते देख जीवन धन्य हो गया।-भरत सिंह, कारसेवक


---------फोटो-04, हरनारायण शर्मा
वर्ष 1990 में कारसेवा में मड़ावरा से जीवन बाबू जैन, अरविंद जैन दद्दी और सनत कुमार जैन का भी सहयोग रहा। ये तीनों विभूतियां अब संसार में नहीं हैं, लेकिन मंदिर के लिए उनका त्याग कारगर हुआ। आज वे लोग जहां भी होंगे, उनकी आत्मा भव्य मंदिर निर्माण देखकर तृप्त हो रही होगी।-हरनारायण शर्मा, कारसेवक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed