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नहर के पानी का रिसाव होने से कीचड़ में बदला रास्ता

Sat, 09 Jan 2021 02:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 02:08 AM IST
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left canal leakage muudy roads
गोविंद सागर बांध की बाई नहर से पानी का रिसाव होने से नहर का रास्ता हुआ कीचड़ में तब्दील - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। गोविंद सागर बांध की बाई नहर से पानी का रिसाव हो रहा है। इससे नहर का रास्ता कीचड़ में बदल गया है। वहीं, आसपास के खाली प्लॉट में भी पानी जमा हो रहा है। ऐसे में पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। नहर लगभग 40 साल पुरानी है।
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गोविंद सागर बांध की बाई नहर शहर के बीच से होकर निकली है। इसकी शुरूआत मोहल्ला आजादपुरा से होती है जो रामनगर से होते हुए ग्रामीण क्षेत्र में निकलती है। लगभग 40 साल पुरानी नहर होने के कारण इसकी पटरी में जगह-जगह छेद बन गए हैं, जिससे पानी का रिसाव होने लगा है। जब भी नहर में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है, तब नहर से पानी के रिसाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हालांकि, विभाग द्वारा इसकी मरम्मत कराई जाती है लेकिन वह उतनी कारगर साबित नहीं होती है। इस बार भी ऐसा ही हुआ, नहर खुलते ही नहर का पानी रास्ते में जमा होने लगा। वर्तमान में रास्ते में कीचड़ की समस्या हो गई है।
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नहर का रास्ता लेड़ियापुरा और तालाबपुरा को जोड़ता है, आए दिन गिरते हैं जानवर
तमाम लोग नहर पटरी पर चढ़कर रास्ता पार कर रहे हैं। नहर का रास्ता लेड़ियापुरा व तालाबपुरा को जोड़ता है, इससे मार्ग पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। वहीं, आसपास बस्ती वाले भी पानी के रिसाव से परेशान हो गए हैं। खाली प्लॉट में पानी भरने से मच्छर भी पनपने लगे हैं। विभागीय अफसर इससे अनभिज्ञ बने हुए हैं। नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि नहर को कवर्ड कराने की जरूरत है। खुली नहर खतरनाक साबित हो रही है। इसमें आए दिन अंधेरे में जानवर गिर जाते हैं। इसके अलावा छोटे बच्चों के गिरने का भी खतरा बना रहता है। राजेश चौबे और सोनू जायसवाल का कहना है कि कई के खेत में सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पाता है, ऐसी स्थिति में उन्हें अन्य इंतजाम कर सिंचाई करनी पड़ती है। नहर के खाली रहने पर उसमें गंदगी एकत्रित हो जाती है।
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नहर से पानी के रिसाव होने की जानकारी नहीं है। मौके पर कर्मियों को भेजकर वास्तविक स्थिति का पता लगा देते हैं।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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