{"_id":"5e4450df8ebc3ee6033e509c","slug":"lalitpur-tikamgarh-road-will-be-first-highway-lalitpur-news-jhs159934250","type":"story","status":"publish","title_hn":"ललितपुर टीकमगढ़ मार्ग बनेगा जिले का पहला स्टेट हाइवे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ललितपुर टीकमगढ़ मार्ग बनेगा जिले का पहला स्टेट हाइवे
विज्ञापन
lalitpur tikamgarh road will be first highway
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। देवगढ़-ललितपुर-बानपुर होते हुए टीकमगढ़ मार्ग जिले का पहला स्टेट हाइवे बनाया जाएगा। इसके बाद पूरी 71.5 किलोमीटर की सड़क सात मीटर चौड़ी की जाएगी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसके पूर्ण चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा।
ललितपुर से 32 किलोमीटर दूर स्थित देवगढ़ और ललितपुर से बानपुर होते हुए 45 किलोमीटर दूर जिला टीकमगढ़ ऐतिहासिक, धार्मिक और औद्योगिक उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। देवगढ़ के इतिहास का बुंदेलखंडवासियों के लिए काफी महत्व का है। दशावतार मंदिर और जैन तीर्थ मंदिरों की नगरी देवगढ़ बेतवा नदी के किनारे पर बसा है। यहां मंदिरों में प्रतिमाओं की नक्काशी व धार्मिकता को सहेजे परंपरा, महाभारतकालीन मुचकुंद गुुफा पुरातत्व व पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्व के स्थान हैं। ललितपुर के दूसरी ओर मध्य प्रदेश की सीमा पार टीकमगढ़ जिला भी ऐतिहासिक महत्व के कारण जाना जाता है। टीकमगढ़ का मूल नाम टेहरी है। यह जिला 1783 ईसवी में राजा विक्रमजीत की राजधानी था। यह जामनी, बेतवा और धसान की सहायक नदियों के पठार पर बसा है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग द्वारा देवगढ़ और टीकमगढ़ को ललितपुर से होते हुए सड़क मार्ग से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग और राज्य राजमार्ग के अधिकारियों ने देवगढ़ से ललितपुर और ललितपुर से टीकमगढ़ तक सड़क मार्ग को जनपद का पहला स्टेट हाइवे बनाने की योजना तैयार की। विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। देवगढ़ को ललितपुर घंटाघर, नदीपुरा, कैलगुवां चौराहा से बानपुर होते हुए टीकमगढ़ से जोड़ा जाना है। देवगढ़-ललितपुर-टीकमगढ़ मार्ग स्टेट हाइवे घोषित होने के बाद एचएन 132 के नाम से जाना जाएगा। यह जिले का पहला स्टेट हाइवे कहलाएगा। अभी तक ललितपुर से टीकमगढ़ तक की सड़क मार्ग से यात्रा खस्ताहाल सड़कों के कारण दो से ढाई घंटे में पूरी होती थी, लेकिन स्टेट हाइवे बन जाने के बाद सड़क यात्रा 40 से 50 मिनट में ही पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही ललितपुर से 45 किलोमीटर दूर टीकमगढ़ तक राज्यमार्ग बनने से छतरपुर, महोबा होते हुए पन्ना, रीवा व इलाहाबाद मार्ग के लिए वाहन यात्रा और व्यापारिक परिवहन भी सुलभ हो सकेगा।
चौड़ीकरण होने से यातायात होगा सुगम
देवगढ़-ललितपुर-टीकमगढ़ मार्ग को स्टेट हाइवे का दर्जा मिलने के बाद शहर में नदीपुरा, कैलगुवां तिराहा से कैलगुवां चौराहे तक कुछ हिस्सा सात मीटर चौड़ाई का किया जाएगा। नदीपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण होने से यातायात सुगम हो सकेगा। ललितपुर से कचनौंदा तक तो सात मीटर चौड़ाई की सड़क पहले से ही है। बानपुर से टीकमगढ़ तक सात मीटर चौड़ाई की सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
इंडीकेशन बोर्ड, कैटआई सूचक लगाए जाएंगे
जिले का पहला स्टेट हाइवे बनने के बाद 71.5 किलोमीटर के इस पूरे मार्ग पर जगह-जगह दिशा व स्थानों के नाम के इंडीकेशन बोर्ड व कैटआई सूचक लगेंगे। इससे वाहन चालकों को अपने जगह व मोड़सूचक आदि होने के चलते दिन व रात्रि में यात्रा करने के दौरान सुविधा हो सकेगी।
देवगढ़-ललितपुर व ललितपुर से कैलगुवां चौराहा व बानपुर होते हुए टीकमगढ़ तक स्टेट हाइवे बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य शुरु होगा।
- सुबोध कुमार
सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
विज्ञापन
ललितपुर से 32 किलोमीटर दूर स्थित देवगढ़ और ललितपुर से बानपुर होते हुए 45 किलोमीटर दूर जिला टीकमगढ़ ऐतिहासिक, धार्मिक और औद्योगिक उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। देवगढ़ के इतिहास का बुंदेलखंडवासियों के लिए काफी महत्व का है। दशावतार मंदिर और जैन तीर्थ मंदिरों की नगरी देवगढ़ बेतवा नदी के किनारे पर बसा है। यहां मंदिरों में प्रतिमाओं की नक्काशी व धार्मिकता को सहेजे परंपरा, महाभारतकालीन मुचकुंद गुुफा पुरातत्व व पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्व के स्थान हैं। ललितपुर के दूसरी ओर मध्य प्रदेश की सीमा पार टीकमगढ़ जिला भी ऐतिहासिक महत्व के कारण जाना जाता है। टीकमगढ़ का मूल नाम टेहरी है। यह जिला 1783 ईसवी में राजा विक्रमजीत की राजधानी था। यह जामनी, बेतवा और धसान की सहायक नदियों के पठार पर बसा है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग द्वारा देवगढ़ और टीकमगढ़ को ललितपुर से होते हुए सड़क मार्ग से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग और राज्य राजमार्ग के अधिकारियों ने देवगढ़ से ललितपुर और ललितपुर से टीकमगढ़ तक सड़क मार्ग को जनपद का पहला स्टेट हाइवे बनाने की योजना तैयार की। विभाग द्वारा इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। देवगढ़ को ललितपुर घंटाघर, नदीपुरा, कैलगुवां चौराहा से बानपुर होते हुए टीकमगढ़ से जोड़ा जाना है। देवगढ़-ललितपुर-टीकमगढ़ मार्ग स्टेट हाइवे घोषित होने के बाद एचएन 132 के नाम से जाना जाएगा। यह जिले का पहला स्टेट हाइवे कहलाएगा। अभी तक ललितपुर से टीकमगढ़ तक की सड़क मार्ग से यात्रा खस्ताहाल सड़कों के कारण दो से ढाई घंटे में पूरी होती थी, लेकिन स्टेट हाइवे बन जाने के बाद सड़क यात्रा 40 से 50 मिनट में ही पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही ललितपुर से 45 किलोमीटर दूर टीकमगढ़ तक राज्यमार्ग बनने से छतरपुर, महोबा होते हुए पन्ना, रीवा व इलाहाबाद मार्ग के लिए वाहन यात्रा और व्यापारिक परिवहन भी सुलभ हो सकेगा।
विज्ञापन
चौड़ीकरण होने से यातायात होगा सुगम
देवगढ़-ललितपुर-टीकमगढ़ मार्ग को स्टेट हाइवे का दर्जा मिलने के बाद शहर में नदीपुरा, कैलगुवां तिराहा से कैलगुवां चौराहे तक कुछ हिस्सा सात मीटर चौड़ाई का किया जाएगा। नदीपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण होने से यातायात सुगम हो सकेगा। ललितपुर से कचनौंदा तक तो सात मीटर चौड़ाई की सड़क पहले से ही है। बानपुर से टीकमगढ़ तक सात मीटर चौड़ाई की सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
इंडीकेशन बोर्ड, कैटआई सूचक लगाए जाएंगे
जिले का पहला स्टेट हाइवे बनने के बाद 71.5 किलोमीटर के इस पूरे मार्ग पर जगह-जगह दिशा व स्थानों के नाम के इंडीकेशन बोर्ड व कैटआई सूचक लगेंगे। इससे वाहन चालकों को अपने जगह व मोड़सूचक आदि होने के चलते दिन व रात्रि में यात्रा करने के दौरान सुविधा हो सकेगी।
देवगढ़-ललितपुर व ललितपुर से कैलगुवां चौराहा व बानपुर होते हुए टीकमगढ़ तक स्टेट हाइवे बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सड़कों का चौड़ीकरण का कार्य शुरु होगा।
- सुबोध कुमार
सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग।