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दुष्टों के संहार को हुआ कृष्ण अवतार: बलराम मिश्र
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शिवनगर स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास बलराम मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्टों का बालरूप में ही संहार कर दिया। इस दौरान गोकुल में नंद बाबा के यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म महोत्सव मनाया गया।
कथा व्यास ने कहा कि पूतना नाम की एक राक्षसी, जिसे कंस ने भेजा था, भगवान ने स्तनपान करके उसका उद्धार किया। इसके बाद सकट भंजन तृणावर्त इत्यादि की कथाओं का वर्णन किया। भगवान के नामकरण संस्कार हुए। इसके बाद मिट्टी खाने के बहाने से भगवान ने अपनी माता को विश्व रूप का दर्शन कराया था। तत्पश्चात भगवान के कालिया मर्दन की कथा सुनाई। भगवान यमुना जी में कूदकर कालिया नाग का उद्धार करते हैं। गोवर्धन पूजा की कथा विस्तार से बताते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा करवा कर इंद्रदेव का अभिमान नष्ट कराया। सभी ने भगवान गोवर्द्धन को 56 भोग का प्रसाद लगाया। इस मौके पर अंकित सिंह, चंद्रपाल सिंह, रामपाल सिंह, भगवत सिंह बैस, देवी सिंह, बलजीत सिंह बुंदेला आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। शिवनगर स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास बलराम मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्टों का बालरूप में ही संहार कर दिया। इस दौरान गोकुल में नंद बाबा के यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म महोत्सव मनाया गया।
कथा व्यास ने कहा कि पूतना नाम की एक राक्षसी, जिसे कंस ने भेजा था, भगवान ने स्तनपान करके उसका उद्धार किया। इसके बाद सकट भंजन तृणावर्त इत्यादि की कथाओं का वर्णन किया। भगवान के नामकरण संस्कार हुए। इसके बाद मिट्टी खाने के बहाने से भगवान ने अपनी माता को विश्व रूप का दर्शन कराया था। तत्पश्चात भगवान के कालिया मर्दन की कथा सुनाई। भगवान यमुना जी में कूदकर कालिया नाग का उद्धार करते हैं। गोवर्धन पूजा की कथा विस्तार से बताते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा करवा कर इंद्रदेव का अभिमान नष्ट कराया। सभी ने भगवान गोवर्द्धन को 56 भोग का प्रसाद लगाया। इस मौके पर अंकित सिंह, चंद्रपाल सिंह, रामपाल सिंह, भगवत सिंह बैस, देवी सिंह, बलजीत सिंह बुंदेला आदि मौजूद रहे।
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