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कोदों, फिकार खाकर जी रहे सहरिया
ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2015 12:55 AM IST
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ललितपुर। कांग्रेस पार्टी की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि ललितपुर जिले में सूखे से बुरा हाल है। लगभग 70 फीसदी खेत खाली पड़े हैं।
मनरेगा के काम बंद होने से रोजगार का कोई साधन नहीं रहा है। सहरिया समुदाय जंगली बीज कोदों व फिकार पीसकर जीवन-यापन करने को मजबूर हैं।
सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रीता बहुगुणा ने अतिवृष्टि से हुए फसल के नुकसान का आधा-अधूरा मुआवजा वितरण पर केंद्र व राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया तथा नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी व राहुल गांधी का बचाव किया। बहुगुणा ने कहा कि भाजपा को व्यापम घोटाला और राजस्थान का कोयला घोटाला नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया है। कई गांवों में 70 फीसदी खेतों में पानी के अभाव में फसल की बुवाई नहीं हो पाई है। बांधों से निकली नहरें सूखी पड़ी हैं, जिन कृषकों ने खेतों में फसल बो ली है, उनके सामने पलेवा का संकट है।
रीता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अतिवृष्टि का पूरा पैसा नहीं दिया है। वहीं, प्रदेश सरकार मुआवजे के पैसों को सही तरीके से वितरित नहीं करा सकी है। लेखपालों ने घूस लेकर मुआवजे का वितरण किया है। घूस नहीं दे पाए कृषक आज भी मुआवजे के इंतजार में हैं।
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गांवों में मनरेगा के काम बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। मजदूरों ने रोजगार की तलाश में पलायन शुरू कर दिया है। मवेशियों के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है।
सहरिया समुदाय के लोग जंगली बीज कोदों, फिकार, हल्के आलू की पतली सब्जी, चटनी और रोटी खाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। मई-जून माह में तो स्थिति और भयावह हो जाएगी। केंद्र सरकार इस मामले में संवेदनहीनता दिखा रही है।
प्रधानमंत्री सहित अन्य नेताओं को बुंदेलखंड क्षेत्र का भ्रमण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस फरवरी में विधानसभा सत्र के दौरान काम रोको प्रस्ताव लाएगी।
वर्ष 2008 में राहुल गांधी के कहने पर पैंतीस सौ करोड़ रुपये का बुंदेलखंड पैकेज दिया गया था। जिसका दुरुपयोग हुआ है। इस पैसे को भूमि संरक्षण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में नहीं लगाया गया है। यही नहीं, आज तक पैकेज को आनलाइन नहीं किया गया है।
दस जनवरी तक बुंदेलखंड के हालातों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके पश्चात प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसका अध्ययन कर राहुल गांधी बुंदेलखंड के दौरे पर आएंगे।
इस मौके पर राजेंद्र शर्मा, भानु सहाय, हरिकिशन बाबा, जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, अमित प्रिय जैन, आशाराम तिवारी, सुमत खां, रामगोपाल अहिरवार, विनोद मिश्र, बलवंत राजपूत, ऊदल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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मनरेगा के काम बंद होने से रोजगार का कोई साधन नहीं रहा है। सहरिया समुदाय जंगली बीज कोदों व फिकार पीसकर जीवन-यापन करने को मजबूर हैं।
सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रीता बहुगुणा ने अतिवृष्टि से हुए फसल के नुकसान का आधा-अधूरा मुआवजा वितरण पर केंद्र व राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया तथा नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी व राहुल गांधी का बचाव किया। बहुगुणा ने कहा कि भाजपा को व्यापम घोटाला और राजस्थान का कोयला घोटाला नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया है। कई गांवों में 70 फीसदी खेतों में पानी के अभाव में फसल की बुवाई नहीं हो पाई है। बांधों से निकली नहरें सूखी पड़ी हैं, जिन कृषकों ने खेतों में फसल बो ली है, उनके सामने पलेवा का संकट है।
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रीता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अतिवृष्टि का पूरा पैसा नहीं दिया है। वहीं, प्रदेश सरकार मुआवजे के पैसों को सही तरीके से वितरित नहीं करा सकी है। लेखपालों ने घूस लेकर मुआवजे का वितरण किया है। घूस नहीं दे पाए कृषक आज भी मुआवजे के इंतजार में हैं।
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गांवों में मनरेगा के काम बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। मजदूरों ने रोजगार की तलाश में पलायन शुरू कर दिया है। मवेशियों के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है।
सहरिया समुदाय के लोग जंगली बीज कोदों, फिकार, हल्के आलू की पतली सब्जी, चटनी और रोटी खाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। मई-जून माह में तो स्थिति और भयावह हो जाएगी। केंद्र सरकार इस मामले में संवेदनहीनता दिखा रही है।
प्रधानमंत्री सहित अन्य नेताओं को बुंदेलखंड क्षेत्र का भ्रमण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस फरवरी में विधानसभा सत्र के दौरान काम रोको प्रस्ताव लाएगी।
वर्ष 2008 में राहुल गांधी के कहने पर पैंतीस सौ करोड़ रुपये का बुंदेलखंड पैकेज दिया गया था। जिसका दुरुपयोग हुआ है। इस पैसे को भूमि संरक्षण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में नहीं लगाया गया है। यही नहीं, आज तक पैकेज को आनलाइन नहीं किया गया है।
दस जनवरी तक बुंदेलखंड के हालातों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके पश्चात प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसका अध्ययन कर राहुल गांधी बुंदेलखंड के दौरे पर आएंगे।
इस मौके पर राजेंद्र शर्मा, भानु सहाय, हरिकिशन बाबा, जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, अमित प्रिय जैन, आशाराम तिवारी, सुमत खां, रामगोपाल अहिरवार, विनोद मिश्र, बलवंत राजपूत, ऊदल सिंह आदि उपस्थित रहे।