फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   khasra

खसरा से 70 बच्चे बीमार

Wed, 28 Oct 2015 01:45 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Wed, 28 Oct 2015 01:45 AM IST
विज्ञापन
khasra
ललितपुर/बानपुर। बानपुर के ग्राम बिलाटा में एक साथ 70 बच्चों को खसरा होने से दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है। ग्राम बिलाटा में पिछले चार-पांच दिनों से बच्चों को बुखार व शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने की शिकायत शुरू हुई। धीरे-धीरे पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी और मंगलवार तक गांव में खसरा से पीड़ित बच्चों की संख्या 70 तक पहुंच गई। गांव के सभी बच्चों को बानपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
विज्ञापन

 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खसरा पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने की खबर पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और आननफानन में गांव में कैंप लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर बच्चों को बीमारी की रोकथाम की दवा पिलाई। टीम गांव में डेरा डाले हुए हैं।    इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बानपुर के प्रभारी डा. सिद्धार्थ जैन, फार्मासिस्ट मनीष, एएनएम सरोज बुंदेला, प्रमोद यादव, रतीराम झा की टीम ने बिलाटा गांव में कैंप लगाकर पीड़ित बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी। उधर, जिले में डेंगू का असर दबे पांव दस्तक दे रहा है। जिले में एक दर्जन से अधिक मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर कतई गंभीर नहीं है।
विज्ञापन


डेंगू के बढ़ रहे मरीज
जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मंगलवार को डेंगू के दो नये मामले सामने आए। अब तक दर्जन भर से ज्यादा मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से इसकी रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि मलेरिया विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम करना तो दूर, वह अभी तक इन मामलों को डेंगू हीं नहीं मान रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला मलेरिया अधिकारी केएस यादव का कहना है कि मंडल में केवल मेडिकल कॉलेज झांसी में ही अधिकृत डेंगू का एलाइजा टेस्ट उपलब्ध है। जबकि, जिला अस्पताल में डेंगू की जांच स्लाइड से की जा रही है। भारत सरकार व राज्य सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक एलाइजा जांच से पुष्टि होने के बाद ही डेंगू माना जाएगा। स्लाइड टेस्ट की जांच को मलेरिया विभाग नकार देता है।

कोई कदम नहीं उठाया
जिले में डेंगू के मामले सामने आने के बाद भी मलेरिया विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। अभी तक जिले में कहीं भी डेंगू के लार्वा की जांच के लिए सैंपलिंग नहीं की गई है। इसके अलावा मच्छर की रोकथाम के लिए भी विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है।

संक्रामक बीमारी है खसरा
ललितपुर। खसरा एक संक्रामक बीमारी है। सरकारी स्तर पर इसकी रोकथाम के पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं, पर जानकारी के अभाव में यह बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। यह बीमारी मरीज के खांसने और छींकने से स्वस्थ व्यक्ति में फैलती है। इससे बचाव का सबसे आसान तरीका यह है कि इस  मर्ज से पीड़ित रोगी से दूर रहें। खसरे से बचाव को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में वैक्सीन लगाई जाती है। अभिभावकों को चाहिए कि वह अपनों बच्चों को खसरे के टीके के साथ अन्य जरूरी टीके अवश्य लगवाएं।


यह हैं खसरे के लक्षण
ललितपुर। खसरा  मीजल्स वाइरस से फैलता है। इससे ग्रसित रोगी का पहले गला खराब होता है व उसके बाद बुखार आता है। इसमें नाक से पानी भी आ सकता है। यदि बीमारी का उचित उपचार न हो तो फेफड़े में भी इसका संक्रमण हो सकता है। बड़ों में यह संक्रमण वाइरल निमोनिया में बदल सकता है। अक्सर यह भी होता है कि खसरे के मरीज को सूखी खांसी आती है। मीजल्स वाइरल को रोकने के लिए कोई कारगर दवा उपलब्ध नहीं है, लेकिन बच्चों में शुरुआत में ही टीका लगवाकर इससे बचा जा सकता है। खसरे में पहले बुखार होता है और फिर दो-तीन दिन बाद माथे पर दाने आ जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed