ललितपुर। पति के दीर्घायु के लिए महिलाओं ने बुधवार को करवा चौथ का व्रत रखा। भगवान श्रीगणेश की पूजा अर्चना की और चांद को अर्घ्य देकर पति के दीर्घायु होने की कामना की। छलनी की ओट में चांद को देखकर पति के हाथों से जल ग्रहण किया और मुंह मीठा कर व्रत का पारण किया। शहर में कई जगह महिलाओं ने मंदिर व पार्क में सामूहिक रूप से भी करवा चौथ की पूजा की।
कोरोना काल के बाद करवा चौथ के व्रत को लेकर महिलाओं में सुबह से उत्साह का माहौल रहा। पूर्व में ही पूजन सामग्री, करवा, छलनी आदि की खरीदारी की गई थी। बुधवार की सुबह से ही महिलाओं ने पूजन अर्चन की तैयारी शुरू कर दी। भोर में महिलाओं ने ईष्ट देव की पूजा कर अपने कुल की परंपरा के अनुसार निर्जला व्रत का संकल्प लिया। इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार पूजा के लिए कढ़ी, चावल, खीर, पूड़ी, पुए, लड्डू, पंजीरी और पकवान तैयार किए। शाम को सज-धजकर शृंगार किया। पूजा के दौरान चौक डालकर घर के बड़े बुजुर्गों के साथ करवा चौथ की कहानी सुनी और अपना करवा भर कर पूजा की। चांद निकलने पर छत या बालकनी से पूजा-अर्चना कर चांद को अर्घ्य दिया। महिलाओं ने छलनी की ओट से चांद के दर्शन कर पति को देखा और आरती के बाद जल ग्रहण किया। पूजा पूरी होने के बाद महिलाओं ने पति और घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीष लिया। इस दौरान महिलाओं को पति और घर के बुजुर्गों से उपहार भी मिले। नगर के चौबयाना, आजादपुरा, तालाबपुरा, नेहरू नगर, वंशीधाम कालोनी, वृंदावन कालोनी, सिविल लाइन्स, बर्नी चौराहा, रिछारिया गली, महावीरपुरा, स्टेशन बाजार, रेलवे कालोनी समेत शहर के सभी स्थानों और तालबेहट, डोंगरा खुर्द, अर्जुन खिरिया, गुढ़ा खिरिया, जाखलौन, धौर्रा, पाली, बार, पुलवारा, नदनवारा, बांसी, जखौरा, देवगढ़, बिरधा, मड़ावरा, सैदपुर, अमझरा समेत सभी ग्रामीण इलाकों में करवा चौथ की धूम रही।