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कांजी हाउस- धन है, जमीन नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2016 01:06 AM IST
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कांजी हाउस- धन है, जमीन नहीं
- फोटो : Demo Pic
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ललितपुर। शहर में कांजी हाउस के निर्माण के लिए शासन ने नगर पालिका के खाते में धनराशि उपलब्ध करा दी है, लेकिन जमीन न होने से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इस कारण शहर वासियों को आवारा पशुओं से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
शहर में आवारा घूम रहे पशु हमेशा से ही स्थानीय नागरिकों व राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। कांजी हाउस के अभाव में इस समस्या का स्थाई निराकरण नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में कांजी हाउस का निर्माण कराने के लिए कान्हा पशु आश्रय योजना संचालित की जा रही है।
यह योजना विगत मार्च माह से संचालित की जा रही है। नगर पालिका ने अगस्त माह के अंत में शासन को करीब 3.49 करोड़ रुपए की लागत का प्रस्ताव तैयार करके भेजा था। कांजी हाउस के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम अमरपुर में स्थित ग्राम सभा की पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उक्त जमीन पूर्व में नगर पालिका को सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना कराने के लिए आवंटित की गई थी।
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शासन ने 29 सितंबर को नगर पालिका के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए प्रथम किस्त के रुप में 1.74 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की मंजूरी भी दे दी थी। 23 नवंबर को नगर पालिका के खाते में 1.74 करोड़ रुपए आ गए हैं। लेकिन जमीन के कारण पेच फंस गया है। अभी तक नगर पालिका व जिला प्रशासन कांजी हाउस के लिए जमीन नहीं तलाश पाए हैं।
-आखिर अब क्यों नहीं मिल पा रही मुफ्त में जमीन
कांजी हाउस का पूरा मामला ग्राम अमरपुर में स्थित ग्राम सभा की 10 एकड़ जमीन पर अटककर रह गया है। यह जमीन चार-पांच वर्ष पूर्व शहर के कचरा निस्तारण के लिए बनाए जा रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना के लिए नगर पालिका को मुफ्त में आवंटित की गई थी। लेकिन विभिन्न कारणों के चलते यहां पर प्लांट की स्थापना नहीं की जा रही है। इस कारण यह जमीन खाली पड़ी है। नगर पालिका ने इस 10 एकड़ जमीन के पांच एकड़ हिस्से पर कांजी हाउस का निर्माण कराने की जिला प्रशासन से स्वीकृति मांगी थी। राजस्व विभाग के नियमानुसार नगर पालिका ने उक्त जमीन को ग्राम सभा के लिए वापस कर दी थी, लेकिन अब समस्या यहां आ रही है कि ग्राम सभा अब नगर पालिका को मुफ्त में जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
विकल्प की तलाश जरूरी
शासन ने कांजी हाउस के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रुप में 1.74 करोड़ रुपए उपलब्ध करा दिया है। अब नगर पालिका को जमीन की तलाश तेजी से करनी होगी। ग्राम अमरपुर की जमीन के अलावा शहर में नगर पालिका के पास कुछ जमीनें हैं, जहां कांजी पांच एकड़ तो नहीं पर ढाई-तीन एकड़ जमीन में कांजी हाउस का निर्माण किया जा सकता है। स्थानीय इलाइट चौराहा के पास स्थित श्मशान घाट में नगर पालिका की काफी जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन पर भी कांजी हाउस का निर्माण किया जा सकता है। वहीं नगर पालिका व विद्युत विभाग के भी कैलगुवां व रामनगर में स्थित जमीन को एक्सचेंज करने का प्रस्ताव चल रहा है, इससे नगर पालिका के पास करीब ढाई एकड़ जमीन उपलब्ध हो जाएगी, इसपर भी कांजी हाउस का निर्माण किया जा सकता है।
-तालबेहट में भी चल रही जमीन की तलाश
नगर पालिका के साथ-साथ नगर पंचायत तालबेहट में इसी कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत की कांजी हाउस का निर्माण किया जाना है। तालबेहट में कांजी हाउस के निर्माण के लिए भी सितंबर माह में 3.42 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए प्रथम किश्त के रुप में 1.70 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी थी। 23 नवंबर को नगर पंचायत तालबेहट के खाते में भी प्रथम किश्त उपलब्ध करा दी गई है। अब तालबेहट में भी जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कांजी हाउस निर्माण शुरु नहीं हो पा रहा है।
राजस्व विभाग के नियमानुसार अमरपुर की जमीन कांजी हाउस के निर्माण के लिए निशुल्क आवंटित नहीं हो पा रही है, इसके लिए शासन को पत्र भेजकर मंजूरी मांगी गई है। जल्द ही जिला प्रशासन के सहयोग से जमीन की तलाश करके कांजी हाउस का निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
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शहर में आवारा घूम रहे पशु हमेशा से ही स्थानीय नागरिकों व राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। कांजी हाउस के अभाव में इस समस्या का स्थाई निराकरण नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में कांजी हाउस का निर्माण कराने के लिए कान्हा पशु आश्रय योजना संचालित की जा रही है।
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यह योजना विगत मार्च माह से संचालित की जा रही है। नगर पालिका ने अगस्त माह के अंत में शासन को करीब 3.49 करोड़ रुपए की लागत का प्रस्ताव तैयार करके भेजा था। कांजी हाउस के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम अमरपुर में स्थित ग्राम सभा की पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उक्त जमीन पूर्व में नगर पालिका को सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना कराने के लिए आवंटित की गई थी।
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शासन ने 29 सितंबर को नगर पालिका के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए प्रथम किस्त के रुप में 1.74 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की मंजूरी भी दे दी थी। 23 नवंबर को नगर पालिका के खाते में 1.74 करोड़ रुपए आ गए हैं। लेकिन जमीन के कारण पेच फंस गया है। अभी तक नगर पालिका व जिला प्रशासन कांजी हाउस के लिए जमीन नहीं तलाश पाए हैं।
-आखिर अब क्यों नहीं मिल पा रही मुफ्त में जमीन
कांजी हाउस का पूरा मामला ग्राम अमरपुर में स्थित ग्राम सभा की 10 एकड़ जमीन पर अटककर रह गया है। यह जमीन चार-पांच वर्ष पूर्व शहर के कचरा निस्तारण के लिए बनाए जा रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना के लिए नगर पालिका को मुफ्त में आवंटित की गई थी। लेकिन विभिन्न कारणों के चलते यहां पर प्लांट की स्थापना नहीं की जा रही है। इस कारण यह जमीन खाली पड़ी है। नगर पालिका ने इस 10 एकड़ जमीन के पांच एकड़ हिस्से पर कांजी हाउस का निर्माण कराने की जिला प्रशासन से स्वीकृति मांगी थी। राजस्व विभाग के नियमानुसार नगर पालिका ने उक्त जमीन को ग्राम सभा के लिए वापस कर दी थी, लेकिन अब समस्या यहां आ रही है कि ग्राम सभा अब नगर पालिका को मुफ्त में जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
विकल्प की तलाश जरूरी
शासन ने कांजी हाउस के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रुप में 1.74 करोड़ रुपए उपलब्ध करा दिया है। अब नगर पालिका को जमीन की तलाश तेजी से करनी होगी। ग्राम अमरपुर की जमीन के अलावा शहर में नगर पालिका के पास कुछ जमीनें हैं, जहां कांजी पांच एकड़ तो नहीं पर ढाई-तीन एकड़ जमीन में कांजी हाउस का निर्माण किया जा सकता है। स्थानीय इलाइट चौराहा के पास स्थित श्मशान घाट में नगर पालिका की काफी जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन पर भी कांजी हाउस का निर्माण किया जा सकता है। वहीं नगर पालिका व विद्युत विभाग के भी कैलगुवां व रामनगर में स्थित जमीन को एक्सचेंज करने का प्रस्ताव चल रहा है, इससे नगर पालिका के पास करीब ढाई एकड़ जमीन उपलब्ध हो जाएगी, इसपर भी कांजी हाउस का निर्माण किया जा सकता है।
-तालबेहट में भी चल रही जमीन की तलाश
नगर पालिका के साथ-साथ नगर पंचायत तालबेहट में इसी कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत की कांजी हाउस का निर्माण किया जाना है। तालबेहट में कांजी हाउस के निर्माण के लिए भी सितंबर माह में 3.42 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए प्रथम किश्त के रुप में 1.70 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी थी। 23 नवंबर को नगर पंचायत तालबेहट के खाते में भी प्रथम किश्त उपलब्ध करा दी गई है। अब तालबेहट में भी जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कांजी हाउस निर्माण शुरु नहीं हो पा रहा है।
राजस्व विभाग के नियमानुसार अमरपुर की जमीन कांजी हाउस के निर्माण के लिए निशुल्क आवंटित नहीं हो पा रही है, इसके लिए शासन को पत्र भेजकर मंजूरी मांगी गई है। जल्द ही जिला प्रशासन के सहयोग से जमीन की तलाश करके कांजी हाउस का निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका