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कैलाश जिपं अध्यक्ष निर्विरोध हुए निर्वाचित
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ललितपुर। नाम वापसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा के कैलाश नारायण निरंजन को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। जिला मजिस्ट्रेट ने राज्यमंत्री व सदर विधायक की मौजूदगी में विजेेता का प्रमाण पत्र प्रदान किया। उधर, कैलाश नारायण के निर्विरोध जिपं अध्यक्ष निर्वाचित होने पर समर्थकों ने मिठाई बांटी।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजेे की समयावधि में केवल एक ही नामांकन पत्र भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कैलाश नारायण निरंजन की ओर से जमा किया गया था। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अतल देवी को अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन उन्हें अनुमोदक नहीं मिल सका था। मंगलवार को दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र वापसी का समय तय था। इसके उपरांत जिला मजिस्ट्रेट अन्नावि दिनेश कुमार ने कैलाश नारायण निरंजन को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित किया। इस घोषणा की एक प्रति जिला पंचायत के सूचना पट पर भी चस्पा की गई है। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के दौरान राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन सहित कई जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। उधर, पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में मौजूद जिला पंचायत सदस्यों का शॉल और नारियल भेंटकर सम्मान किया गया।
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कॉलेज की राजनीति कर पहुंचे जिला पंचायत तक
ग्राम मिर्चवारा हाल निवासी रावतयाना कैलाश नारायण निरंजन ने राजनीति के पैतरे कॉलेज में पढ़ाई करते समय ही सीख लिए थे। उन्होंने चिरगांव में कृषि डिप्लोमा की पढ़ाई करते समय पहला चुनाव लड़ा था। इसके बाद उन्हें राजनीति भा गई। उन्होंने राजनीति में सीधे प्रवेश करने की जगह अपने भाई, भतीजे व पुत्र को राजनीति सिखाई और उन्हें स्थापित करने में मदद की। वर्तमान में उनका भतीजा मुकेश कुुमार मिर्चवारा का प्रधान है। बहु रीता उर्फ हेमा निरंजन किसान सेवा सहकारी समिति की अध्यक्ष पद पर पदासीन है। उनका पुत्र हरिओम निरंजन भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष है। उनकी राजनीति में रुचि होने से लोग उन्हें नेताजी कहकर भी पुकारते हैं।
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उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन के पुत्र हरिओम पंचायत चुनाव में किंग मेकर की भूमिका में नजर आए। उन्होंने अपने पिता को भाजपा से टिकट दिलाने से लेकर चुनाव की रणनीति में अहम भूमिका निभाई। उनकी रणनीति के आगे सपा के महारथी भी चित हो गए।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजेे की समयावधि में केवल एक ही नामांकन पत्र भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कैलाश नारायण निरंजन की ओर से जमा किया गया था। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने अतल देवी को अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन उन्हें अनुमोदक नहीं मिल सका था। मंगलवार को दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र वापसी का समय तय था। इसके उपरांत जिला मजिस्ट्रेट अन्नावि दिनेश कुमार ने कैलाश नारायण निरंजन को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित किया। इस घोषणा की एक प्रति जिला पंचायत के सूचना पट पर भी चस्पा की गई है। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के दौरान राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन सहित कई जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे। उधर, पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में मौजूद जिला पंचायत सदस्यों का शॉल और नारियल भेंटकर सम्मान किया गया।
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कॉलेज की राजनीति कर पहुंचे जिला पंचायत तक
ग्राम मिर्चवारा हाल निवासी रावतयाना कैलाश नारायण निरंजन ने राजनीति के पैतरे कॉलेज में पढ़ाई करते समय ही सीख लिए थे। उन्होंने चिरगांव में कृषि डिप्लोमा की पढ़ाई करते समय पहला चुनाव लड़ा था। इसके बाद उन्हें राजनीति भा गई। उन्होंने राजनीति में सीधे प्रवेश करने की जगह अपने भाई, भतीजे व पुत्र को राजनीति सिखाई और उन्हें स्थापित करने में मदद की। वर्तमान में उनका भतीजा मुकेश कुुमार मिर्चवारा का प्रधान है। बहु रीता उर्फ हेमा निरंजन किसान सेवा सहकारी समिति की अध्यक्ष पद पर पदासीन है। उनका पुत्र हरिओम निरंजन भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष है। उनकी राजनीति में रुचि होने से लोग उन्हें नेताजी कहकर भी पुकारते हैं।
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उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन के पुत्र हरिओम पंचायत चुनाव में किंग मेकर की भूमिका में नजर आए। उन्होंने अपने पिता को भाजपा से टिकट दिलाने से लेकर चुनाव की रणनीति में अहम भूमिका निभाई। उनकी रणनीति के आगे सपा के महारथी भी चित हो गए।
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