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मंडलायुक्त ने जल संस्थान का कसा ‘पेंच’
lalitpur
Updated Sun, 17 Apr 2016 12:50 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। मंडलायुक्त के राममोहन राव ने विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उनके निशाने पर जल संस्थान रहा। उन्होंने विभागीय अफसरों को फटकार लगाई। साथ ही निर्देश दिए कि सप्ताह में छह दिन पेयजल की समस्या से ग्रस्त गांव का सर्वे कर रिपोर्ट डीएम को प्रस्तुत करें।
शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त के राममोहन राव के निशाने पर जल संस्थान के अधिकारी और कर्मचारी रहे। उन्होंने विभाग के जूनियर इंजीनियरों को बुलाकर उनको आवंटित ग्रामों और उन ग्रामों में पेयजल समस्या से ग्रस्त ग्रामों के बारे में एक-एक करके जानकारी प्राप्त की और डेली डायरी नहीं लाने पर और सप्ताह में किए गए कार्यों की जानकारी ठीक से न प्रस्तुत किए जाने पर चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संस्थान में पाई गई गंदगी को लेकर फटकार लगाई और कहा कि सुधार न होने पर जिले से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों से उनके विभाग में जनपदस्तर पर तैनात कर्मचारियों विशेषकर जेई और एई के बारे में पूछा तथा स्टाफ की कमी पर शासन स्तर पर पत्राचार करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि हर विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में कराए गए निर्माणपरक कार्यों का सत्यापन टीम बनाकर कराया जाए। लाभार्थी परक योजनाओें से लाभान्वित लाभार्थियों के सत्यापन के साथ ही बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत कराए गए कार्यों के सत्यापन की बात भी कही। उन्होंने गांव में खुली बैठकें आयोजित कर इस वित्तीय वर्ष हेतु एक कार्ययोजना सभी विभागों को तैयार करने के निर्देश दिए। सभी खंड विकास अधिकारियों से उनके ब्लाक के विभिन्न गांवों में चल रहे मनरेगा के कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
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खंड विकास अधिकारियों ने बताया कि धनराशि के अभाव में कई गांवों में मनरेगा कार्य बाधित हैं, जिस पर उन्होेंने मनरेगा उपायुक्त को शासन से धनराशि का आवंटन कराने के लिए निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि चकरोडों का चिह्नीकरण कर मनरेगा के तहत कार्य कराएं तथा मौसम के अनुकूल पौधों का रोपण करें। उन्होेंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि ऐसे चकरोड जिन पर कब्जा है, उनको तत्काल कब्जा मुक्त कराएं। ग्राम स्तर पर तालाबों को खुदवाने के साथ ही प्रत्येक ग्राम से नलकूपों का चयन कर सूची उपलब्ध कराने के लिए खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने कहा कि जनपद के कई गांव पीने के पानी की समस्या से प्रभावित हैं। जल संस्थान और जल निगम के अधिकारी तथा कर्मचारी के साथ ही विकासखंड स्तर पर तैनात अधिकारी व कर्मचारी पूरी संवेदशीलता से जल समस्या के निस्तारण में जुट जाएं और ग्राम स्तर पर आने वाली परेशानियों से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराएं। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जनपद के लिए 20 एलईडी वैन भेजी गई हैं, जो जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही जनपद स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में सर्वे करेंगी। सभी अधिकारी जिनके क्षेत्र में एलईडी वैन का संचालन किया जाएगा, वह मौके पर उपस्थित रहकर विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।
आयुक्त ने सभी एसडीएम व तहसीलदार के साथ वीडीओ की डेली डायरी और लोकेशन रजिस्टर की जांच की। तहसील दिवस सहित अन्य शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता को परखने के लिए उन्होंने शिकायतकर्ता से दूरभाष पर बात की। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सपायरी दवाओं का वितरण न हो। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि वह आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित किए जा रहे पोषाहार का एक माह के अंदर उपभोग करने हेतु लाभार्थी को प्रेरित करें। सेक्रेट्री तथा लेखपाल प्रत्येक दशा में ग्राम स्तर पर उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। वह विभिन्न पेंशन के साथ आवासहीनो को आवासों से शत-प्रतिशत लाभान्वित करें।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी मिथलेश कुमार त्रिवेदी, मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय, समस्त एसडीएम, तहसीलदार तथा अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त के राममोहन राव के निशाने पर जल संस्थान के अधिकारी और कर्मचारी रहे। उन्होंने विभाग के जूनियर इंजीनियरों को बुलाकर उनको आवंटित ग्रामों और उन ग्रामों में पेयजल समस्या से ग्रस्त ग्रामों के बारे में एक-एक करके जानकारी प्राप्त की और डेली डायरी नहीं लाने पर और सप्ताह में किए गए कार्यों की जानकारी ठीक से न प्रस्तुत किए जाने पर चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संस्थान में पाई गई गंदगी को लेकर फटकार लगाई और कहा कि सुधार न होने पर जिले से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों से उनके विभाग में जनपदस्तर पर तैनात कर्मचारियों विशेषकर जेई और एई के बारे में पूछा तथा स्टाफ की कमी पर शासन स्तर पर पत्राचार करने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि हर विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में कराए गए निर्माणपरक कार्यों का सत्यापन टीम बनाकर कराया जाए। लाभार्थी परक योजनाओें से लाभान्वित लाभार्थियों के सत्यापन के साथ ही बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत कराए गए कार्यों के सत्यापन की बात भी कही। उन्होंने गांव में खुली बैठकें आयोजित कर इस वित्तीय वर्ष हेतु एक कार्ययोजना सभी विभागों को तैयार करने के निर्देश दिए। सभी खंड विकास अधिकारियों से उनके ब्लाक के विभिन्न गांवों में चल रहे मनरेगा के कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
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खंड विकास अधिकारियों ने बताया कि धनराशि के अभाव में कई गांवों में मनरेगा कार्य बाधित हैं, जिस पर उन्होेंने मनरेगा उपायुक्त को शासन से धनराशि का आवंटन कराने के लिए निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि चकरोडों का चिह्नीकरण कर मनरेगा के तहत कार्य कराएं तथा मौसम के अनुकूल पौधों का रोपण करें। उन्होेंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि ऐसे चकरोड जिन पर कब्जा है, उनको तत्काल कब्जा मुक्त कराएं। ग्राम स्तर पर तालाबों को खुदवाने के साथ ही प्रत्येक ग्राम से नलकूपों का चयन कर सूची उपलब्ध कराने के लिए खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने कहा कि जनपद के कई गांव पीने के पानी की समस्या से प्रभावित हैं। जल संस्थान और जल निगम के अधिकारी तथा कर्मचारी के साथ ही विकासखंड स्तर पर तैनात अधिकारी व कर्मचारी पूरी संवेदशीलता से जल समस्या के निस्तारण में जुट जाएं और ग्राम स्तर पर आने वाली परेशानियों से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराएं। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जनपद के लिए 20 एलईडी वैन भेजी गई हैं, जो जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही जनपद स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में सर्वे करेंगी। सभी अधिकारी जिनके क्षेत्र में एलईडी वैन का संचालन किया जाएगा, वह मौके पर उपस्थित रहकर विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।
आयुक्त ने सभी एसडीएम व तहसीलदार के साथ वीडीओ की डेली डायरी और लोकेशन रजिस्टर की जांच की। तहसील दिवस सहित अन्य शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता को परखने के लिए उन्होंने शिकायतकर्ता से दूरभाष पर बात की। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सपायरी दवाओं का वितरण न हो। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि वह आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित किए जा रहे पोषाहार का एक माह के अंदर उपभोग करने हेतु लाभार्थी को प्रेरित करें। सेक्रेट्री तथा लेखपाल प्रत्येक दशा में ग्राम स्तर पर उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। वह विभिन्न पेंशन के साथ आवासहीनो को आवासों से शत-प्रतिशत लाभान्वित करें।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी मिथलेश कुमार त्रिवेदी, मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय, समस्त एसडीएम, तहसीलदार तथा अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।