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Lalitpur News: राई नृत्य के साथ मोती-मंदिर पर भेंट किए जवारे
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संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा। रनगांव में चल रहे पशु मेले में भीषण गर्मी के बाद भी भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु मोती महाराज समेत महाकाली और संतोषी माता मंदिर पर जवारे अर्पित कर रहे हैं। लोक नृतकियां मंदिर परिसर में परंपरागत राई नृत्य प्रस्तुत करते हुए देवी-वंदना कर रही हैं।
मेला समिति अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरविंद खटीक ने बताया कि मोतीझरा (टाइफायड ) रोग से बचाव और सुरक्षा हेतु लोग मोती महाराज मंदिर पर जल चढ़ाते हैं। साथ ही देवी मंदिर पर जवारे भेंट कर राई लोकनृत्य भी किया जाता है। मान्यता है कि मोतीझरा की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति मोती महाराज के मंदिर पर जल चढ़ाकर वही जल अपने शरीर पर लगाए तो उसको बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनौती के अनुसार देवीमंदिर पर गाजे-बाजे और लोक-नर्तकियों द्वारा राई नृत्य के साथ जवारे भेंट करते हैं। आठ दिनों तक चलने वाले मेले में खेती-पाती के लिए मवेशियों की जमकर खरीद-बिक्री की जाती है। रनगांव मेला लोहे के बर्तन और औजारों के लिए भी जाना जाता है। मेले में ग्रामीणों द्वारा आम जरूरत की सामग्री, बर्तन, श्रृंगार, खेल-खिलौने की खरीदारी एवं झूलों का आनंद लिया जा रहा है। मेले में शांति एवं सुरक्षा के लिए अस्थाई पुलिस चौकी भी संचालित है।
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मड़ावरा। रनगांव में चल रहे पशु मेले में भीषण गर्मी के बाद भी भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु मोती महाराज समेत महाकाली और संतोषी माता मंदिर पर जवारे अर्पित कर रहे हैं। लोक नृतकियां मंदिर परिसर में परंपरागत राई नृत्य प्रस्तुत करते हुए देवी-वंदना कर रही हैं।
मेला समिति अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरविंद खटीक ने बताया कि मोतीझरा (टाइफायड ) रोग से बचाव और सुरक्षा हेतु लोग मोती महाराज मंदिर पर जल चढ़ाते हैं। साथ ही देवी मंदिर पर जवारे भेंट कर राई लोकनृत्य भी किया जाता है। मान्यता है कि मोतीझरा की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति मोती महाराज के मंदिर पर जल चढ़ाकर वही जल अपने शरीर पर लगाए तो उसको बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनौती के अनुसार देवीमंदिर पर गाजे-बाजे और लोक-नर्तकियों द्वारा राई नृत्य के साथ जवारे भेंट करते हैं। आठ दिनों तक चलने वाले मेले में खेती-पाती के लिए मवेशियों की जमकर खरीद-बिक्री की जाती है। रनगांव मेला लोहे के बर्तन और औजारों के लिए भी जाना जाता है। मेले में ग्रामीणों द्वारा आम जरूरत की सामग्री, बर्तन, श्रृंगार, खेल-खिलौने की खरीदारी एवं झूलों का आनंद लिया जा रहा है। मेले में शांति एवं सुरक्षा के लिए अस्थाई पुलिस चौकी भी संचालित है।
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